नैमिषारण्य में नवरात्र पर मां-ललिता देवी मंदिर में उमड़ी भीड़:गज पर सवार होकर आएंगी मां भगवती, 88 हजार ऋषियों की तपोस्थली में जगमगाया दरबार
सीतापुर में 88 हजार ऋषियों की तपोस्थली नैमिषारण्य में शारदीय नवरात्र के प्रथम दिन रविवार को विश्वविख्यात शक्तिपीठ मां ललिता देवी मंदिर में श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से ही मां भगवती के दर्शन-पूजन के लिए भक्तों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंज उठा। नवरात्र महोत्सव को लेकर मंदिर को आकर्षक विद्युत झालरों और रंग-रोगन से सजाया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस वर्ष मां भगवती का आगमन गज यानी हाथी पर माना गया है। इसे सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है। नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना की। विद्युत सजावट से जगमगाया मां का दरबार नवरात्र महोत्सव के लिए मंदिर परिसर में विशेष सजावट कराई गई है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए प्रसाद वितरण समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं। मंदिर के प्रधान पुजारी एवं कालीपीठाधीश्वर आचार्य गोपाल शास्त्री ने बताया कि नवरात्र के नौ दिनों तक विशेष पूजा-अर्चना होगी। प्रतिदिन सुबह 8:30 बजे और रात 8 बजे मां भगवती की आरती की जाएगी। उन्होंने श्रद्धालुओं से आरती में शामिल होकर मां का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की। ललितोपाख्यान में वर्णित है मां की महिमा मां ललिता देवी की महिमा का वर्णन ब्रह्मांड पुराण के ललितोपाख्यान में मिलता है। धार्मिक मान्यताओं में मां ललिता त्रिपुरसुंदरी को आदिशक्ति और जगज्जननी के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है। भंडासुर वध का प्रसंग अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है। नैमिषारण्य स्थित चक्रतीर्थ और मां ललिता देवी मंदिर देशभर के श्रद्धालुओं की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। नवरात्र में विभिन्न राज्यों से भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। संभावित भीड़ को देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए हैं। नवरात्र के पहले दिन मंदिर में उमड़ी भीड़ से पूरी तीर्थनगरी भक्तिमय हो उठी। नैमिषारण्य में सुरक्षा व्यवस्था के तहत 2 सीओ, 4 इंस्पेक्टर,12 सबइंस्पेक्टर, 80 महिला आरक्षी, 139 पुरुष आरक्षी,1 प्लाटून पीएसी सहित 3 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को तैनात किया गया है।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)