रामपुर बेमौसम बारिश से धान की फसल बर्बाद:कई एकड़ खेत पानी में डूबे, 2100 किसानों को मुआवजे का इंतजार
रामपुर मुख्यालय से महज कुछ किलोमीटर दूर बढ़पुरा शर्की के जंगल में पिछले सप्ताह बेमौसम बारिश ने किसानों की धान की फसल बर्बाद कर दी। दैनिक भास्कर ने खेतों पर गुरुवार की सुबह जाकर खेतों पर काम कर रहे किसानों से वार्तालाप की। तब किसानों ने बताया कई एकड़ में खड़ी फसल खराब होने से परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है। किसानों का कहना है कि खेतों में अभी भी पानी भरा है, लेकिन नुकसान का सर्वे करने के लिए कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। ऐसे में प्रभावित किसान मुआवजे की उम्मीद लगाए बैठे हैं। किसान प्रेमपाल, काशीराम, धनीराम, रमेश, महेश, बालकराम, चोखे और देवराज मास्टर समेत कई किसानों की धान की फसल को नुकसान पहुंचा है। किसान प्रेमपाल की पत्नी ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते हैं और परिवार में छह बच्चे हैं। खेत में पानी भरने के कारण मजदूरों से धान निकलवाया, लेकिन फसल में कुछ बचने की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि जब धान ही नहीं मिलेगा तो बच्चों का पेट कैसे भरेंगे। परिवार के सामने अब रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। बुजुर्ग महिला किसान रामदेई ने बताया कि पानी से धान निकलवाने के बावजूद कोई बचत नहीं हुई। मुआवजे के लिए अब तक कोई अधिकारी खेत पर नहीं पहुंचा है। महिला किसान चमेली ने बताया कि खेतों में अभी भी पानी भरा हुआ है। नुकसान का सर्वे करने कोई नहीं आया तो मुआवजा मिलने की उम्मीद कैसे करें। किसान सुनील के मुताबिक, गांव के ज्यादातर किसानों की धान की फसल खराब हुई है, लेकिन अभी तक नुकसान का आकलन करने कोई टीम नहीं पहुंची। जिलाधिकारी के अनुसार, जिले में अब तक 2100 प्रभावित किसानों को चिह्नित किया गया है। इनमें 1000 किसानों के खातों में करीब 83 लाख रुपये की सहायता राशि भेजी जा चुकी है। शेष 1100 किसानों के खातों में धनराशि भेजने की तैयारी की जा रही है। अन्य प्रभावित किसानों की खराब धान की फसल के नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट तैयार की जा रही है। किसानों को अब सर्वे पूरा होने और मुआवजा मिलने का इंतजार है।
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