PGT-संस्कृत भर्ती में ‘आचार्य’ डिग्री को मिले पीजी बराबर मान्यता:केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति ने CM योगी को लिखा पत्र
उत्तर प्रदेश में PGT-संस्कृत भर्ती के लिए ‘आचार्य’ की डिग्री को पोस्ट ग्रेजुएशन (PG) के बराबर मानने की मांग उठी है। केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष को पत्र लिखा है। उन्होंने इस डिग्री को मान्यता देने पर सकारात्मक फैसला लेने की अपील की है। यह मामला आयोग के विज्ञापन संख्या 06/2026 के तहत प्रवक्ता (PGT-संस्कृत) पद की भर्ती से जुड़ा है। फिलहाल इस पद के लिए मान्य विश्वविद्यालय से संस्कृत विषय में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री जरूरी है। कुलपति ने मांग की है कि तय पाठ्यक्रम और नियमों के तहत हासिल की गई ‘आचार्य’ की डिग्री को भी इसके बराबर माना जाए। पुराने सरकारी आदेशों का दिया हवाला प्रो. वरखेड़ी ने अपने पत्र में केंद्र सरकार के पुराने आदेशों और विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की अधिसूचना का हवाला दिया है। इनमें कार्मिक विभाग का 18 जुलाई 1972 का आदेश और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के उच्चतर शिक्षा विभाग का 15 अक्टूबर 2013 का पत्र शामिल है। इसके अलावा उन्होंने 5 जुलाई 2014 को जारी UGC की राजपत्र अधिसूचना का भी जिक्र किया है। कुलपति ने इन दस्तावेजों को पत्र के साथ भेजते हुए ‘आचार्य’ डिग्री की शैक्षिक मान्यता पर विचार करने का अनुरोध किया है। संस्कृत के अभ्यर्थियों को मिले मौका कुलपति का कहना है कि तय पाठ्यक्रम और नियमों के तहत ‘आचार्य’ की डिग्री हासिल करने वाले अभ्यर्थियों को भी PGT-संस्कृत भर्ती में मौका मिलना चाहिए। उन्होंने मुख्यमंत्री और आयोग अध्यक्ष से संबंधित दस्तावेजों के आधार पर उचित फैसला लेने की अपील की है। उनका कहना है कि इससे संस्कृत में उच्च शिक्षा प्राप्त योग्य अभ्यर्थियों को भर्ती में समान अवसर मिल सकेगा। हालांकि, ‘आचार्य’ डिग्री को इस भर्ती के लिए मान्य माना जाएगा या नहीं, इसका अंतिम फैसला संबंधित प्राधिकरण को लेना है।
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