पंजाब में तीसरे बच्चे पर 30 हजार और चौथे पर 40 हजार देने की मांग

पंजाब बीजेपी नेता जगमोहन राजू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर सिख आबादी बढ़ाने के लिए तीसरे बच्चे पर 30 हजार और चौथे बच्चे पर 40 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि देने की मांग की है। इस मुद्दे पर पंजाब की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है।

पंजाब में तीसरे बच्चे पर 30 हजार और चौथे पर 40 हजार देने की मांग

दि राइजिंग न्यूज । पंजाब |  20 मई 2026

पंजाब में सिख आबादी को लेकर नई बहस

पंजाब में सिख आबादी की धीमी वृद्धि को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। पंजाब बीजेपी के महासचिव और पूर्व आईएएस अधिकारी जगमोहन राजू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान को पत्र लिखकर राज्य में सिख जनसंख्या बढ़ाने के लिए विशेष योजना लागू करने की मांग की है।उन्होंने सुझाव दिया है कि अगर किसी सिख परिवार में तीसरा बच्चा जन्म लेता है तो सरकार की तरफ से 30 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाए। वहीं चौथे बच्चे के जन्म पर 40 हजार रुपये देने की योजना लागू की जाए।


मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में क्या कहा

जगमोहन राजू ने अपने पत्र में कहा कि सिख समुदाय की आबादी राष्ट्रीय औसत की तुलना में काफी धीमी गति से बढ़ रही है। उन्होंने राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया कि सिख समुदाय में प्रजनन दर राष्ट्रीय औसत से कम है।उनका कहना है कि अगर समय रहते इस मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया गया तो भविष्य में पंजाब की सामाजिक और राजनीतिक संरचना पर इसका असर पड़ सकता है।


दूसरे राज्यों का भी दिया उदाहरण

बीजेपी नेता ने अपने पत्र में आंध्र प्रदेश सरकार का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि कुछ राज्य जनसंख्या संतुलन बनाए रखने और घटती आबादी को रोकने के लिए प्रोत्साहन योजनाएं शुरू कर चुके हैं।उन्होंने पंजाब सरकार से भी इसी तरह की नीति लागू करने की अपील की ताकि सिख समुदाय में जनसंख्या वृद्धि को बढ़ावा मिल सके।


लोकतांत्रिक हिस्सेदारी का मुद्दा भी उठाया

जगमोहन राजू ने कहा कि लोकतंत्र में जनसंख्या का सीधा असर राजनीतिक प्रतिनिधित्व पर पड़ता है। अगर पंजाब की जनसंख्या वृद्धि दर अन्य राज्यों के मुकाबले कम रही तो भविष्य में राज्य की लोकतांत्रिक हिस्सेदारी प्रभावित हो सकती है।उन्होंने कहा कि संसद और अन्य संस्थाओं में सीटों का निर्धारण जनसंख्या के आधार पर होता है, इसलिए यह केवल सामाजिक नहीं बल्कि राजनीतिक मुद्दा भी है।


बाहर से आने वाले लोगों का भी किया जिक्र

पत्र में यह भी कहा गया कि पंजाब में रोजगार और कामकाज के लिए दूसरे राज्यों से बड़ी संख्या में लोग आ रहे हैं। इससे राज्य की जनसंख्या संरचना में बदलाव देखने को मिल रहा है।बीजेपी नेता का कहना है कि इस बदलते जनसांख्यिकीय संतुलन को देखते हुए सरकार को गंभीरता से नीति बनाने की जरूरत है।


क्या ज्यादा बच्चे होना पिछड़ेपन की निशानी है

जगमोहन राजू ने अपने बयान में कहा कि ज्यादा बच्चे होना किसी समाज के पिछड़ेपन की पहचान नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया के कई विकसित देश भी अब घटती आबादी को लेकर चिंतित हैं और लोग ज्यादा बच्चे पैदा करें इसके लिए प्रोत्साहन योजनाएं चला रहे हैं।उन्होंने दावा किया कि जनसंख्या संतुलन बनाए रखना किसी भी समाज और राज्य के भविष्य के लिए जरूरी होता है।


राजनीतिक गलियारों में तेज हुई चर्चा

इस मुद्दे के सामने आने के बाद पंजाब की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों की तरफ से अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।कुछ लोग इसे जनसंख्या संतुलन का मुद्दा बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे राजनीतिक एजेंडा करार दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी यह विषय तेजी से चर्चा में बना हुआ है।