पोस्टमार्टम-रिपोर्ट में हिस्ट्रीशीटर की मौत की वजह स्पष्ट नहीं:हार्ट के साथ विसरा सुरक्षित, पुलिस सत्यापन के दौरान अचानक हुई थी मौत
हरदोई जनपद के बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के सिंहपुर गांव में पुलिस सत्यापन के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में जान गंवाने वाले 111 नंबर के हिस्ट्रीशीटर चंद्रहास (55) के मामले में मंगलवार की दोपहर बाद करीब 3:30 बजे शव का पोस्टमार्टम वीडियोग्राफी और पैनल के जरिए कराया गया। पोस्टमार्टम में मौत की स्पष्ट वजह सामने नहीं आ पाई है, जिसके चलते बिसरा और हार्ट को सुरक्षित रख लिया गया है। इस संबंध में एएसपी पश्चिमी अखिलेश सिंह ने मंगलवार की रात 7:20 पर जानकारी दी है। यह पूरी घटना सोमवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है, जब बेनीगंज कोतवाली के सिपाही अरुण पांडे और धर्मेंद्र चौधरी नियमित सत्यापन के लिए पंचायत घर पहुंचे थे। वहां चारपाई पर बैठे चंद्रहास से जब सिपाही ने पूछा कि "चंद्रहास कैसे हो?", तो उसने जवाब दिया "बढ़िया हैं।" लेकिन यह शब्द कहते ही वह अचानक चारपाई से नीचे गिरकर अचेत हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। मामले की गहनता से जांच की जा रही इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस के डर से हार्ट अटैक आने का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया, जिससे गांव में तनाव फैल गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सीओ हरियावां लक्ष्मीकांत गौतम और बेनीगंज कोतवाल अतुल सिंह समेत कुल 7 थानों की पुलिस मौके पर पहुंची। सीओ द्वारा समझाए जाने के बाद मामला शांत हुआ। गौरतलब है कि मृतक चंद्रहास पर हत्या, अपहरण, एनडीपीएस और आबकारी अधिनियम जैसे 24 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वर्ष 2007 के एक बहुचर्चित अपहरण और हत्या के मामले में उसे आजीवन कारावास की सजा हुई थी और वह 2022 में जमानत पर बाहर आया था। इसके अलावा, उसका पूरा परिवार आपराधिक पृष्ठभूमि से जुड़ा है; उसके 80 वर्षीय पिता बाबू पर 12, बड़े भाई राम अवतार पर 12 और छोटे भाई हरिश्चंद्र पर 10 मुकदमें दर्ज हैं और वे सभी पुलिस रिकॉर्ड में हिस्ट्रीशीटर हैं। इस संबंध में एएसपी पश्चिमी अखिलेश सिंह ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
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