पति की कातिल मुस्कान अब सफेद साड़ी या सूट पहनेगी:प्रेमी साहिल से कभी नहीं मिल पाएगी, दोनों की जेल बदलेगी; मेहनत वाले काम मिलेंगे

Oct 14, 2026 - 17:33
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पति की कातिल मुस्कान अब सफेद साड़ी या सूट पहनेगी:प्रेमी साहिल से कभी नहीं मिल पाएगी, दोनों की जेल बदलेगी; मेहनत वाले काम मिलेंगे
मेरठ के चर्चित नीला ड्रम केस में आज बुधवार को कोर्ट ने सौरभ राजपूत की कातिल पत्नी मुस्कान और उसके प्रेमी को फांसी की सजा सुनाई। सजा के बाद अब जेल में मुस्कान और साहिल की जिंदगी में मुश्किलें बढ़ जाएंगी। दोनों पिछले 17 महीने से जेल में बंदी की तरह रह रहे हैं, अब सजायाफ्ता हो जाएंगे। इसके बाद यूपी जेल मैनुअल के अनुसार उनके रहन-सहन की तमाम चीजें भी बदलेंगी। जैसे- मुस्कान सफेद या क्रीम कलर की साड़ी या सलवार-सूट पहनेगी। सौरभ सफेद कुर्ता, पैंट पहनेगा। अभी तक कोर्ट की सुनवाई के दौरान दोनों एक-दूसरे को देख या मिल सकते थे। लेकिन, सजा होने के बाद दोनों एक-दूसरे का चेहरा तक नहीं देख सकेंगे। मेरठ जिला जेल के वरिष्ठ जेल अधीक्षक डॉ. वीरेश राज शर्मा से दैनिक भास्कर ने इस बारे में बात की थी। मुस्कान-साहिल की जिंदगी कैसी बदलेगी, वो बदलाव क्या होंगे, पढ़िए… यूनिफॉर्म में नजर आएंगे साहिल-मुस्कान डॉ. वीरेश राज शर्मा ने बताया- सजा होते ही मुस्कान-साहिल को अब जेल में कैदियों वाले कपड़े पहनने होंगे। उन पर यूनिफॉर्म का नियम लागू होगा। इस नियम के तहत मुस्कान को सफेद, हल्के क्रीम कलर की साड़ी या सूट दिया जाएगा। साहिल को पुरुष कैदियों वाला यूनिफॉर्म सफेद कुर्ता, पैंट दी जाएगी। दोनों को यही कपड़े पहनने होंगे, जिससे उनकी पहचान जेल में अलग से हो सके। अंडर ट्रायल बंदी अपने कपड़े पहन सकते हैं। लेकिन, सजा होने के बाद जेल नियमों के मुताबिक यूनिफॉर्म पहननी पड़ती है। साहिल को मिलेगा ज्यादा मेहनत वाला काम साहिल और मुस्कान को काम भी बांटे जाएंगे। मुस्कान के साथ अभी छोटी बच्ची है, इसलिए उससे काम नहीं कराया जाएगा। लेकिन, साहिल को काम करना पड़ेगा। उससे ज्यादा मेहनत वाले काम भी कराए जा सकते हैं। इसके साथ ही सेंट्रल जेल भेजने के लिए दोनों की फाइल तैयार होगी। अगर ये दोनों अपने घरवालों से अपील कराना चाहें या खुद चाहें, तो जेल के जरिए हाईकोर्ट में अपील कर सकते हैं। नियमों के अनुसार ही परिवार से मुलाकात भी होगी। डाइट सामान्य से हटकर डेढ़ गुना बढ़ाई जाएगी सजा होने के बाद कैदियों की डाइट भी बदलती है। क्योंकि, जेल में सजायाफ्ता कैदी से मेहनत और ज्यादा काम कराए जाते हैं। इनमें अधिक ऊर्जा लगती है, इसलिए उनकी डाइट भी बदलती है। इसलिए दोनों की डाइट भी बढ़ेगी। साथ ही इनकी निगरानी भी बढ़ाई जाएगी। मुस्कान और साहिल दूसरी जेल में शिफ्ट होंगे सजा होने के बाद कैदी को अन्य जेलों में भी शिफ्ट किया जाता है। लेकिन, यह शिफ्टिंग अन्य जेलों में सीटों की वैकेंसी पर निर्भर करती है। इसलिए जेलों में सीटें खाली होने के अनुसार ही मुस्कान और साहिल को अन्य जेलों में शिफ्ट किया जाएगा। पुरुष कैदियों को अक्सर आगरा की पुरुष सेंट्रल जेल भेजा जाता है। महिला कैदियों को लखनऊ में नारी निकेतन भेजा जाता है। हालांकि, 300 पुरुष कैदी और 17-18 महिला कैदियों की शिफ्टिंग अभी पहले से बाकी है। सीटें खाली होने पर पहले पुराने लोगों को भेजना होगा, इसके बाद ही मुस्कान-साहिल को शिफ्ट करा जा सकेगा। लेकिन, तब तक दोनों को मेरठ जिला जेल में ही रखा जाएगा। मुस्कान जहां जाएगी, उसकी बेटी भी साथ ही जाएगी। क्योंकि, बेटी की उम्र अभी सालभर से कम है। 6 साल तक बच्चे को मां के साथ जेल में ही रहने का नियम है। इसके चलते बच्ची 6 साल तक मुस्कान के साथ रहेगी। नाम नहीं कैदी नंबर होगा, दोनों की नई पहचान सजा सुनाए जाने के बाद ही मुस्कान और साहिल दोनों को कैदी नंबर भी मिलेगा। मुस्कान इस वक्त महिला बंदियों की बैरक 12ए में है। साहिल भी पुरुषों की बैरक में है। साहिल की संभवत: बैरक बदल सकती है। लेकिन, महिला बंदियों की कुल 2 बैरक होने से मुस्कान की बैरक बदलना मुश्किल है। कैदी नंबर से दोनों की रोजाना गिनती होगी। दोनों की पहचान अब जेल में उनका नाम नहीं, कैदी नंबर बनेगा। ये नंबर सजा वाले दिन के सीरियल के अनुसार दिया जाएगा। मुस्कान-साहिल एक-दूसरे की शक्ल नहीं देख सकेंगे 14 अक्टूबर वो आखिरी तारीख है, जब मुस्कान-साहिल ऑनलाइन पेशी के दौरान एक-दूसरे को देख सके। दोनों का आमना-सामना हुआ। मुस्कान-साहिल दोनों 19 मार्च, 2025 से जिला जेल में बंद हैं। इस दौरान दोनों एक-दूसरे के आमने-सामने कोर्ट की तारीखों पर आते रहे हैं। 19 मार्च, 2025 को जेल जाते वक्त दोनों ने एक-दूसरे को देखा था। इसके बाद 21 अप्रैल, 2026 को जब मुस्कान-साहिल को 313 की कार्रवाई के लिए जिला जज की कोर्ट में लाया गया, तब दोनों ने एक-दूसरे को जेल से बाहर आकर देखा था। इसके अलावा बीच-बीच में दोनों ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई के दौरान एक-दूसरे को देखा। 30 सितंबर, 2026 को भी दोनों एक साथ जेल के वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग रूम से जुड़े। तब एक-दूसरे को देख पाए थे। मुस्कान और साहिल दोनों न पति-पत्नी हैं और न ही दोनों में खून का संबंध है। इसलिए जेल में दोनों की मुलाकात नहीं हो सकती। सजा सुनाए जाने के बाद अब मुस्कान महिला और साहिल पुरुष बैरक में नियमानुसार सजा काटेगा। ------------------------------ ये खबर भी पढ़िए- पति को मारकर नीले-ड्रम में भरने वाली मुस्कान को फांसी: प्रेमी साहिल को भी सजा-ए-मौत; मेरठ कोर्ट में बोली- मेरी बच्चियों का ध्यान रखना मेरठ में प्रेमी के साथ मिलकर पति सौरभ राजपूत की हत्या करने वाली मुस्कान को फांसी की सजा सुनाई गई। उसके प्रेमी साहिल को भी कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई। सजा सुनाते हुए जज ने कहा- यह नृशंस हत्याकांड है, माफी स्वीकार नहीं होगी। पढ़ें पूरी खबर…

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