नोएडा में डिजिटल अरेस्ट का डर, 2.10 करोड़ की ठगी ...

नोएडा में साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर एक कारोबारी से 2.10 करोड़ रुपये की ठगी कर ली। फर्जी वारंट और वीडियो कॉल के जरिए कारोबारी को कई दिनों तक मानसिक दबाव में रखा गया। मामले में नोएडा साइबर पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। जांच में कई राज्यों से जुड़े साइबर नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

नोएडा में डिजिटल अरेस्ट का डर, 2.10 करोड़ की ठगी ...

दि राइजिंग न्यूज़ | नोएडा | 27 मई 2026

उत्तर प्रदेश के नोएडा में साइबर ठगों ने एक कारोबारी को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर 2 करोड़ 10 लाख रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दे दिया। आरोपियों ने कारोबारी को फर्जी वारंट और जांच एजेंसियों के नाम पर धमकाया और खुद को सरकारी अधिकारी बताकर कई दिनों तक मानसिक दबाव में रखा। मामले की शिकायत मिलने के बाद नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। इस घटना के सामने आने के बाद शहर के कारोबारियों और आम लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

फोन कॉल और वीडियो कॉल के जरिए बनाया गया दबाव

पुलिस अधिकारियों के अनुसार ठगों ने कारोबारी को फोन कर दावा किया कि उसके खिलाफ गंभीर आर्थिक अपराध और धन शोधन से जुड़ा मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद वीडियो कॉल के जरिए कारोबारी को कथित सरकारी दफ्तर और फर्जी दस्तावेज दिखाए गए। आरोपी लगातार उसे यह विश्वास दिलाते रहे कि यदि उसने जांच में सहयोग नहीं किया तो उसे तत्काल गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इसी डर और मानसिक दबाव में कारोबारी ने अलग-अलग खातों में करोड़ों रुपये ट्रांसफर कर दिए।

कई दिनों तक डिजिटल निगरानी में रखा गया कारोबारी

जांच में सामने आया है कि ठगों ने कारोबारी को कई दिनों तक डिजिटल निगरानी में रखा और उसे किसी से बातचीत न करने की चेतावनी भी दी। आरोपी खुद को पुलिस, जांच एजेंसी और न्याय विभाग का अधिकारी बताकर लगातार संपर्क में बने रहे। ठगी को असली दिखाने के लिए फर्जी गिरफ्तारी वारंट, सरकारी मोहर और आधिकारिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया गया। साइबर अपराधियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया ताकि कारोबारी को किसी तरह का शक न हो।

तकनीकी जांच के बाद एक आरोपी गिरफ्तार

नोएडा साइबर क्राइम थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और बैंक खातों के विवरण के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी कई राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोह से जुड़ा हुआ है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बैंक खाते, मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है और जल्द ही बड़ी कार्रवाई संभव है।

कई राज्यों में दर्ज हैं आरोपी के खिलाफ शिकायतें

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी के बैंक खातों के खिलाफ केरल, राजस्थान, गुजरात, कर्नाटक और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में शिकायतें दर्ज हैं। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि यह कोई छोटा गिरोह नहीं बल्कि देशभर में सक्रिय संगठित साइबर नेटवर्क है। अलग-अलग राज्यों की पुलिस और साइबर एजेंसियां भी अब इस मामले में जानकारी साझा कर रही हैं। माना जा रहा है कि इसी गिरोह ने कई अन्य लोगों को भी डिजिटल अरेस्ट के नाम पर निशाना बनाया है।

पुलिस ने लोगों को जारी की साइबर सतर्कता सलाह

अपर पुलिस उपायुक्त ने लोगों से अपील करते हुए कहा है कि कोई भी सरकारी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर डिजिटल अरेस्ट नहीं करती और न ही किसी से जांच के नाम पर पैसे ट्रांसफर करवाती है। यदि किसी व्यक्ति को इस तरह की धमकी भरी कॉल आती है तो तुरंत पुलिस और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करनी चाहिए। पुलिस ने लोगों को जागरूक रहने और किसी भी अनजान व्यक्ति के दबाव में आकर बैंक संबंधी जानकारी साझा न करने की सलाह दी है।