प्रयागराज में कटरा रामलीला शुरू:ध्वनि और प्रकाश से पौराणिक गाथा जीवंत, रावण के अत्याचार से राम अवतार तक का मंचन
प्रयागराज श्री कटरा रामलीला कमेटी की ओर से शनिवार देर शाम को भव्य रामलीला मंचन शुरू हुआ। आधुनिक ध्वनि एवं प्रकाश तकनीक के जरिए रामलीला के पहले दिन सृष्टि की उत्पत्ति, रावण के जन्म, उसके अत्याचार और भगवान विष्णु के श्रीराम के रूप में अवतार लेने की पौराणिक कथा का मंचन किया गया। आकर्षक प्रकाश व्यवस्था और प्रभावशाली ध्वनि के समन्वय ने मंचन को जीवंत बना दिया। निर्देशक अतुल यदुवंशी के निर्देशन में कलाकारों ने पौराणिक प्रसंगों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। रामलीला मंचन से पहले शहर उत्तरी के विधायक हर्षवर्धन बाजपेई, पार्षद आनू घिडियाल और सोनिका अग्रवाल सहित कमेटी के पदाधिकारियों ने रामायण जी की आरती की। इसके बाद विधिवत रामलीला का शुभारंभ हुआ। पहले दिन के मंचन में दिखाया गया कि जलमग्न ब्रह्मांड में भगवान नारायण की नाभि से निकले कमल पर ब्रह्मा जी का प्राकट्य हुआ। इसके बाद ब्रह्मा जी ने अपने मानस पुत्रों की रचना की, जिनसे ऋषि परंपरा का विस्तार हुआ। ऋषियों के ज्ञान और तपस्या से पृथ्वी पर धर्म और सत्य की स्थापना हुई। कथा में आगे पुलस्त्य ऋषि के पौत्र और विश्रवा मुनि के पुत्र रावण के जन्म का प्रसंग दिखाया गया। रावण ने कठोर तपस्या कर ब्रह्मा जी से शक्तिशाली वरदान प्राप्त किया। इसके बाद शक्ति के अहंकार में उसने तीनों लोकों में आतंक फैलाना शुरू कर दिया। ऋषियों के यज्ञों को नष्ट करने और देवताओं सहित साधु-संतों पर अत्याचार करने से चारों ओर हाहाकार मच गया। रावण के अत्याचारों से परेशान देवता ब्रह्मा जी की शरण में पहुंचे। इसके बाद सभी देवताओं ने भगवान विष्णु की स्तुति की। देवताओं की पुकार सुनकर भगवान विष्णु ने पृथ्वी को अधर्म के भार से मुक्त कराने और रावण का संहार करने के लिए अयोध्या में राजा दशरथ के यहां श्रीराम के रूप में अवतार लेने का संकल्प लिया। इसी प्रसंग के साथ पहले दिन की लीला आगे बढ़ी। इस अवसर पर कमेटी के अध्यक्ष सुधीर गुप्ता, महामंत्री उमेश चन्द्र केसरवानी, कोषाध्यक्ष अश्वनी केसरवानी, उपाध्यक्ष विनोद केसरवानी, आनंद अग्रवाल, मयंक अग्रवाल,पवन प्रजापति, विपुल मित्तल, कार्यकारिणी सदस्य दिलीप चौरसिया और व्यवस्थापक आलोक गुप्ता सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
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