नगर निगम में कांग्रेस का हंगामा:गरीब नगर में 4 मकान तोड़ने का विरोध, पार्षद के दबाव में कार्रवाई का आरोप
आगरा के गरीब नगर रतनपुरा में पांच मकान ढहाए जाने के बाद शनिवार को कांग्रेस ने नगर निगम में हंगामा किया। पीड़ित परिवार के साथ कांग्रेस्र कार्यकर्ता निगम पहुंचे। नगर आयुक्त कार्यालय के बाहर धरना दिया। उन्होंने पार्षद के दबाव में बिना किसी आदेश और नोटिस दिए ध्वस्तीकरण करने का आरोप लगाया। आगरा के गरीब नगर रतनपुरा क्षेत्र में नगर निगम की बुलडोजर कार्रवाई को लेकर पीड़ितों में भारी आक्रोश फैल गया है। हाल ही में निगम प्रशासन द्वारा रातों-रात ढहाए गए पांच मकानों के पीड़ित शनिवार को अपनी फरियाद और सवाल लेकर नगर निगम पहुंचे। बेघर हुए परिवारों ने अधिकारियों से सीधे सवाल दागे कि आखिर किस आदेश और किस नियम के तहत उनके आशियानों पर बुलडोजर चलाया गया?
"न नोटिस दिया, न सामान निकालने का मौका"
शनिवार दोपहर को कांग्रेस कार्यकर्ता और पीड़ित नगर निगम पहुंचे। पीड़ितों का कहना है कि कार्रवाई से पहले उन्हें न तो कोई कारण बताओ नोटिस जारी किया गया और न ही अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि रातों-रात अचानक हुई इस दंडात्मक कार्रवाई से उनका पूरा सामान मलबे में दबकर नष्ट हो गया। पीड़ितों ने सवाल उठाया कि यह जमीन आखिरकार किसकी है और किसके लिखित आदेश पर इतने परिवारों को बेघर करने का कदम उठाया गया?
पक्षपातपूर्ण कार्रवाई पर उठे गंभीर सवाल
कांग्रेस महानगर अध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। उन्होंने कहाकि गरीब नगर में केवल 4 मकान ही क्यों तोडे़ गए। किसके आदेश पर ये काम हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि क्षेत्रीय पार्षद का पति वहां पर मैरिज होम बनाना चाहता है, उसके दबाव में ही गरीबों के घर तोडे़ गए हैं।
उन्होंने कहाकि पीड़ित परिवार खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं। महिलाओं और बच्चों को भी परेशानी हो रही है। अपर नगर आयुक्त ने मामले की जांच के लिए 26 अक्टूबर तक का समय मांगा है। तब तक पीड़ित परिवारों के रहने और जीवन यापन की व्यवस्था नगर निगम को करनी चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)