पीलीभीत टाइगर-रिजर्व में बरेली के बंदरों को नहीं मिलेगी जगह:बाघों पर संक्रमण का खतरा, पीटीआर में छोड़ने आने वालों को लौटाएगा वन विभाग
बरेली के बंदरों को पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में एंट्री नहीं मिलेगी। संक्रमण फैलने की आशंका को देखते हुए प्रशासन और वन विभाग ने निगरानी कड़ी कर दी है। वनकर्मियों को निर्देश दिए गए हैं कि बरेली से बंदरों को पीटीआर में छोड़ने आने वाले लोगों को मौके से ही वापस भेजा जाए। बाहरी जानवरों को जंगल में छोड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और जुर्माना भी किया जाएगा। वन विभाग के अनुसार शहरी बंदरों में टीबी, रेबीज और हर्पीस बी वायरस जैसे संक्रमण का खतरा रहता है। यदि संक्रमित बंदर जंगल में पहुंचते हैं तो संक्रमण फूड चेन के जरिए अन्य वन्यजीवों और बाघों तक पहुंच सकता है। पीटीआर में बाघों की मौजूदगी को देखते हुए इसे गंभीर खतरे के रूप में देखा जा रहा है। बरेली नगर निगम ने एक हजार बंदर पकड़ने का दिया था ठेका दरअसल, बरेली में बंदरों का आतंक बढ़ने के बाद नगर निगम ने एक ठेकेदार को करीब एक हजार बंदर पकड़ने का ठेका दिया था। योजना के तहत पकड़े गए बंदरों को पीलीभीत और शाहजहांपुर के जंगलों में छोड़ने की बात सामने आई है। इसी के बाद पीटीआर प्रशासन ने बाहरी बंदरों को रिजर्व क्षेत्र में लाए जाने को लेकर निगरानी बढ़ा दी है। पीटीआर में बाहरी जानवर छोड़ना गैरकानूनी पीटीआर के प्रभागीय वनाधिकारी मनीष सिंह ने स्पष्ट किया है कि जंगल में बाहरी जानवरों को छोड़ना गैरकानूनी है। ऐसा करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ जुर्माना लगाया जाएगा। वन विभाग का कहना है कि बाहर से बंदरों को लाने से जंगल की प्राकृतिक व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। भोजन का संतुलन बिगड़ने और पेड़-पौधों को नुकसान की आशंका वन विभाग के मुताबिक बाहरी बंदरों के जंगल में पहुंचने से यहां उपलब्ध भोजन पर दबाव बढ़ सकता है। इससे वन्यजीवों के भोजन का संतुलन बिगड़ने के साथ पेड़-पौधों को भी नुकसान पहुंच सकता है। इसी वजह से वनकर्मियों को पीटीआर की सीमाओं पर सतर्क रहने और बंदरों को जंगल में प्रवेश नहीं देने के निर्देश दिए गए हैं।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)