पूर्व मंत्री ने थामा कांग्रेस का दामन:मथुरा की मांट विधानसभा सीट पर 8 बार रहे हैं विधायक, राज्यसभा सांसद राजीव शुक्ला ने दिलाई सदस्यता
उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय मथुरा के मांट क्षेत्र के दिग्गज नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री श्याम सुंदर शर्मा ने शनिवार को कांग्रेस में वापसी कर ली। मांट विधानसभा सीट से आठ बार विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा ने नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी कार्यालय में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। कांग्रेस में शामिल होने के बाद श्याम सुंदर शर्मा ने कहा कि आज राजनीति में जाति और धर्म की चर्चा अधिक होती है लेकिन कांग्रेस नेता राहुल गांधी मानववाद की बात करते हैं। उन्होंने कहा कि वह स्वतंत्रता सेनानी परिवार से आते हैं और कांग्रेस से उनका पुराना संबंध रहा है। तिवारी कांग्रेस के दौर में भ्रमवश दूसरी राह पर चले गए थे लेकिन अब कांग्रेस में लौटकर उन्हें संतोष है। राजनीति का वास्तविक अर्थ सेवा कांग्रेस की सदस्यता लेने के बाद मथुरा में एक्सप्रेस वे पर अपने समर्थकों को सम्बोधित करते हुए पूर्व विधायक श्याम सुंदर शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि एक फिल्म में संवाद था कि ‘ये बूढ़ा किस काम का’, लेकिन आज वह कहना चाहते हैं कि ‘ये बूढ़ा बहुत काम का है। उन्होंने कहा कि राजनीति का वास्तविक अर्थ सेवा है और सेवा की भावना कांग्रेस में दिखाई देती है। बसपा से हुए थे निष्कासित पंडित श्याम सुंदर शर्मा मांट से वर्ष 1989 में पहली बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने थे और इसके बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ते हुए आठ बार विधानसभा पहुंचे। श्याम सुंदर शर्मा वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में मांट सीट से भाजपा प्रत्याशी राजेश चौधरी से चुनाव हार गए थे। इसके बाद अक्टूबर 2024 में बहुजन समाज पार्टी ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया था। अब कांग्रेस में उनकी वापसी से मांट और मथुरा की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चा तेज हो गई है। विधानसभा चुनाव में मजबूती से उतरेगी कांग्रेस कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सदस्य राजीव शुक्ला ने कहा कि पार्टी आगामी चुनाव में मजबूती के साथ उतरेगी और उत्तर प्रदेश में बड़ा परिवर्तन होगा। उत्तर प्रदेश कांग्रेस में हाल में हुए बदलाव का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि अराधना मिश्रा को प्रदेश अध्यक्ष बनाने का निर्णय सोच-समझकर लिया गया है। उन्होंने कहा कि अजय राय का भी सम्मान रहेगा और पार्टी हित में लिए गए फैसलों के अनुसार संगठन आगे बढ़ेगा। कांग्रेस में शामिल होने की चल रही थीं अटकलें जिले की राजनीति में अहम भूमिका निभाने वाले पूर्व मंत्री और आठ बार लगातार विधायक रहे श्याम सुंदर शर्मा की कांग्रेस में उनकी घर वापसी से अब मांट की राजनीति में हलचल मच गई है। कांग्रेस, बसपा और निर्दलीय विधायक रहने वाले श्याम सुंदर शर्मा को अक्टूबर 2024 में बसपा ने पार्टी से निष्कासित कर दिया, तब से वह नए राजनीतिक दल की तलाश कर रहे थे। श्याम सुंदर शर्मा वर्ष 1989 में मांट विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर पहला चुनाव लड़ा और विधायक बने। इसके बाद 1991 और 1993 में भी कांग्रेस के टिकट पर विधायक बने। बाद के वर्षों में उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों से चुनाव लड़ा और मांट से अपनी राजनीतिक पकड़ बनाए रखी। रालोद अध्यक्ष से हारे थे चुनाव वर्ष 2012 में रालोद के जयंत चैधरी से चुनाव हारने के बाद उपचुनाव में वह तृणमूल कांग्रेस के टिकट पर फिर विधायक बने। 2017 में बसपा के टिकट पर जीतकर आठवीं बार विधानसभा पहुंचे। लेकिन 2022 का चुनाव वह भाजपा के राजेश चौधरी से 9,580 मतों से हार गए। पिछले जिला पंचायत चुनाव में उन्होंने भाजपा का अध्यक्ष बनवाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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