प्रदर्शन करने वाले छात्र मुजरिम नहीं, सरकार उनकी बात सुनें:मौलाना यासूब अब्बास ने कहा- वोटर लिस्ट में पारदर्शिता होनी चाहिए
कौशांबी में ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव मौलाना यासूब अब्बास रविवार दोपहर करीब 1 बजे मंझनपुर पहुंचे। यहां मेहदी हसन के आवास पर मजलिस पढ़ने के बाद उन्होंने कई मुद्दों पर बयान दिया। दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर उन्होंने कहा कि प्रदर्शन करने वाले छात्र मुजरिम नहीं हैं, बल्कि अपने हक की आवाज उठा रहे हैं। सरकार को उनकी मांगें गंभीरता से सुननी चाहिए। ‘युवा देश का भविष्य, उनकी समस्याएं सुने सरकार’ दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन पर मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि युवा देश का भविष्य हैं। यही युवा आगे चलकर देश की बागडोर संभालेंगे। उन्होंने कहा कि युवा गरीबी, बेरोजगारी और अशिक्षा जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं। ऐसे में अगर वे अपने अधिकारों के लिए आवाज उठा रहे हैं, तो उनकी बात सुनी जानी चाहिए। प्रदर्शन करने वाले छात्रों को अपराधी समझने के बजाय उनकी समस्याओं को समझकर समाधान निकालने की जरूरत है। बाबरी, काशी-मथुरा के मुद्दों पर उठाए सवाल धर्म के नाम पर राजनीति किए जाने के सवाल पर मौलाना ने कहा कि मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा और चर्च शांति का संदेश देते हैं। आस्था और धार्मिक स्थलों से जुड़े मुद्दों को राजनीति में घसीटना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाबरी मस्जिद, काशी और मथुरा जैसे मुद्दों के जरिए हिंदू-मुस्लिम समाज के बीच विभाजन पैदा करने और वोट बैंक की राजनीति करने की कोशिश की जा रही है। वोटर लिस्ट और फॉर्म-6 में पारदर्शिता की मांग मौलाना यासूब अब्बास ने मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने और फॉर्म-6 भरने की प्रक्रिया पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में पारदर्शिता जरूरी है। संभावित गड़बड़ियों को रोकने के लिए कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि पात्र मतदाताओं के अधिकार सुरक्षित रह सकें। मौलाना के बयान में छात्रों के अधिकार, धार्मिक सौहार्द और निष्पक्ष मतदाता सूची जैसे मुद्दे प्रमुखता से सामने आए।
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