मतदाता सूची विशेष अभियान पर सपा ने उठाए सवाल:चुनाव आयोग से राजनीतिक दलों की बैठक बुलाने की मांग

Oct 06, 2026 - 20:07
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मतदाता सूची विशेष अभियान पर सपा ने उठाए सवाल:चुनाव आयोग से राजनीतिक दलों की बैठक बुलाने की मांग
समाजवादी पार्टी ने प्रदेश में शुरू किए गए मतदाता सूची के विशेष अभियान को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। सपा प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को ज्ञापन देकर भारत निर्वाचन आयोग से राजनीतिक दलों की तत्काल बैठक बुलाने और विशेष अभियान से जुड़े सभी निर्देश साझा करने की मांग की है। पार्टी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दलों से चर्चा किए बिना एकतरफा तरीके से विशेष अभियान शुरू किया गया है। सपा ने कहा कि अभियान के तहत दिए गए निर्देशों की जानकारी प्रदेश स्तर के साथ-साथ जिला स्तर पर भी राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को दी जानी चाहिए। पार्टी का दावा है कि इससे मतदाता सूची को लेकर पारदर्शिता बनी रहेगी और किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटने की आशंका नहीं रहेगी। सपा का आरोप- भाजपा को फायदा पहुंचाने के लिए 50 लाख वोट बढ़ाने का लक्ष्य ज्ञापन में सपा ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के दबाव में प्रदेश में 5 अक्टूबर 2026 से एक महीने का विशेष मतदाता सूची अभियान शुरू किया गया है। पार्टी ने दावा किया कि मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने अपने कार्यकर्ताओं से प्रत्येक बूथ पर कम से कम 200 मतदाता जोड़ने को कहा था, लेकिन कार्यकर्ता ऐसा नहीं कर सके। सपा ने आरोप लगाया कि अब चुनाव आयोग की ओर से प्रत्येक बीएलओ को 20 से 25 नए मतदाता जोड़ने का लक्ष्य दिया गया है। पार्टी के मुताबिक, इस हिसाब से प्रदेश में करीब 50 लाख नए मतदाता जोड़ने का लक्ष्य बनता है। सपा ने इसे भाजपा को लाभ पहुंचाने की कोशिश बताया है। हालांकि, यह आरोप पार्टी की ओर से लगाया गया है। 166 दिन चला था एसआईआर का अभियान सपा ने ज्ञापन में मतदाता सूची पुनरीक्षण की पिछली प्रक्रिया का भी उल्लेख किया है। पार्टी के मुताबिक, एसआईआर की घोषणा 27 अक्टूबर 2025 को हुई थी। इसके बाद 4 नवंबर 2025 से 1 लाख 62 हजार 486 बूथों पर बीएलओ ने घर-घर जाकर मतदाताओं से गणना प्रपत्र भरवाए। 6 जनवरी 2026 को ड्राफ्ट मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जबकि 10 अप्रैल 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन हुआ। सपा की ओर से कहा गया है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में अब 100 दिन से भी कम समय बचा है। ऐसे में एक महीने का विशेष अभियान पूरा होने के बाद मतदाता सूची का एक महीने का वार्षिक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण भी होना है। सपा ने इतने कम समय में बार-बार मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया को लेकर भी सवाल उठाए हैं। बरेली-मुरादाबाद में नाम हटाने से पहले कारण दर्ज करने की मांग सपा ने विशेष रूप से बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची को लेकर चिंता जताई है। पार्टी ने मांग की है कि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से नहीं हटाया जाए। सपा ने यह भी कहा है कि यदि किसी मतदाता को अपात्र मानकर उसका नाम हटाया जाता है तो संबंधित अधिकारी, कर्मचारी अथवा शिक्षक का नाम और मतदाता को अपात्र मानने का स्पष्ट कारण अभिलेख में दर्ज किया जाए। पार्टी ने इन जानकारियों को सार्वजनिक करने की भी मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तर प्रदेश को सपा की ओर से प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल में के.के. श्रीवास्तव, डॉ. हरिश्चन्द्र सिंह यादव और राधेश्याम सिंह शामिल रहे। प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से मांगों पर तत्काल कार्रवाई करने और राजनीतिक दलों के साथ समन्वय बनाकर मतदाता सूची के विशेष अभियान को आगे बढ़ाने की मांग की।

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