प्रयागराज में सफाई कर्मचारियों ने स्वास्थ्य अधिकारी की गाड़ी रोकी:लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन; दशहरे से पहले हड़ताल की चेतावनी दी
प्रयागराज में शहर की सफाई व्यवस्था संकट में आ सकती है। प्रयागराज नगर निगम के गेट पर आज शाम सफाई कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। सफाई कर्मियों ने नगर स्वास्थ्य अधिकारी की गाड़ी को बीच रास्ते में रोक लिया और विरोध जताते हुए गाड़ी के ठीक आगे धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों ने अपनी मांगों के समर्थन में और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। सफाई मजदूर यूनियन के नेता प्रदीप ने बताया उनकी मुख्य मांग आउटसोर्सिंग और संविदा कर्मचारियों के हितों से जुड़ी है। उन्होंने याद दिलाया कि शासन और मुख्यमंत्री की ओर से आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को 20,000 रुपये मानदेय देने की बात कही गई थी। पिछले वर्ष मेले के समय भी अधिकारियों ने यही आश्वासन दिया था, लेकिन पूरा एक साल बीत जाने के बावजूद अभी तक उनके वेतन में कोई वृद्धि नहीं की गई है। वेतन वृद्धि के अलावा, प्रदर्शनकारी संविदा कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से नियमित करने की भी पुरजोर मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि जोखिम भरा काम करने के बावजूद उन्हें किसी भी प्रकार की मेडिकल सुविधा नहीं दी जा रही है। बढ़ती महंगाई और अपनी आर्थिक तंगी का जिक्र करते हुए यूनियन नेता ने कहा कि वर्तमान समय में कोई भी गरीब आदमी मात्र 10,000 रुपये के अल्प वेतन में अपने परिवार का गुजारा कैसे कर सकता है। उन्होंने सत्ता पक्ष के नेताओं को चुनौती देते हुए कहा कि सरकार में बैठा कोई भी नेता 10,000 रुपये में अपने परिवार का भरण-पोषण करके दिखाए। कर्मचारियों ने नगर निगम के भीतर खुलेआम भ्रष्टाचार होने का आरोप भी लगाया और कहा कि जो भी कर्मचारी आवाज उठाता है, उस पर कार्रवाई कर दी जाती है। सफाई कर्मचारियों ने प्रशासन को स्पष्ट अल्टीमेटम दिया है कि यदि दशहरे के त्योहार से पहले उनकी मांगें पूरी नहीं की जाती हैं, तो प्रयागराज के सभी सफाई कर्मचारी पूरी तरह से हड़ताल पर चले जाएंगे। त्योहार के समय इस हड़ताल की पूरी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार और नगर निगम की होगी।
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