मुंबई के रहने वाले शाहिद की तलाश में छापेमारी:आजमगढ़ के पते पर हासिल किया है रिवाल्वर का लाइसेंस, SIR प्रक्रिया में भी सहभागिता के मिले सुबूत

Oct 06, 2026 - 20:40
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मुंबई के रहने वाले शाहिद की तलाश में छापेमारी:आजमगढ़ के पते पर हासिल किया है रिवाल्वर का लाइसेंस, SIR प्रक्रिया में भी सहभागिता के मिले सुबूत
आजमगढ़ जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के मिर्जापुर ब्लाक के पते पर रिवाल्वर का लाइसेंस हासिल करने वाले शाहिद मोहम्मद खान की तलाश में पुलिस की टीम छापेमारी कर रही है। एक दिन पूर्व बांदा के रहने वाले और वर्तमान में मुंबई में रह रहे मोहम्मद इबराक को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि आरोपी पुलिस को काफी समय तक गुमराह करता रहा जिसके बाद इस बात की पुष्टि हो सकी कि आरोपी बांदा जिले का रहने वाला है और वर्तमान में मुंबई की अंधेरी में रहता है। मोहम्मद इबराक और मोहम्मद शाहिद के रिवाल्वर का लाइसेंस वर्ष 2010 में बना था। जहां मोहम्मद इब्राहिम के रिवाल्वर के लाइसेंस का नंबर 315/2010 था। वही मोहम्मद शाहिद की रिवाल्वर का लाइसेंस नंबर 314/2010 था। हालांकि अभी तक जिले की पुलिस या नहीं पता कर पाए कि मोहम्मद शाहिद किस जिले का रहने वाला है। इन दोनों आरोपियों के लिए फर्जी पते का इंतजाम मिर्जापुर ब्लाक के रहने वाले अयाज बेग ने कराया था। जो कि फरार चल रहा है। पुलिस इस मामले की भी जांच में जुटी हुई है कि अयाज बेग ने जिले में कितने दूसरे जिलों के रहने वाले लोगों के फर्जी डॉक्यूमेंट के आधार पर लाइसेंस बनवाए हैं। जिले में यदि लाइसेंसी हथियार की बात की जाए तो लगभग 17 000 लाइसेंसी हथियार हैं। SIR में भी जुड़वाया नाम आजमगढ़ जिले की एस आई आर प्रक्रिया में सेंधमारी किए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पूर्व मार्च 2026 में मलेशिया की नागरिकता हासिल करने वाले मोहम्मद कुड्डूस ने भी आजमगढ़ की SIR प्रक्रिया में सहभागिता कर ली थी। मलेशिया की नागरिकता हासिल कर भारत की सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के साथ-साथ डबल पासपोर्ट बनवाने के मामले में आरोपी को जेल भी भेजा गया था। हालांकि आरोपी को जमानत भी मिल गई और मलेशिया भी निकल गया। वहीं फर्जी पते पर लाइसेंस हासिल करने वाले निजामाबाद थाना क्षेत्र के मिर्जापुर के 308 नंबर मकान के नाम से बांदा के रहने वाले और वर्तमान में मुंबई में रह रहे मोहम्मद इबराक के साथ ही मोहम्मद शाहिद का भी नाम अंकित है। हालांकि गांव के लोगों से बातचीत करने पर गांव के लोगों ने इबराक और शाहिद नाम के किसी भी व्यक्ति को गांव का होने से साफ इनकार किया गया है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है की अयाज बेग ने किस तरह से सिस्टम में सेंधमारी करते हुए बाहरी लोगों को आजमगढ़ की SIR प्रक्रिया से जोड़ने का काम किया है। अब ऐसे में जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की टीम इस पूरे मामले की छानबीन में जुटी हुई है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस पूरे मामले में जिला प्रशासन किस तरह की कार्रवाई दोषियों पर करता है।

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