राहुल गांधी के वकील ने मानहानि मामले में भाषण स्वीकारा:सुल्तानपुर में भाजपा नेता के वकील ने दोषी ठहराने की मांग की, 12 अक्टूबर को अगली सुनवाई
सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में अमित शाह पर टिप्पणी करने के मामले में राहुल गांधी के खिलाफ शुक्रवार को बहस हुई। भाजपा नेता विजय मिश्रा के वकील संतोष पांडेय ने अपनी बात पूरी कर ली। अब 12 अक्टूबर को राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला अपना पक्ष रखेंगे। इसके बाद कोर्ट फैसले की तारीख तय कर सकती है। भाजपा नेता विजय मिश्रा के वकील संतोष पांडेय ने बताया कि राहुल गांधी की ओर से कोर्ट में लिखित बहस दाखिल की गई है। इसमें पैरा 17 और 18, विशेषकर पैरा 18 में, घटना और भाषण को स्वीकार किए जाने की बात कही गई है। इसमें कहा गया है कि राहुल गांधी ने यह बयान सद्भावना (गुड फेथ) में दिया था। उनका मकसद किसी की मानहानि करना नहीं था। संतोष पांडेय ने कहा कि राहुल गांधी के पक्ष ने अपनी लिखित दलीलों में घटना और भाषण को स्वीकार किया है। उन्होंने कोर्ट में दलील दी कि बयान गलत इरादे से दिया गया था। उन्होंने कोर्ट से राहुल गांधी को दोषी ठहराने की मांग की। वहीं, राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने बताया कि सोमवार, 12 अक्टूबर को वह राहुल गांधी की तरफ से अपनी बात रखेंगे। इसके बाद कोर्ट फैसले की तारीख तय करेगी। 2018 की टिप्पणी से जुड़ा है मामला यह मामला साल 2018 में कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरु में राहुल गांधी की ओर से गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। भाजपा नेता और जिला सहकारी बैंक के पूर्व चेयरमैन विजय मिश्र ने 4 अगस्त 2018 को सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में राहुल गांधी के खिलाफ मानहानि का परिवाद दायर किया था। कोर्ट ने 27 नवंबर 2023 को राहुल गांधी को तलब किया था। इसके बाद राहुल गांधी 20 फरवरी 2024 को अदालत में पेश हुए और जमानत कराई। इसके लिए 25-25 हजार रुपए के दो जमानतदार लगाए गए थे। शाह के खिलाफ राहुल का पूरा बयान, जिस पर मानहानि का मुकदमा दायर भाजपा नेता विजय मिश्रा के वकील संतोष पांडे ने मुकदमा दायर किया था। उन्होंने ने कहा - 8 मई, 2018 को कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने बेंगलुरु में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें उन्होंने कहा था, "अमित शाह पर हत्या का आरोप है।" खुद सुप्रीम कोर्ट ने लोया मामले में इसका जिक्र किया था। इसलिए मुझे नहीं लगता कि अमित शाह की कोई विश्वसनीयता है। ईमानदारी और सत्यनिष्ठा की बात करने वाली पार्टी के अध्यक्ष पर हत्या का आरोप लगा है। गौरतलब है कि विशेष न्यायालय के न्यायाधीश बृजमोहन हरकिशन लोया का निधन दिसंबर 2014 में नागपुर में हुआ था। उस समय वे अपने सहकर्मी की बेटी की शादी में शामिल होने गए थे। न्यायाधीश लोया गुजरात के चर्चित सोहराबुद्दीन शेख मुठभेड़ मामले की सुनवाई कर रहे थे। अमित शाह इस मामले में आरोपी थे। हालांकि, लोया के बेटे ने अपने पिता की मौत को स्वाभाविक बताया था। सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले की एसआईटी जांच से संबंधित याचिका को स्वाभाविक मौत करार देते हुए खारिज कर दिया था। 2024 में बयान, फरवरी 2026 में फिर दर्ज हुआ पक्ष मामले में राहुल गांधी का बयान 26 जुलाई 2024 को अदालत में दर्ज हुआ था। इसके बाद 20 फरवरी 2026 को भी उन्हें सीआरपीसी की धारा 313 के तहत बयान दर्ज कराने के लिए अदालत में पेश होना पड़ा। इस दौरान उन्होंने मामले में अपना पक्ष रखा। वॉइस सैंपल की अर्जी से भी बदली सुनवाई की दिशा परिवादी विजय मिश्र की ओर से मामले में लगाई गई सीडी में मौजूद आवाज और राहुल गांधी के वॉइस सैंपल का FSL से मिलान कराने की मांग की गई थी। ट्रायल कोर्ट ने 2 मई 2026 को यह अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद सेशन कोर्ट दोबारा अर्जी दाखिल की। सेशन कोर्ट ने भी 15 जुलाई को इसे खारिज कर दिया। इसके बाद हाईकोर्ट में अर्जी डाली, सितंबर में हाईकोर्ट में भी वॉइस सैंपल के मिलान से जुड़ी चुनौती दायर की गई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक इसके बाद मामले में अंतिम बहस की कार्यवाही आगे बढ़ी। ---------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- आकाश ने मायावती के पैर छुए, 10-सेकेंड सिर झुकाए रखा:बसपा सुप्रीमो ने पीठ थपथपाई; माफी मांगने के बाद पहली बार साथ दिखे बसपा सुप्रीमो मायावती ने शुक्रवार को BSP के संस्थापक कांशीराम को उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि दी। भतीजे आकाश आनंद भी उनके साथ नजर आए। उन्होंने बुआ के पैर छुए और हाथ जोड़कर 10 सेकेंड तक सिर झुकाए रखा। मायावती ने आकाश के सिर पर हाथ रखा और पीठ थपथपाकर आशीर्वाद दिया। मायावती की तरफ से माफ किए जाने और पार्टी में वापसी के बाद यह पहला मौका है, जब आकाश बुआ के साथ दिखाई दिए। पूरी खबर पढ़िए…
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)