प्रयागराज के 14 अफसरों का IGRS में खराब फीडबैक:खनन, PWD, CMO, ARTO समेत कई विभागों के अधिकारी लापरवाह
आईजीआरएस (एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली) पोर्टल पर आने वाली शिकायतों के निस्तारण में प्रयागराज के अफसर लापरवाही बरत रहे हैं। शिकायतों के निस्तारण के बाद जब आवेदकों से प्रतिक्रिया ली गई तो 14 जिला स्तरीय अफसरों के निगेटिव फीडबैक' सामने आया। इस पर डीएम मनीष कुमार वर्मा ने नाराजगी जताई है और सुधार लाने के निर्देश दिए। शुक्रवार को प्रयागराज के एनआईसी (NIC) सभागार में आयोजित आईजीआरएस की समीक्षा बैठक में फीडबैक का आंकड़ा सामने रखा गया। समीक्षा में पाया गया कि कई विभागों में शिकायतों को बिना शिकायतकर्ता को संतुष्ट किए ही कागजों में 'निस्तारित' दर्ज कर दिया गया था। आवेदकों से जब क्रॉस-चेक किया गया तो उन्होंने निस्तारण से असंतोष जताया, जिससे जिले की ओवरऑल रैंकिंग प्रभावित हो रही है। इसमें खनन, पीडब्ल्यूडी, वन विभाग, जिला पंचायत, स्वास्थ्य, परिवहन जैसे जनसरोकार से सीधे जुड़े महकमों में असंतोषजनक फीडबैक का प्रतिशत सबसे अधिक पाया गया। इस पर जिलाधिकारी ने कहा कि आईजीआरएस मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल है, इसलिए इसमें किसी भी स्तर पर खानापूरी या अनावश्यक विलंब कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निस्तारण से पहले शिकायतकर्ता से वार्ता अनिवार्य
डीएम ने अधिकारियों को हिदायत दी कि किसी भी शिकायत का निस्तारण केवल फाइलों या पोर्टल तक सीमित न रहे। निस्तारण की आख्या लगाने से पहले जिम्मेदार अधिकारी शत-प्रतिशत शिकायतकर्ताओं से खुद वार्ता करेंगे और मौके पर जाकर समस्या का व्यावहारिक समाधान कराएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि निस्तारण के बाद इसकी रैंडम क्रॉस-चेकिंग कराई जाएगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि शिकायतकर्ता वास्तव में संतुष्ट है या नहीं। इन अफसरों का है निगेटिव फीडबैक
पीडब्ल्यूडी निर्माण खण्ड तृतीय, चतुर्थ और प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता, खनन अधिकारी, प्रभागीय वन अधिकारी (DFO), अपर मुख्य अधिकारी (जिला पंचायत सेल), एआरटीओ प्रवर्तन, जल निगम के अधिशासी अभियंता, सहायक आयुक्त एवं सहायक निबंधक (सहकारिता), सहायक श्रमायुक्त / श्रम प्रवर्तन अधिकारी, अग्रणी जिला प्रबंधक (LDM), सीएमओ, अधिशासी अभियंता सिंचाई एवं जल संसाधन और रोडवेज के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक का फीडबैक निगेटिव रहा।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)