पशुप्रेमियों ने पकड़ी डीसीएम, पुलिस ने खुद को दिया क्रेडिट:बदायूं में इंफर्मेशन देने वाले को हवालात में डाला, प्रमुख सचिव - डीजीपी से शिकायत
बदायूं में वजीरगंज थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे हैं। आरोप है कि पशु प्रेमियों ने गंगा एक्सप्रेसवे पर क्रूरतापूर्वक भैंसों को भरकर ले जा रही डीसीएम पकड़ी और इसकी सूचना पुलिस को दी, लेकिन बाद में पुलिस ने बरामदगी का श्रेय अपने नाम दर्ज कर लिया। पीपुल फॉर एनिमल्स (पीएफए) के अध्यक्ष विकेंद्र शर्मा ने इस मामले में डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, डीआईजी समेत वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत की है। उनका कहना है कि पूरा घटनाक्रम एसएसपी अंकिता शर्मा और एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया के संज्ञान में था, इसके बावजूद पुलिस ने एफआईआर में बरामदगी का समय रात का दर्ज किया। विकेंद्र शर्मा के मुताबिक, घटना 8 अक्टूबर की है। दोपहर करीब 2:42 बजे उन्हें सूचना मिली कि वजीरगंज थाना क्षेत्र में गंगा एक्सप्रेसवे पर वनकोटा टोल के पास भैंसों को क्रूरतापूर्वक ठूंसकर ले जा रही डीसीएम रोकी गई है। उन्होंने सूचनाकर्ता को थाना पुलिस और यूपी-112 से संपर्क करने की सलाह दी। इसके बाद दोपहर 2:55 बजे उन्होंने अपने एक्स हैंडल से भी घटना की जानकारी पुलिस के साथ साझा की। शिकायत के अनुसार, दोपहर 3:18 बजे विकेंद्र शर्मा ने वजीरगंज थाना प्रभारी अश्वनी से फोन पर संपर्क कर घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी ने उन्हें बताया कि उपनिरीक्षक सुभाष को मौके पर भेजा गया है। इसके बाद पुलिस पशुओं से भरी डीसीएम और सूचना देने वाले व्यक्ति को थाने ले आई। विकेंद्र शर्मा का आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद सूचनाकर्ता पर एक्सप्रेसवे पर अवैध वसूली करने का आरोप लगाया गया और उसे हवालात में बंद कर दिया गया। उन्होंने पुलिस के इस रवैये की जानकारी उसी दिन वरिष्ठ अधिकारियों को दी। एसपी देहात और एसएसपी से बात के बाद छोड़े गए पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा के मुताबिक, उन्होंने 8 अक्टूबर को शाम 4:16 बजे एसपी देहात डॉ. ह्रदेश कठेरिया से फोन पर संपर्क किया। इसके बाद शाम 4:32 बजे एसएसपी अंकिता शर्मा को भी मामले की जानकारी दी। उनका दावा है कि वरिष्ठ अधिकारियों से बात होने के बाद पशु प्रेमियों को छोड़ दिया गया। पीएफए अध्यक्ष ने सवाल उठाया कि जब डीसीएम पकड़े जाने की सूचना दोपहर में ही पुलिस को दे दी गई थी, वाहन की जानकारी एक्स हैंडल पर साझा की जा चुकी थी और वरिष्ठ अधिकारी भी मामले से अवगत थे, तो पुलिस ने बरामदगी का समय रात का क्यों दर्ज किया। एफआईआर में रात 10:35 बजे की बरामदगी दर्ज करने का आरोप शिकायतकर्ता के अनुसार, पुलिस ने मुकदमे में नियमित गश्त के दौरान डीसीएम पकड़ने और बरामदगी का समय रात 10:35 बजे दर्ज किया। विकेंद्र शर्मा का आरोप है कि दिन में पशु प्रेमियों की सूचना पर पकड़े गए वाहन को रात की गश्त में बरामद दिखाकर पुलिस ने गुडवर्क अपने नाम दर्ज किया। उन्होंने इस मामले में डीजीपी, प्रमुख सचिव गृह, डीआईजी समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से शिकायत कर जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के समर्थन में उन्होंने दिन में बनाए गए वाहन के वीडियो, एक्स हैंडल पर साझा की गई पोस्ट के स्क्रीनशॉट, ईमेल का समय, कॉल डिटेल, थाने के सीसीटीवी फुटेज और पुलिस की एफआईआर को साक्ष्य के तौर पर प्रस्तुत किया है।
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