राष्ट्रीय महासचिव सुमन बोले- सपा आगरा में करेगी महादलित सम्मेलन:बसपा का भाजपा से अंदरूनी तालमेल, 30% से घटकर 9% पर सिमटा वोट
बरेली पहुंचे समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और राज्यसभा सांसद रामजी लाल सुमन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बहुजन समाज पार्टी से दलित वोट बैंक पूरी तरह छिटक चुका है। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए कहा कि वर्ष 2007 में अपने बलबूते सरकार बनाने वाली बसपा को 30 फीसदी से अधिक वोट मिले थे, जो पिछले लोकसभा चुनाव में घटकर लगभग 9 फीसदी रह गए हैं। उन्होंने कहा कि आम जनता और समाज में यह धारणा बन चुकी है कि बसपा का भारतीय जनता पार्टी के साथ अंदरूनी समझौता (अंडरस्टैंडिंग) है। बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के विचारों को मानने वाला दलित समाज अब यह समझ चुका है कि भाजपा को सिर्फ समाजवादी पार्टी ही हरा सकती है, इसलिए पूरा दलित वर्ग अब सपा के झंडे तले एकजुट हो रहा है। 15 नवंबर को आगरा में महादलित सम्मेलन, पश्चिमी यूपी के जिलों का दौरा
रामजी लाल सुमन ने बताया कि प्रदेश में दलितों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ 15 नवंबर को आगरा में पश्चिमी उत्तर प्रदेश का एक विशाल महादलित सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। इसी सिलसिले में वे पश्चिमी यूपी के जिलों के दौरे पर हैं। वे कासगंज और बदायूं होते हुए बरेली पहुंचे हैं और आगे पीलीभीत तथा शाहजहांपुर जाएंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को आगरा सम्मेलन में पहुंचने का न्योता दे सकें। 151 स्थानों पर तोड़ी गईं अंबेडकर की मूर्तियां, जातियों को देखकर चल रहा बुलडोजर
उन्होंने कहा कि मौजूदा शासनकाल में समाज का हर तबका परेशान है और दलितों की स्थिति चिंताजनक है। केंद्र व राज्य के कार्यकाल के दौरान 151 जगहों पर डॉ. भीमराव अंबेडकर और भगवान बुद्ध की मूर्तियां तोड़ी गईं, जो मूर्तियों के साथ-साथ एक विचार को दबाने की कोशिश है। उन्होंने आगे कहा कि कई स्थानों पर दलितों की बारातें रोकी जा रही हैं और सरकार का बुलडोजर भी जाति व धर्म देखकर चलाया जा रहा है। मुख्य चुनाव आयुक्त निष्पक्ष नहीं, आयोग के फैसलों में सामूहिक सहमति गायब
चुनाव प्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर बोलते हुए सुमन ने कहा कि मुख्य चुनाव आयुक्त निष्पक्ष होकर काम नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पहले केवल सपा और कांग्रेस ही सवाल उठाती थी, लेकिन अब तो चुनाव आयोग के अपने पूर्व सहयोगियों ने भी उनकी कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं और कहा है कि आपत्तियों को नजरअंदाज कर मनमर्जी से फैसले लिए गए। संसद से सड़क तक विपक्ष के विरोध पर उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में धरना, प्रदर्शन और जेल जाना संघर्ष के वैध हथियार हैं और विपक्ष इनका इस्तेमाल करता रहेगा। 2027 में 'रोटी के सवाल' पर बनेगी अखिलेश यादव की सरकार
सुमन ने कहा कि धर्म या जाति के नाम पर अतिवाद की उम्र लंबी नहीं होती। 2027 का विधानसभा चुनाव भुखमरी, बेरोजगारी और गरीबी जैसे 'रोटी के सवालों' पर लड़ा जाएगा। उन्होंने दावा किया कि जनता के समर्थन से 2027 में समाजवादी पार्टी की पूर्ण बहुमत से सरकार बनेगी और अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री होंगे। रालोद प्रमुख जयंत चौधरी के संदर्भ में उन्होंने कहा कि वे सभाएं करने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन भाजपा में जाने के फैसले पर उन्हें आगे चलकर पछतावा होगा। राम मंदिर पर बयान और एसआईटी जांच पर उठाए सवाल
मंदिर से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि मंदिर में जो भी चोरी और गड़बड़ी की बात सामने आई है, उसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जो काम धर्माचार्यों को करना चाहिए था, वह सरकार और उनके बनाए ट्रस्ट ने किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की एसआईटी से निष्पक्ष न्याय नहीं मिलेगा, इसलिए पूरे प्रकरण की जांच सुप्रीम कोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश या संसद की संयुक्त समिति (जेपीसी) से कराई जानी चाहिए।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)