मेरठ में आईएमए और आईएससीसीएम ने मिलकर की कार्यशाला:ब्लड चढ़ाते समय सावधानियां बरतने की दी ट्रेनिंग, 65 पैरामेडिकल स्टाफ ने लिया हिस्सा
मेरठ में रविवार को आईएमए और इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन की ओर से ब्लड ट्रांसफ्यूजन पर कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें शहर के अलग-अलग अस्पतालों के करीब 65 पैरामेडिकल स्टाफ ने हिस्सा लिया। कार्यशाला में मरीजों को खून चढ़ाने के सुरक्षित तरीके और इस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में बताया गया। स्वास्थ्यकर्मियों को यह भी समझाया गया कि खून चढ़ाते समय मरीज की तबीयत बिगड़ने पर क्या कदम उठाने चाहिए। आईएमए मेरठ में आयोजित कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने वैज्ञानिक जानकारी के साथ व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। इसका उद्देश्य खून चढ़ाने की प्रक्रिया को सुरक्षित बनाना और मरीजों को संभावित जोखिम से बचाना था। रिएक्शन होने पर तुरंत कदम उठाने की जानकारी कार्यशाला में बताया गया कि खून चढ़ाने के दौरान कुछ मरीजों में प्रतिकूल प्रतिक्रिया हो सकती है। ऐसी स्थिति में किन लक्षणों पर ध्यान देना चाहिए, बचाव के लिए क्या सावधानियां जरूरी हैं और तुरंत कौन-से कदम उठाने चाहिए, इसकी जानकारी दी गई। विशेषज्ञों ने स्वास्थ्यकर्मियों को तय नियमों और प्रक्रियाओं का पालन करने पर जोर दिया, ताकि अस्पतालों में मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। अलग-अलग अस्पतालों के स्टाफ ने लिया हिस्सा कार्यशाला में अजय हॉस्पिटल, जेपी हॉस्पिटल, युग हॉस्पिटल, न्यूटिमा हॉस्पिटल, लोकप्रिय हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल, जसवंत राय हॉस्पिटल, माइक्रो लैब और वेलेंटिस हॉस्पिटल समेत कई संस्थानों के पैरामेडिकल स्टाफ शामिल हुए। आईएससीसीएम मेरठ चैप्टर के सचिव डॉ. मितुल जैन और चेयरमैन डॉ. वीएन त्यागी ने विशेषज्ञ के रूप में जानकारी दी। कार्यक्रम में आईएमए मेरठ के अध्यक्ष डॉ. आलोक अग्रवाल और सचिव डॉ. विजय सिंह भी मौजूद रहे। आयोजन में डॉ. मनीषा त्यागी का विशेष सहयोग रहा। समापन पर प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र दिए गए। आयोजकों ने कहा कि स्वास्थ्यकर्मियों के कौशल और मरीजों की सुरक्षा बेहतर बनाने के लिए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)