प्रयागराज में चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन:दिशा छात्र संगठन ने इविवि यूनियन गेट पर नारेबाजी की, चुनाव आयोग सत्ताधारी दल का टूल
देश में चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर दिशा छात्र संगठन ने गंभीर आरोप लगाते हुए प्रयागराज में विरोध प्रदर्शन किया है। शुक्रवार को इलाहाबाद विश्वविद्यालय के यूनियन गेट प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए उन्हें तत्काल बर्खास्त कर गिरफ्तार करने की मांग उठाई है। दिशा छात्र अविनाश ने कहा कि चुनाव आयोग अब निष्पक्ष नहीं रह गया है और सत्ताधारी दल के एक 'टूल' के रूप में काम कर रहा है। पिछले 10 महीनों में दो अन्य चुनाव आयुक्तों ने 14 बार अपनी असहमति दर्ज कराई है, लेकिन मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले ही मनमाने ढंग से आयोग को चला रहे हैं और असहमतियों को दरकिनार कर रहे हैं। युवाओं और मजदूरों को वोटिंग से दूर रखने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले तीन-चार सालों से 18 वर्ष के हो चुके नए युवा वोटरों को मतदाता सूची में शामिल करने की प्रक्रिया पर अघोषित रोक लगा दी गई है। इसके साथ ही, 'फॉर्म 6' के नए जटिल प्रारूप के जरिए आम लोगों को कागजी कार्यवाही में उलझाया जा रहा है। देश भर में आसमान छूती बेरोजगारी, 10 सालों में 100 से अधिक पेपर लीक, चार नए लेबर कोड लागू करने और विश्वविद्यालयों के राजनीतिकरण को लेकर जनता में भारी आक्रोश है। इसी गुस्से को सत्ता पक्ष के खिलाफ निकलने से रोकने के लिए सोची-समझी साजिश के तहत युवाओं, मजदूरों और किसानों को चुनाव प्रक्रिया से बाहर किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यह उनका चेतावनीभरा प्रदर्शन है। यदि उनके इस बुनियादी और जनवादी अधिकार की रक्षा के लिए उठाई गई ये मांगें नहीं मानी गईं, तो वे गांव-गांव जाकर लोगों को जगाएंगे और एक बड़ा संगठित आंदोलन खड़ा करेंगे।
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