पूर्व सपा जिलाध्यक्ष को थप्पड़ जड़ना पड़ा भारी:अंशुमान को शाम को पार्टी ने निकाला; रात में FIR भी हुआ, पढिए पूरा मामला

Oct 04, 2026 - 06:20
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पूर्व सपा जिलाध्यक्ष को थप्पड़ जड़ना पड़ा भारी:अंशुमान को शाम को पार्टी ने निकाला; रात में FIR भी हुआ, पढिए पूरा मामला
गोरखपुर में समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शनिवार दोपहर कुर्सी पर बैठने को लेकर शुरू हुआ विवाद महज 6 घंटे में पार्टी के अंदर बड़े बवाल में बदल गया। प्रेस क्लब के सभागार में पहले गाली-गलौज और फिर हाथापाई हुई। इसी दौरान अंशुमान सिंह के साथ आए उनके बेटे कमलेश सिंह द्वारा पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी की ओर हाथ उठाने का वीडियो भी सामने आया। घटना के बाद नेताओं ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए। शाम को नगीना साहनी ने कैंट थाने में तहरीर दी, जिस पर अंशुमान सिंह, उनके दोनों बेटों कमलेश और विमलेश सिंह समेत 10-12 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई। वहीं, देर शाम समाजवादी पार्टी ने अंशुमान सिंह को अनुशासनहीनता के आरोप में पार्टी से निष्कासित कर दिया। पूरी घटना दोपहर करीब 2:10 बजे शुरू हुई और रात करीब 10:30 बजे अंशुमान सिंह के सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर सफाई देने तक मामला लगातार चर्चा में रहा। अब सिलसिलेवार तरीके से समझिए पूरा मामला दोपहर 2 बजे: ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस शनिवार दोपहर करीब 2 बजे गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब, शास्त्री चौक के सभागार में सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। यह कार्यक्रम सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देश पर 2 से 8 अक्टूबर तक चलने वाले ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ को लेकर आयोजित किया गया था। प्रेस कॉन्फ्रेंस में अभियान से जुड़े कार्यक्रमों और एसआईआर के नाम पर वोट काटे जाने के मुद्दे को लेकर पार्टी की ओर से जानकारी दी जा रही थी। 2:10 बजे: समर्थकों के साथ पहुंचे अंशुमान सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस शुरू होने के करीब 10 मिनट बाद, दोपहर लगभग 2:10 बजे ग्रामीण विधानसभा सीट से 2027 के चुनाव में टिकट की दावेदारी कर रहे अंशुमान सिंह अपने समर्थकों के साथ सभागार में पहुंचे। करीब दो मिनट बाद यानी 2:12 बजे अंशुमान सिंह अपने बैठने की जगह तलाशने लगे। सभागार में ज्यादातर कुर्सियां भरी हुई थीं। सामने की तरफ सपा के पदाधिकारी एक साथ बैठे थे। अंशुमान सिंह ने उसी तरफ बैठने की इच्छा जताई और एक कुर्सी मंगवाई। 2:12 से 2:15 बजे: कुर्सी को लेकर बढ़ा विवाद अंशुमान सिंह की ओर से नगीना साहनी से थोड़ा किनारे खिसकने के लिए कहा गया। नगीना साहनी ने खिसकने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज तक पहुंच गया। इसके बाद दोनों पक्षों में हाथापाई की स्थिति बन गई। सभागार में मौजूद सपा नेताओं और अन्य लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की। 2:15 बजे: थप्पड़ मारने का वीडियो सामने आया इसी दौरान करीब 2:15 बजे अंशुमान सिंह के बेटे कमलेश सिंह ने नगीना साहनी की ओर हाथ उठाया। घटना का वीडियो सभागार में मौजूद कैमरे में रिकॉर्ड हो गया। इसके बाद विवाद और बढ़ गया। करीब 10 से 15 मिनट तक सभागार में हंगामे की स्थिति बनी रही। सपा नेताओं के साथ पुलिसकर्मियों को भी बीच-बचाव के लिए आना पड़ा। 2:30 बजे: अंशुमान समर्थकों के साथ निकले करीब 2:30 बजे अंशुमान सिंह, उनके परिवार के सदस्य और उनके साथ आए समर्थक प्रेस क्लब से निकल गए। इसके बाद सभागार में मौजूद नेताओं के बीच इसी घटना की चर्चा शुरू हो गई। अंशुमान सिंह ने आरोप लगाया कि विवाद को उनकी छवि खराब करने के उद्देश्य से राजनीतिक रंग दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस ग्रामीण विधानसभा सीट से वह 2027 के चुनाव में टिकट की दावेदारी कर रहे हैं, उसी सीट से नगीना साहनी भी दावेदारी कर रहे हैं। अंशुमान ने यह भी आरोप लगाया कि नगीना साहनी उनकी छवि खराब करना चाहते हैं। उन्होंने नगीना साहनी पर गाली-गलौज करने और पार्टी के प्रत्याशियों के खिलाफ बोलने का आरोप लगाया। उनका कहना था कि उनकी तरफ से किसी तरह की गाली-गलौज नहीं की गई। 2:40 बजे: प्रेस क्लब में घटना पर चर्चा, नेता सामने आए दोपहर करीब 2:40 बजे तक प्रेस क्लब के सभागार में प्रेस कॉन्फ्रेंस से ज्यादा चर्चा हाथापाई की घटना को लेकर होने लगी। सपा के कई नेता घटना से आहत नजर आए और एक-एक कर मीडिया के सामने अपनी बात रखने लगे। नगीना साहनी बोले- मुझे मछुआरा समझकर निशाना बनाया गया पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी ने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अंशुमान सिंह के साथ आए लोग उनसे जबरन कुर्सी खाली कराने की कोशिश कर रहे थे। उन्होंने बताया कि जब खाली जगह पर बैठने के लिए कहा गया तो विवाद शुरू हो गया और उनके साथ गाली-गलौज व हाथापाई की गई। नगीना साहनी ने आरोप लगाया कि वह मछुआरा-निषाद समाज से आते हैं, इसलिए उन्हें कमजोर समझकर निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग गुंडई के बल पर अपना वर्चस्व कायम करना चाहते हैं। 2:45 बजे: काजल निषाद ने घटना को बताया निंदनीय करीब 2:45 बजे सपा नेता काजल निषाद ने घटना पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि एसआईआर के नाम पर वोट काटे जाने के मुद्दे को लेकर ‘लोकतंत्र बचाओ सप्ताह’ मनाया जा रहा है। 30 सितंबर को नई दिल्ली में इंडिया गठबंधन की बैठक में 2 से 8 अक्टूबर तक अभियान चलाने का फैसला लिया गया था। काजल निषाद ने कहा कि नगीना साहनी ने बताया था कि उनके पास एक महिला बैठी हैं और वहां जगह नहीं है। इसके बाद गाली-गलौज और हाथापाई शुरू हो गई। उन्होंने कहा कि घटना बेहद निंदनीय है। चुनाव के समय हर नेता को टिकट मांगने का अधिकार है, लेकिन इस तरह आपस में विवाद नहीं होना चाहिए। 3 बजे: जिलाध्यक्ष बोले- अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं होगी दोपहर करीब 3 बजे सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम ने घटना को पूरी तरह अनुशासनहीन बताया। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटना पार्टी में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बोले- अखिलेश यादव को जानकारी दूंगा बृजेश गौतम ने बताया कि अंशुमान सिंह प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिवार के कुछ सदस्यों के साथ पहुंचे थे। वह उस समय प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी बात रख रहे थे, इसलिए कुर्सी को लेकर वास्तव में क्या हुआ, यह उन्होंने नहीं देखा। उन्होंने कहा कि घटना की जानकारी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दी जाएगी और आगे की कार्रवाई राष्ट्रीय नेतृत्व के फैसले के बाद होगी। अंशुमान सिंह के व्यक्तिगत रूप से बुलाए जाने के दावे को भी जिलाध्यक्ष ने खारिज किया। उन्होंने कहा कि प्रेस कॉन्फ्रेंस की जानकारी सभी नेताओं को ग्रुप में दी गई थी। शाम 5 बजे: नगीना साहनी पहुंचे कैंट थाने घटना के करीब तीन घंटे बाद, शाम लगभग 5 बजे पूर्व जिलाध्यक्ष नगीना साहनी अपने अधिवक्ता साथियों के साथ कैंट थाने पहुंचे। वहा उन्होंने जमकर हंगामा किया। 1 घंटे तक इसी तरह से हंगामा जारी रहा। नगीना साहनी ने पुलिस से अंशुमान के खिलाफ़ तत्काल कार्रवाई करने की मांग पर अड़े रहे। उन्होंने अंशुमान सिंह, उनके दोनों बेटों कमलेश सिंह और विमलेश सिंह समेत 10 से 12 लोगों के खिलाफ तहरीर दी। नगीना साहनी और उनके अधिवक्ता साथियों ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने 24 घंटे के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी और उनके अधिवक्ता लाइसेंस को रद्द करने की मांग भी रखी। शाम 4 बजे: सपा नेताओं की बैठक, निष्कासन पर हुई चर्चा शाम 4 बजे सपा जिलाध्यक्ष बृजेश गौतम के नेतृत्व में गोरखपुर के वरिष्ठ सपा नेताओं की बैठक हुई। बैठक में प्रेस क्लब की घटना को लेकर चर्चा की गई और अंशुमान सिंह के खिलाफ पार्टी स्तर पर कार्रवाई का मुद्दा उठा। जिलाध्यक्ष ने राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मामले को लेकर बातचीत की। पार्टी की ओर से घटना की निंदा किए जाने की बात सामने आई। शाम करीब 6 बजे: अंशुमान सिंह सपा से निष्कासित इसके बाद शाम करीब 6 बजे समाजवादी पार्टी के लखनऊ स्थित कार्यालय से अधिसूचना जारी की गई। इसमें अंशुमान सिंह को अनुशासनहीनता के कारण समाजवादी पार्टी से निष्कासित किए जाने की जानकारी दी गई। इस तरह दोपहर 2:10 बजे शुरू हुआ कुर्सी का विवाद करीब चार घंटे के भीतर FIR और पार्टी से निष्कासन तक पहुंच गया। शाम 7:48 पर तहरीर के आधार पर FIR, CCTV से जांच पुलिस ने नगीना साहनी की तहरीर के आधार पर अंशुमान सिंह, उनके दोनों बेटों कमलेश सिंह और विमलेश सिंह समेत 10 से 12 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। घटनास्थल के CCTV फुटेज और वहां मौजूद लोगों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रात 10:30 बजे: अंशुमान सिंह ने वीडियो जारी कर दी सफाई घटना के करीब साढ़े आठ घंटे बाद रात लगभग 10:30 बजे अंशुमान सिंह ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर पूरे मामले पर अपनी सफाई दी। उन्होंने नगीना साहनी पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह नहीं चाहते कि समाजवादी पार्टी का विकास हो। अंशुमान ने ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि जिस सीट पर भाजपा की लहर थी, वहां उन्होंने भाजपा को सोचने पर मजबूर किया है और इसी वजह से नगीना साहनी परेशान हैं। उन्होंने पूरे विवाद को अपनी राजनीतिक छवि से जोड़ते हुए नगीना साहनी पर आरोप लगाए और कहा कि घटना को राजनीतिक रंग दिया जा रहा है।

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