प्रकाश पाल ने हनुमान जी को लड्डू चढ़ाए:BJP ने 3 साल में कानपुर से दिल्ली पहुंचाया, बोले- सपा का PDA "पैसा दो और आओ"
कानपुर के प्रकाश पाल को भारतीय जनता पार्टी ने राज्यसभा का उम्मीदवार बनाया है। बीते तीन साल में भाजपा ने प्रकाश पाल को कानपुर से दिल्ली तक पहुंचा दिया। हालांकि, इसके पीछे उनकी 34 साल की मेहनत और संगठन को मजबूत करने के लिए किए गए लगातार प्रयास हैं। प्रकाश पाल ने इसे अपनी मेहनत का फल बताया। बीते तीन साल में ही प्रकाश पाल का सफर कानपुर-बुंदेलखंड से लखनऊ और अब दिल्ली तक पहुंचा है। इसी तरह शहर के ही गोपी कृष्ण पांडेय, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद करीबी माने जाते हैं, की पहचान एक जमीनी नेता के रूप में रही है। उन्होंने संगठन में 40 साल तक काम किया है। इस दौरान उन्हें नरेंद्र मोदी के साथ भी संगठन के लिए काम करने का मौका मिला। राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद प्रकाश पाल सोमवार रात कानपुर स्थित अपने बर्रा निवास पहुंचे। यहां सबसे पहले उन्होंने घर के पास स्थित पवन पुत्र आराधना मंदिर में जाकर हनुमान जी के दर्शन किए। हनुमान जी को प्रसाद के रूप में 2 किलो लड्डू चढ़ाए, इसके बाद वह अपने निवास पहुंचे। प्रकाश पाल ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि PDA का असली मतलब तो भाजपा पूरा कर रही है, जहां हर समाज और हर वर्ग का सम्मान किया जाता है। उन्होंने कहा कि सपा में अब पीडीए का असली मतलब राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने के बाद सामने आया है। पीडीए में ‘पी’ का मतलब पैसा, ‘डी’ का मतलब दो और ‘ए’ का मतलब आओ है। यानि कि "पैसा दो और आओ" ऐसा ही हुआ, जब धनवान लोगों को देखकर सपा ने राज्यसभा उम्मीदवार बनाया। कार्यकर्ताओं को कोई जगह नहीं दी गई। पहले पढ़िए प्रकाश पाल के बारे में
साल 1992 में संघ के प्रचारक के तौर पर प्रकाश पाल ने सेवक के रूप में जिम्मेदारी संभाली। इसके दो साल बाद ही उन्होंने भाजपा संगठन में जिम्मेदारी संभाल ली। लगातार संगठन की ओर से दी गई जिम्मेदारियों को निभाते हुए मार्च 2023 में भाजपा ने प्रकाश पाल को कानपुर-बुंदेलखंड का क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया। उन्होंने बखूबी इस पद पर रहते हुए उन्हें सौंपी गई क्षेत्र की 52 विधानसभा सीटों पर लगातार काम किया। जून 2026 में भाजपा ने प्रकाश पाल को यूपी में पिछड़ा मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया। जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्होंने कहा था कि पार्टी ने उन्हें यूपी की 55 फीसदी आबादी की जिम्मेदारी दी है। उन्होंने 2027 के विधानसभा चुनाव में 55 फीसदी आबादी का समर्थन भाजपा के पक्ष में जुटाने की बात कही थी। लखनऊ में रहकर उन्होंने यूपी के अलग-अलग जिलों में पिछड़ा मोर्चा की टीमें बनाकर काम शुरू किया। पार्टी में 34 साल तक काम करने का इनाम उन्हें राज्यसभा भेजने के रूप में मिला। 5 अक्टूबर 2026 को पार्टी ने प्रकाश पाल को राज्यसभा उम्मीदवार बनाया। कानपुर पहुंचने के बाद उन्होंने कहा कि पार्टी ने उनकी मेहनत का फल दे दिया है। भाजपा ऐसी पार्टी है, जहां हर कार्यकर्ता का सम्मान होता है। अब पढ़िए गोपी कृष्ण पांडेय के बारे में
गोपी कृष्ण पांडेय राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े रहे हैं। वह बजरंग दल के जिला सह-संयोजक और हिंदू जागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं। वह भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष के साथ ही किसान मोर्चा की राष्ट्रीय कार्यसमिति के सदस्य भी रहे हैं। इसके अलावा, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष के पद पर भी जिम्मेदारी का निर्वहन कर चुके हैं। गोपी कृष्ण पांडेय लंबे समय से भाजपा के लिए काम कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मुख्यमंत्री भी नहीं बने थे, तब 2001 में वह कानपुर आए थे। इस दौरान वह दो दिन गोपी कृष्ण पांडेय के घर पर ही रुके थे। संगठन के राष्ट्रीय पदाधिकारी थे। उसी दौरान ‘गदर’ फिल्म रिलीज हुई थी। नरेंद्र मोदी ने फिल्म देखने की इच्छा जताई थी। इसके बाद उन्होंने गोपी कृष्ण पांडेय के साथ जूही स्थित लाल पैलेस में ‘गदर’ फिल्म देखी थी। इसके बाद जब वह गुजरात गए तो पहली बार वहां के मुख्यमंत्री बने। गोपी कृष्ण पाण्डेय बोले राज्यसभा का टिकट मिलने के बाद चर्चा में आए भाजपा नेता गोपी कृष्ण पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उनके घर आने और राज्यसभा का टिकट मिलने को इससे जोड़कर देखे जाने पर कहा कि मोदी जी भी परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि संघ परिवार के कार्यकर्ता एक-दूसरे के घर जाते हैं, वहीं रुकते हैं और भोजन करते हैं। प्रधानमंत्री होने के बावजूद नरेंद्र मोदी आज भी खुद को कार्यकर्ता मानते हैं। उन्होंने कहा कि वह भी दूसरे प्रदेशों में जाते हैं तो कार्यकर्ताओं के घर पर ही रुकते हैं और भोजन करते हैं। होटल में ठहरना या होटल में खाना उनकी कार्यशैली का हिस्सा नहीं है। गोपी कृष्ण पांडेय ने कहा कि संगठन ने एक कार्यकर्ता की पहचान की है। इसके लिए वह पार्टी संगठन को धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि कानपुर के विकास को लेकर वह काम करेंगे और मौका मिला तो सेवा जरूर करेंगे। उन्होंने अपनी कार्यशैली को बताते हुए कहा कि वह बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं से लगातार मिलने वाले व्यक्ति हैं। एसी कमरे में बैठकर काम करने या सोशल मीडिया पर अपनी तस्वीरें डालने में उनकी रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें फेसबुक पर अपनी फोटो नहीं डालनी है, बल्कि अपना काम करना है।
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