महाना के आवास के बाहर दिव्यांगों का धरना जारी:कानपुर में पुलिस दो कार्यकर्ताओं को ले गई, 6 महीने से सुनवाई नहीं होने का आरोप
कानपुर में विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना के लालबंगला स्थित आवास के बाहर रविवार को दिव्यांगों ने दूसरे दिन भी धरना दिया। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर तख्तियां लेकर पहुंचे थे। पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे धरने से नहीं उठे। इसके बाद पुलिस दो कार्यकर्ताओं को जीप में बैठाकर ले गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वे छह महीने से अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हो रही है। प्रदर्शन का नेतृत्व भारत दिव्यांग सेवा के संस्थापक और अध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव कर रहे हैं। प्रदीप श्रीवास्तव ने कहा कि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो वह एक दिवसीय अनशन करेंगे। उनकी मांगों में कार्यक्रम स्थल से कूड़ा हटवाना, अतिक्रमण की समस्या दूर करना, आवारा कुत्तों पर कार्रवाई और एक कार्यकर्ता को नौकरी दिलाना शामिल है। वहीं, विधानसभा अध्यक्ष के प्रतिनिधि का कहना है कि उनकी बात कई बार सुनी जा चुकी है और उन्हें समझाने का प्रयास किया जा रहा है। 6 महीने से अधिकारियों के चक्कर काटने का आरोप पनकी के रतनपुर निवासी प्रदीप श्रीवास्तव का आरोप है कि वह छह महीने से अपनी मांगों को लेकर विधानसभा अध्यक्ष और नगर आयुक्त के कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं। हर बार उन्हें आश्वासन मिलता है, लेकिन समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है। प्रदीप के मुताबिक, शनिवार को वह सतीश महाना के कार्यालय पहुंचे थे। वहां नगर आयुक्त से बातचीत कराने की बात कही गई, लेकिन काफी देर इंतजार करने के बाद भी उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ। इसके बाद वह आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी दौरान विधानसभा अध्यक्ष के पीआरओ शानू शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने पैर छूकर गलती मानी और इसके बाद पुलिस बुला ली। पुलिस प्रदीप श्रीवास्तव और एक अन्य कार्यकर्ता को चौकी ले गई। कुछ देर बाद छोड़े जाने पर उन्होंने दोबारा धरना शुरू कर दिया। नौकरी से लेकर सफाई तक की मांग प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि 29 नवंबर को प्रमिला सभागार में ग्लोबल कॉरपोरेशन का वार्षिक अधिवेशन प्रस्तावित है। इसके लिए अनुमति नहीं मिलने से परेशानी हो रही है। वहीं, जीटी रोड स्थित द्वारिकापुरी में विश्व दिव्यांग दिवस का कार्यक्रम होना है। उनका कहना है कि आयोजन स्थल के आसपास कूड़े के ढेर और अतिक्रमण के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। क्षेत्र में आवारा कुत्तों के काटने की घटनाओं को लेकर भी शिकायत की गई, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। इसके अलावा, उन्होंने अपने एक कार्यकर्ता को नौकरी दिलाने की मांग उठाई है। प्रदीप का कहना है कि इन समस्याओं को लेकर कई बार अधिकारियों से गुहार लगाई गई, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। इसी वजह से उन्हें धरने पर बैठना पड़ा। प्रतिनिधि बोले- कई बार सुनी जा चुकी है बात विधानसभा अध्यक्ष के प्रतिनिधि सुरेंद्र अवस्थी ने बताया कि प्रदीप श्रीवास्तव कई बार मिलने आ चुके हैं। उन्हें सम्मानपूर्वक बैठाकर उनकी बात सुनी गई है। उन्होंने नौकरी की मांग की थी, जिसे पूरा कराना संभव नहीं है। अवस्थी के मुताबिक, पिछले दो दिनों से प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया जा रहा है, लेकिन वे मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने कहा कि सतीश महाना लखनऊ गए हैं। उनके वापस आने पर मुलाकात कराने का आश्वासन दिया गया है। प्रदीप श्रीवास्तव ने बताया कि रविवार दोपहर करीब 1:30 बजे वह आधा दर्जन कार्यकर्ताओं के साथ बातचीत के लिए पहुंचे थे। उनका कहना है कि बातचीत से समाधान नहीं निकला तो वह एक दिवसीय अनशन करेंगे।
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