फुलसंदा आश्रम में सत्संग:बाबा फुलसंदे वालों ने श्रद्धालुओं से अहंकार त्यागने को कहा
बिजनौर में नहटौर के गुरुगद्दी दरबार फुलसंदा आश्रम में रविवार को सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें ‘एक तू सच्चा, तेरा नाम सच्चा’ मंत्र के प्रतिपादक बाबा फुलसंदे वालों ने बड़ी संख्या में मौजूद श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और सद्कर्मों का महत्व बताया। प्रवचन में बाबा ने कहा कि सेवा और अच्छे कर्म मनुष्य को परमात्मा के निकट ले जाने का मार्ग हैं। सद्गुरु का हाथ थामकर परमेश्वर की राह पर चलने से व्यक्ति सांसारिक बंधनों से ऊपर उठकर आध्यात्मिक शांति की ओर बढ़ता है। उन्होंने कहा कि बाहरी आडंबर या वेशभूषा से कोई सच्चा अनुयायी नहीं बनता। सच्चा अनुयायी वही है, जो निरंतर अपनी बुराइयों को दूर करने और जीवन में अच्छे कर्म अपनाने का प्रयास करता है। बाबा ने कहा कि आराधना के साथ जरूरतमंदों की मदद करना भी परमात्मा की सच्ची सेवा है। सत्संग के समापन पर उन्होंने श्रद्धालुओं से अहंकार त्यागकर भक्ति, सेवा और सद्कर्मों को जीवन का आधार बनाने का आह्वान किया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और बाबा का आशीर्वाद लिया।
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