नंदीग्राम में बड़ा सियासी उलटफेर, ममता की उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन!

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से ममता बनर्जी गुट की प्रत्याशी संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया। उनके शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद यह घटनाक्रम सामने आया। इसके बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की।

Sep 18, 2026 - 17:06
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नंदीग्राम में बड़ा सियासी उलटफेर, ममता की उम्मीदवार ने वापस लिया नामांकन!

दि राइजिंग न्यूज | नंदीग्राम | 18 सितंबर 2026

पश्चिम बंगाल की नंदीग्राम विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव से पहले राजनीतिक घटनाक्रम तेजी से बदल गया है। ममता बनर्जी गुट की ओर से मैदान में उतारी गईं संचिता प्रधान डे ने शुक्रवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। यह फैसला नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख से एक दिन पहले हुआ है। संचिता के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी गुट ने नंदीग्राम में कांग्रेस प्रत्याशी को समर्थन देने का फैसला किया है।

शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात के बाद वापस लिया नामांकन

संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने से पहले उनकी पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात हुई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार यह मुलाकात राज्य सचिवालय नबान्न में हुई, जहां संचिता अपने पति के साथ पहुंची थीं। मुलाकात के कुछ समय बाद उन्होंने चुनावी दौड़ से हटने का फैसला किया। हालांकि, उनके नामांकन वापस लेने के पीछे की आधिकारिक वजह को लेकर अभी स्पष्ट विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

ममता गुट ने कांग्रेस प्रत्याशी को दिया समर्थन

संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी ने नंदीग्राम सीट पर कांग्रेस के प्रत्याशी मिलन प्रधान को समर्थन देने की घोषणा की। ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी पार्टी का यह फैसला व्यापक राष्ट्रीय हित और विपक्षी गठबंधन की एकजुटता के संदर्भ में लिया गया है। इस घोषणा के साथ ही नंदीग्राम में ममता गुट की ओर से अलग प्रत्याशी उतारने की स्थिति समाप्त हो गई।

चुनाव आयोग के फैसले के बाद बदली स्थिति

इस घटनाक्रम से पहले चुनाव आयोग ने तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए थे। ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और फुटबॉल का चुनाव चिह्न दिया गया है। वहीं ऋतब्रत बनर्जी के गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम और लिफाफा चुनाव चिह्न मिला है। इसके बाद नंदीग्राम उपचुनाव में ममता गुट की चुनावी स्थिति और पार्टी की पहचान को लेकर नया घटनाक्रम सामने आया।

नंदीग्राम में अब मुकाबले की तस्वीर बदली

संचिता प्रधान डे के नामांकन वापस लेने के बाद ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट का नंदीग्राम में अपना प्रत्याशी नहीं रह गया है। कांग्रेस ने इस सीट से मिलन प्रधान को उम्मीदवार बनाया है, जबकि भारतीय जनता पार्टी ने हसीरानी रथ को मैदान में उतारा है। ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट की ओर से भी प्रत्याशी मैदान में है। इस तरह नामांकन वापसी के बाद नंदीग्राम उपचुनाव की तस्वीर पहले की तुलना में बदल गई है।

नंदीग्राम क्यों है महत्वपूर्ण

नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में लंबे समय से महत्वपूर्ण विधानसभा क्षेत्र रहा है। वर्ष 2021 के विधानसभा चुनाव में यहां ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी के बीच सीधा राजनीतिक मुकाबला हुआ था। इसके बाद शुभेंदु अधिकारी ने यह सीट छोड़ी, जिसके कारण यहां उपचुनाव की स्थिति बनी। आगामी उपचुनाव में नामांकन वापसी और नए राजनीतिक समीकरणों ने इस सीट को फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

उपचुनाव की तारीख भी तय

नंदीग्राम विधानसभा सीट पर उपचुनाव 6 अक्टूबर 2026 को होना निर्धारित है और मतगणना 9 अक्टूबर को होगी। नामांकन वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मैदान में बचे प्रत्याशियों की स्थिति स्पष्ट हो रही है। राजनीतिक दलों के बीच प्रचार अभियान भी आगे बढ़ेगा। चुनाव परिणाम आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मतदाताओं ने किस प्रत्याशी के पक्ष में जनादेश दिया।

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