नरसी की गवाही में खुलेंगे पारस सोम से जुड़े राज:23 अक्टूबर से शुरू होगी कपसाड़ कांड केस में सुनवाई, पीड़ित पक्ष की सुरक्षा बढ़ी
मेरठ के सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी, 2026 को खेत पर काम करने जाते समय सुनीता जाटव की हत्या और उनकी बेटी रूबी के अपहरण के चर्चित मामले में अब 23 अक्टूबर से अदालत में ट्रायल शुरू होगा।
17 अक्टूबर से मुकदमे की सुनवाई शुरू होनी थी, लेकिन वकीलों की हड़ताल के कारण कार्यवाही आगे नहीं बढ़ सकी। अब निर्धारित तारीख पर मुकदमे की शुरुआत वादी नरसी की गवाही से होने की उम्मीद है।
नरसी के बयान इस मामले में अहम होंगे। उनकी गवाही के दौरान घटना से जुड़े घटनाक्रम, आरोपी पारस सोम की भूमिका और वारदात के बाद की परिस्थितियों से जुड़े तथ्यों पर अदालत में चर्चा होगी। सुनीता जाटव की हत्या और उनकी बेटी रूबी को अगवा किए जाने की घटना के बाद गांव में भारी तनाव फैला था। पुलिस ने मामले में पारस सोम को आरोपी बनाया है। अब अदालत में गवाहों के बयान और पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर अभियोजन पक्ष अपना मामला रखेगा। बचाव पक्ष को भी गवाहों से जिरह करने का अवसर मिलेगा। ऐसे में 23 अक्टूबर की कार्यवाही मुकदमे की दिशा के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। गवाही से खुलेगी सुनवाई की प्रक्रिया ट्रायल की शुरुआत में वादी नरसी के बयान दर्ज किए जाएंगे। अभियोजन पक्ष की ओर से गवाही के जरिए घटना की कड़ियां अदालत के सामने जोड़ी जाएंगी। इसके बाद बचाव पक्ष को गवाह से सवाल-जवाब करने का अवसर मिलेगा। मुकदमे में आगे अन्य गवाहों के बयान और साक्ष्य भी महत्वपूर्ण होंगे। हालांकि, नरसी की गवाही में क्या तथ्य सामने आते हैं, यह अदालत में बयान दर्ज होने के बाद ही स्पष्ट होगा। फिलहाल उनके बयानों को लेकर मामले से जुड़े लोगों की निगाहें 23 अक्टूबर की सुनवाई पर टिकी हैं। इन धाराओं में शुरु होगा ट्रायल - हत्या (सेक्शन 103 बीएनएस) : सुनीता जाटव पर फरसे से हमला किया गया था और उनकी मौत हो गई थी। - जबरन अपहरण (सेक्शन 140 बीएनएस/ तत्कालीन आईपीसी 364/366): युवती रूबी को तमंचे के बल पर डरा-धमकाकर जबरन गन्ने के खेत से अगवा करने और बंधक बनाकर रखा गया था। - SC-ST एक्ट (अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम): पीड़ित परिवार दलित समुदाय से होने के कारण और वारदात के वक्त जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल व प्रताड़ना को लेकर यह विशेष एक्ट लगाया गया है। -आर्म्स एक्ट : युवती को डराने के लिए अवैध हथियार (तमंचा) का इस्तेमाल करने का भी आरोप पारस सोम पर है। घटना से जुड़ा प्रमुख घटनाक्रम - सरधना थाना क्षेत्र के कपसाड़ गांव में 8 जनवरी, 2026 को सुनीता जाटव की हत्या का मामला सामने आया। इस वारदात ने क्षेत्र में सनसनी फैला दी। - सुनीता की बेटी रूबी को अगवा किए जाने का मामला भी इसी घटना से जुड़ा। पारस सोम पर हत्या और अपहरण से संबंधित आरोप हैं। - अदालत में 17 अक्टूबर से ट्रायल शुरू होना था, लेकिन वकीलों की हड़ताल के चलते कार्यवाही शुरू नहीं हो सकी। - अब 23 अक्टूबर से ट्रायल शुरू होने की तारीख निर्धारित है। मुकदमे की शुरुआत वादी नरसी के बयानों से होगी। ट्रायल में इन बिंदुओं पर रहेगी नजर - नरसी घटना के संबंध में अदालत के सामने क्या तथ्य रखते हैं। - पारस सोम से संबंधित आरोपों के समर्थन में अभियोजन पक्ष कौन-से साक्ष्य प्रस्तुत करता है। - दोनों घटनाओं के बीच संबंध को अभियोजन किस तरह अदालत में स्थापित करता है। - गवाही के दौरान बचाव पक्ष किन बिंदुओं पर सवाल उठाता है। - आगे की सुनवाई में कौन-से बयान और दस्तावेज मुकदमे के लिए महत्वपूर्ण साबित होते हैं। 23 अक्टूबर की सुनवाई क्यों अहम कपसाड़ कांड में वादी पक्ष की तरफ से केस लड़ने वाले एडवोकेट रिसायत अली बताते हैं कि 23 अक्टूबर को मुकदमे की गवाही की प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। वादी नरसी के बयान अभियोजन पक्ष के मामले को समझने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
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