मुजफ्फरनगर में सड़क किनारे फेंके सैकड़ों एक्सपायर इंजेक्शन, VIDEO:जौली रोड पर CEFSID-1GM का पूरा कार्टन कचरे में फेंका गया, बच्चे कूड़े से उठाकर ले जाते दिखे

Oct 12, 2026 - 08:08
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मुजफ्फरनगर में सड़क किनारे फेंके सैकड़ों एक्सपायर इंजेक्शन, VIDEO:जौली रोड पर CEFSID-1GM का पूरा कार्टन कचरे में फेंका गया, बच्चे कूड़े से उठाकर ले जाते दिखे
मुजफ्फरनगर में दवाओं के निस्तारण को लेकर गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। नई मंडी कोतवाली क्षेत्र में जौली रोड पर बिलासपुर गांव के बाहरी छोर पर सैकड़ों एक्सपायर इंजेक्शन सड़क किनारे कूड़े के ढेर में फेंके मिले। इंजेक्शन का पूरा कार्टन वहां पड़ा हुआ है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि कूड़े में पड़े इन इंजेक्शनों को बच्चे उठाकर ले जाते दिखाई दिए। मामले का वीडियो सोमवार सुबह करीब 6 बजे सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद दवाओं के सुरक्षित निस्तारण पर सवाल उठने लगे हैं। संक्रमण का खतरा भी पैदा हो सकता है जानकारी के मुताबिक, सड़क किनारे फेंके गए इंजेक्शन CEFSID-1GM नाम से बताए जा रहे हैं। इनमें सेफ्ट्रियाक्सोन (Ceftriaxone) इंजेक्शन शामिल हैं। बड़ी संख्या में एक्सपायर इंजेक्शन एक कार्टन में पड़े मिले। इन्हें किसने वहां फेंका और ये किस अस्पताल, मेडिकल स्टोर या स्वास्थ्य संस्थान से आए, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। मामले का सबसे गंभीर पहलू बच्चों का इन इंजेक्शनों को कूड़े से उठाकर ले जाना है। इस्तेमाल की तारीख निकल चुकी दवाओं को खुले में फेंकने से बच्चे या अन्य लोग इनके संपर्क में आ सकते हैं। इंजेक्शन की शीशियां टूटने या इस्तेमाल की गई सुइयां मौजूद होने की स्थिति में चोट और संक्रमण का खतरा भी पैदा हो सकता है। हालांकि, मौके पर मिले इंजेक्शनों की वास्तविक स्थिति और उनकी पैकिंग के बारे में जांच के बाद ही स्पष्ट जानकारी सामने आएगी। निस्तारण की जिम्मेदारी की जांच जरूरी एक्सपायर दवाओं को खुले में फेंकने से मिट्टी और आसपास के वातावरण पर भी असर पड़ सकता है। ऐसी दवाओं का निस्तारण निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जाना जरूरी है। सड़क किनारे कार्टन भरकर इंजेक्शन फेंके जाने की घटना से यह सवाल उठ रहा है कि इतनी बड़ी मात्रा में दवाएं वहां कैसे पहुंचीं और इनके निस्तारण की जिम्मेदारी किसकी थी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित विभाग ने मौके का निरीक्षण किया है या इंजेक्शनों को हटाने के लिए कोई कार्रवाई की गई है। मामले में दवाओं के स्रोत, एक्सपायरी और निस्तारण की जिम्मेदारी की जांच जरूरी है, ताकि यह पता चल सके कि इतनी बड़ी मात्रा में इंजेक्शन खुले में किसने फेंके।

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