नोएडा में Ivory County पर 50 लाख का पर्यावरण जुर्माना:सेक्टर-116 का AQI बढ़ने पर प्रदूषण बोर्ड की जांच, खुले में पड़ा मिला मलबा, धूल रोकने के इंतजाम भी नहीं
सेक्टर-116 में चार दिन से एयर क्वालिटी इंडेक्स बढ़ने के बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने आसपास के इलाकों में जांच की। इस दौरान सेक्टर-115 में बन रहे आईवरी काउंटी प्रोजेक्ट में प्रदूषण रोकने के इंतजामों में कई खामियां मिलीं। इसके बाद प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने प्रोजेक्ट पर 50 लाख रुपए का पर्यावरण जुर्माना लगाया है। बोर्ड की टीम ने 5 अक्टूबर को प्रोजेक्ट की जांच की। यह प्रोजेक्ट सेक्टर-116 के एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग स्टेशन से करीब 750 मीटर दूर है। जांच के समय प्रोजेक्ट के डीजीएम विनोद कुमार सहानी भी मौजूद थे। जांच के दौरान प्रोजेक्ट के अंदर बिल्डिंग बनाने का सामान, मिट्टी और निर्माण का मलबा खुले में पड़ा मिला। इसे ढकने का कोई इंतजाम नहीं था। धूल को रोकने के लिए पानी का छिड़काव भी नहीं किया जा रहा था। प्रोजेक्ट के अंदर और बाहर रास्ते पर काफी धूल मिली। वाहनों के आने-जाने से धूल और उड़ रही थी। यहां भी पानी का छिड़काव नहीं किया जा रहा था। बिल्डिंग पर ग्रीन नेट भी नहीं लगा
प्रदूषण बोर्ड की टीम को निर्माणाधीन बिल्डिंग पर ग्रीन नेट नहीं लगा मिला। वहीं, स्प्रे गन से खुले में पेंट का काम किया जा रहा था। प्रोजेक्ट के चारों तरफ धूल को बाहर जाने से रोकने के लिए लगाई गई विंडब्रेकिंग वॉल भी मानकों के मुताबिक नहीं मिली। दो एंटी स्मॉग गन, दोनों बंद
प्रोजेक्ट में दो एंटी स्मॉग गन लगी मिली, लेकिन जांच के दौरान दोनों बंद थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि ये मशीनें मानकों के अनुसार भी स्थापित नहीं की गई थी। बोर्ड के मुताबिक सेक्टर-116 का एक्यूआई पिछले करीब चार दिनों से बढ़ रहा था। सीएक्यूएम के 29 सितंबर को जारी ग्रैप शेड्यूल में भी यहां की हवा वेरी पुअर श्रेणी में थी। इसके बाद आसपास के निर्माण कार्यों की जांच की गई।
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