नहटौर में श्रीमद्भागवत कथा:श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह प्रसंग सुनाया, फूलों की होली खेली
नहटौर में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के छठे दिन कथा पंडाल पूरी तरह भक्ति और उल्लास के रंग में सराबोर नजर आया। कथा-व्यास पूज्य श्री सुदामा जी महाराज ने अपने मुखारविंद से भगवान श्रीकृष्ण और देवी रुक्मिणी के पावन विवाह प्रसंग का ऐसा भावपूर्ण वर्णन किया कि उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे। विवाह का प्रसंग आते ही पूरा पंडाल ‘जय श्री कृष्णा’ और ‘राधे-राधे’ के जयकारों से गूंज उठा। इस दौरान श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ एक-दूसरे पर पुष्पवर्षा की और जमकर फूलों की होली खेली। भक्ति रस में डूबकर महिलाएं व पुरुष श्रद्धालु नृत्य करने लगे। कथा-व्यास ने रुक्मिणी विवाह का आध्यात्मिक मर्म समझाते हुए कहा कि जीव और ईश्वर का मिलन ही वास्तविक विवाह है। कार्यक्रम के अंत में भगवान की भव्य आरती उतारी गई और सभी भक्तों में प्रसाद का वितरण किया गया।
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