फतेहपुर में डॉक्टर के गलत इंजेक्शन से बच्चे की मौत:CMO ने पीएचसी प्रभारी को नोटिस जारी कर मांगा जवाब, FIR के दिए निर्देश
फतेहपुर के विजयीपुर कस्बे में एक डॉक्टर के इलाज के दौरान शनिवार शाम एक बच्चे की मौत हो गई। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने विजयीपुर के पीएचसी प्रभारी डॉ. बृजेश पांडेय को नोटिस जारी किया है। नोटिस में क्षेत्र में लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं को लेकर जवाब मांगा गया है। नोटिस में कहा गया है कि पीएचसी प्रभारी अपने क्षेत्र में होने वाली सभी गतिविधियों के लिए जिम्मेदार हैं। डॉ. बृजेश पांडेय यहां 10 साल से अधिक समय से तैनात हैं। इसके बावजूद उनके कार्यक्षेत्र में लगातार ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे विभागीय स्तर पर मिलीभगत की आशंका जताई गई है। सीएमओ ने बताया कि क्षेत्र में पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने पीएचसी प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है कि उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव क्यों न भेजा जाए। नोटिस में क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी को लेकर भी जवाब मांगा गया है। सीएमओ ने बच्चे की मौत से जुड़े संस्थान के संचालक और संरक्षकों के खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही संबंधित कार्रवाई की रिपोर्ट उसी दिन दोपहर दो बजे तक उपलब्ध कराने को कहा गया है। सीएमओ ने क्षेत्र में संचालित अन्य अपंजीकृत क्लीनिकों के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। ऐसे क्लीनिकों की जांच कर उन्हें तीन दिन के भीतर सील करने को कहा गया है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी निर्देशों के बाद विजयीपुर क्षेत्र में हड़कंप मचा हुआ है। विभाग अब बच्चे की मौत से जुड़े मामले के साथ ही क्षेत्र में संचालित अन्य चिकित्सा संस्थानों की भी जांच करेगा। जांच के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभागीय कार्रवाई के प्रस्ताव पर मांगा जवाब सीएमओ ने नोटिस में इस बात पर भी चिंता जताई कि क्षेत्र में बिना पंजीकरण के चल रहे क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही थी। उन्होंने पीएचसी प्रभारी डॉ. पांडेय से सीधे तौर पर पूछा है कि इस घोर लापरवाही और शिथिलता के लिए उनके खिलाफ शासन को विभागीय कार्रवाई का प्रस्ताव क्यों न भेजा जाए? संचालक और संरक्षकों पर तत्काल FIR के निर्देश मामले में त्वरित न्याय सुनिश्चित करने के लिए सीएमओ ने आदेश दिया है कि जिस अवैध क्लीनिक में बच्चे की मौत हुई है, उसके संचालक (ऑपरेटर) और उसे शह देने वाले संरक्षकों (पेट्रन्स) के खिलाफ तुरंत नामजद प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने पीएचसी प्रभारी को आज (सोमवार) दोपहर 2:00 बजे तक इस पूरी कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सीधे उनके कार्यालय में प्रस्तुत करने का सख्त अल्टीमेटम दिया है। तीन दिन के भीतर सभी अवैध क्लीनिकों को सील करने का अल्टीमेटम भविष्य में ऐसी किसी भी घटना को रोकने के लिए सीएमओ डॉ. यूबी सिंह ने पूरे विजयीपुर क्षेत्र में एक बड़ा अभियान चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने आदेश दिया है कि क्षेत्र में जितने भी अपंजीकृत और अवैध क्लीनिक चल रहे हैं, उन्हें चिह्नित कर अगले 3 दिनों के भीतर पूरी तरह से सील कर दिया जाए। इस आदेश के बाद से क्षेत्र के अन्य झोलाछाप डॉक्टरों में डर का माहौल है और कई लोग अपने क्लीनिक बंद कर भाग खड़े हुए हैं।
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