मुरादाबाद की रामलीला में राम-सीता बने मुंबई के कलाकार:राम ने इंजीनियरिंग छोड़ी; सीता मेकअप आर्टिस्ट से बनीं एक्ट्रेस
मुरादाबाद की 120 साल पुरानी रामलीला में राम, सीता और लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले कलाकारों की कहानी दिलचस्प है। अनमोल भट्ट, अनु समित और राहुल सिंह अपने अभिनय से दर्शकों का दिल जीत रहे हैं। प्रभु श्रीराम बने अनमोल भट्ट ने इंजीनियरिंग की नौकरी छोड़कर अभिनय चुना। माता सीता का रोल कर रहीं अनु समित पहले मेकअप आर्टिस्ट थीं। लक्ष्मण बने राहुल सिंह को बचपन से ही अभिनय का शौक था। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग के रहने वाले अनमोल ने कंप्यूटर साइंस में इंजीनियरिंग की थी। उनके पिता कमलेश्वर प्रसाद आरटीओ कार्यालय में काम करते हैं। दो साल नौकरी करने के बाद अनमोल का मन नहीं लगा। एक फिल्म देखने के बाद उन्होंने नौकरी छोड़ दी और मुंबई चले गए। वहां उन्हें अभिनय की दुनिया में जगह बनाने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा। आखिरकार, उन्हें वेब सीरीज 'दिल की दास्तां' में काम मिला और उनकी एक फिल्म भी जल्द रिलीज होने वाली है। अनमोल को बचपन से ही मंच पर अभिनय करना पसंद था। स्कूल के दिनों में भी वह कार्यक्रमों में हिस्सा लेते थे। मुरादाबाद की रामलीला में उन्हें एक दोस्त के माध्यम से प्रभु श्रीराम का किरदार निभाने का अवसर मिला। अनमोल कहते हैं कि श्रीराम की भूमिका निभाते समय उन्हें अलग ही शांति का अनुभव होता है। उनके लिए यह सिर्फ अभिनय नहीं, बल्कि ऐसा अनुभव है, जो उन्हें भीतर से खुशी देता है।
मेकअप करते-करते अभिनय की दुनिया में पहुंचीं अनु
माता सीता का किरदार निभा रहीं अनु समित का जन्म दिल्ली में हुआ और उन्होंने अपनी पढ़ाई भी वहीं पूरी की। अभिनय की दुनिया में आने से पहले उन्होंने मुंबई में मेकअप आर्टिस्ट के रूप में काम किया। वह शूटिंग के सेट पर दूसरे कलाकारों का मेकअप करती थीं। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें भी अभिनय में हाथ आजमाने की सलाह दी। शुरुआत में यह उनके लिए एक नया अनुभव था, लेकिन धीरे-धीरे उन्होंने भी कैमरे के सामने अपनी पहचान बनाने की कोशिश शुरू कर दी। अनु को सीरियल 'लाल इश्क' में काम करने का मौका मिला। इसमें उनके अभिनय को दर्शकों ने पसंद किया। इसके बाद अभिनय के क्षेत्र में उनका सफर आगे बढ़ता गया। मुरादाबाद की रामलीला में माता सीता की भूमिका निभाने का प्रस्ताव उन्हें कमेटी सदस्य रोहित बंसल के माध्यम से मिला। रोहित बंसल की मुलाकात अनु से इंडियन आइडल के दौरान हुई थी। उन्हें पहले भी कई बार माता सीता का किरदार निभाने के प्रस्ताव मिले थे, लेकिन इस बार उन्होंने इसे स्वीकार कर लिया। अब वह मंच पर माता सीता के रूप में अपने अभिनय से दर्शकों का मन मोह रही हैं। बचपन में छिपकर जाते थे जागरण, अब सात साल से निभा रहे लक्ष्मण लक्ष्मण का किरदार निभाने वाले राहुल सिंह मूल रूप से हापुड़ जिले के पिलखुवा कस्बे के रहने वाले हैं। उन्हें बचपन से ही अभिनय का शौक था। यह शौक इतना गहरा था कि वह घरवालों से छिपकर जागरण देखने चले जाते थे। वहां होने वाली झांकियों में कभी हनुमान तो कभी सुदामा बनकर हिस्सा लेते थे। हालांकि, उनके इस तरह जाने पर घर में कई बार डांट भी पड़ती थी, लेकिन अभिनय के प्रति उनका लगाव कम नहीं हुआ। राहुल ने 12वीं तक पढ़ाई करने के बाद मंचन करना शुरू कर दिया। मुरादाबाद की रामलीला में उन्हें लक्ष्मण का किरदार निभाते हुए सात साल हो चुके हैं। वह बताते हैं कि जब पहली बार उन्हें रामलीला के लिए बुलाया गया था तो उन्हें प्रभु श्रीराम की भूमिका मिलने की उम्मीद थी, लेकिन उनके चेहरे के भाव और आवाज में गुस्से का अंदाज देखकर उन्हें लक्ष्मण का किरदार दे दिया गया। इसके बाद से वह लगातार इस भूमिका को निभा रहे हैं। आज राहुल लक्ष्मण के किरदार को पूरी ईमानदारी से निभाते हैं। उनके लिए यह भूमिका सिर्फ मंच पर संवाद बोलने तक सीमित नहीं है, बल्कि उस पात्र के स्वभाव और भावनाओं को दर्शकों तक पहुंचाने का जरिया भी है। तीनों कलाकारों का सफर अलग-अलग रहा है। किसी ने अपना करियर बदलकर अभिनय को चुना तो किसी ने दूसरे कलाकारों के बीच रहकर इस दुनिया में कदम रखा। वहीं, किसी ने बचपन के शौक को अपनी पहचान बना लिया। अब रामलीला के मंच पर तीनों के अभिनय को दर्शकों का प्यार मिल रहा है।
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