'मस्जिदों के ध्वस्तीकरण मामलों को हाईकोर्ट ले जाएंगे':भीम आर्मी जय भीम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष बोले- वंचितों को न्याय दिलाएंगे
प्रयागराज में रविवार को भीम आर्मी जय भीम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष मंजीत सिंह नौटियाल ने उत्तर प्रदेश में मस्जिदों के ध्वस्तीकरण, दलितों-पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के कथित उत्पीड़न समेत कई मुद्दों पर कानूनी लड़ाई लड़ने का ऐलान किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में पुरानी मस्जिदों को अतिक्रमण के नाम पर तोड़े जाने के मामलों को इलाहाबाद हाईकोर्ट में उठाया जाएगा। संगठन इन मामलों में कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रहा है। नौटियाल ने यह भी कहा कि प्रदेश के सभी 75 जिलों में जिलाधिकारी (DM), पुलिस अधीक्षक (SP) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) की नियुक्तियों में आरक्षण के नियमों के पालन की स्थिति की जांच कराई जाएगी। उन्होंने दलित, पिछड़े, अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदायों से जुड़े मुद्दों को न्यायपालिका के सामने उठाने की बात कही। हाईकोर्ट के पास डॉ. आंबेडकर की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण रविवार को प्रयागराज पहुंचे मंजीत सिंह नौटियाल ने हाईकोर्ट के पास डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि संगठन वंचित समुदायों के साथ होने वाले कथित अत्याचार और शोषण के मामलों में कानूनी रास्ता अपनाएगा। उन्होंने सहारनपुर, लखीमपुर, बाराबंकी, श्रावस्ती, बहराइच और बरेली में मस्जिदों से जुड़े मामलों का जिक्र किया। आरोप लगाया कि अवैध निर्माण और अतिक्रमण के नाम पर मस्जिदों को तोड़ने की कार्रवाई से मुस्लिम समुदाय को निशाना बनाया जा रहा है। धार्मिक स्वतंत्रता के अधिकारों का दिया हवाला नौटियाल ने संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 का हवाला देते हुए धार्मिक स्वतंत्रता और धार्मिक स्थलों से जुड़े अधिकारों की बात कही। उन्होंने सरकारी धन से धार्मिक स्थलों के लिए बजट आवंटन में भेदभाव होने का आरोप लगाते हुए इसकी जांच की मांग भी की। हालांकि, संबंधित मामलों में कानूनी कार्रवाई और याचिका दाखिल करने की विस्तृत प्रक्रिया के बारे में उन्होंने कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। SIR और 2027 के विधानसभा चुनाव पर भी उठाए सवाल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े विवाद और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि चुनाव से जुड़े विवादों में कानूनी रास्ता अपनाया जाना चाहिए। उन्होंने वर्ष 2027 में होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को निष्पक्ष तरीके से कराने की जरूरत पर जोर दिया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त से जुड़े मामले को हाईकोर्ट में उठाने की बात भी कही, हालांकि प्रस्तावित याचिका की कानूनी प्रक्रिया का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया। 75 जिलों में अधिकारियों की नियुक्तियों में आरक्षण की जांच की मांग मंजीत सिंह नौटियाल ने कहा कि संगठन उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में डीएम, एसपी और एसएसपी की नियुक्तियों में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और अल्पसंख्यक समुदायों के प्रतिनिधित्व की स्थिति की जांच कराएगा। उन्होंने किसानों की फसल के मुआवजे, किसान आत्महत्या और दलित-पिछड़े समुदायों के कथित उत्पीड़न के मुद्दे भी उठाए। चेतावनी दी कि यदि इन वर्गों के साथ अत्याचार नहीं रुका, तो आगामी चुनावों में इसके राजनीतिक परिणाम देखने को मिल सकते हैं। इस दौरान संगठन के प्रदेश अध्यक्ष लीगल सेल अखिलेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश महासचिव एडवोकेट सुभाष गौतम, नवनियुक्त प्रदेश सचिव फातिमा जहरा समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। बैठक में संगठन को बूथ स्तर पर मजबूत करने और आगामी चुनावों की तैयारियों पर भी चर्चा की गई।
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