नोएडा में साइबर ठगो को खाता देने वाला गिरफ्तार:खाते में आए थे 2.15 लाख रुपये, बदले में मिले 50 हजार रुपये, पुलिस कर रही जांच
ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने के आरोप में साइबर क्राइम थाना पुलिस ने 22 साल के युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी रुपये लेकर अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड साइबर ठगों को देता था। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया है। वाट्सऐप से संपर्क में रहता था
पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान रय्यान अंसारी के रूप में हुई है। वह दिल्ली के ईस्ट दिल्ली स्थित जगतपुरी का निवासी है। पुलिस ने 15 अक्टूबर को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के विश्लेषण और सूचना के आधार पर उसे नोएडा से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह टेलीग्राम और वाट्सऐप के जरिए साइबर अपराधियों के संपर्क में रहता था। रुपये लेकर उन्हें बैंक खाते उपलब्ध कराता था। खाते में ठगी के 2 लाख रुपए आए
इसके लिए उसने अपना बैंक खाता, पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड दिया था। पुलिस के अनुसार आरोपी के खाते में ठगी के 2 लाख 15 हजार 743 रुपये आए थे। खाता उपलब्ध कराने के बदले उसको 50 हजार रुपये मिले थे। पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल किए गए दो राज्यों में दर्ज है शिकायत बैंक खातों के संबंध में राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर दो शिकायतें दर्ज हैं। इनमें एक शिकायत उत्तर प्रदेश और दूसरी आंध्र प्रदेश से संबंधित है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठग धोखाधड़ी से हासिल रकम को दूसरे लोगों के बैंक खातों में मंगाते हैं। ऐसे खातों को म्यूल अकाउंट कहा जाता है। इनके जरिए ठगी की रकम को आगे दूसरे खातों में भेजा जाता है, जिससे आरोपियों तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। आईटी एक्ट में दर्ज है मुकदमा
इस मामले में थाना साइबर क्राइम में आईटी एक्ट की धारा में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कमीशन या कमाई के लालच में अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड, चेकबुक अथवा सिम कार्ड किसी दूसरे को न दें। साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत करें।
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