रेपो दर बढ़ी तो महंगे हुए कर्ज, इन बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दरें

भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी कर इसे 5.50 प्रतिशत कर दिया है। इसके बाद बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी रेपो आधारित कर्ज दरें बढ़ा दी हैं। इससे रेपो दर से जुड़े गृह, वाहन और अन्य कर्ज लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त बढ़ सकती है या कर्ज चुकाने की अवधि लंबी हो सकत

Oct 08, 2026 - 11:46
0
रेपो दर बढ़ी तो महंगे हुए कर्ज, इन बैंकों ने बढ़ाई ब्याज दरें

दि राइजिंग न्यूज़ | नई दिल्ली | 8 अक्टूबर 2026

भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा रेपो दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी के बाद कई सरकारी बैंकों ने अपनी रेपो आधारित कर्ज दरें बढ़ा दी हैं। बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक और बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी संबंधित दरों में 25 आधार अंक तक की बढ़ोतरी की है। इसका असर रेपो दर से जुड़े गृह, वाहन और अन्य कर्ज लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त या कर्ज अवधि पर पड़ सकता है।

रेपो दर बढ़कर 5.50 प्रतिशत हुई

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को रेपो दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.25 प्रतिशत से बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया। लंबे समय के बाद हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर बैंकों की कर्ज देने की दरों पर दिखाई देने लगा है। रेपो दर में बदलाव के बाद बैंकों ने अपनी रेपो आधारित दरों की समीक्षा शुरू कर दी है। इससे नए कर्ज लेने वालों के साथ कुछ मौजूदा कर्जदारों पर भी वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।

बैंक ऑफ इंडिया ने बढ़ाई कर्ज दर

बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो दर में बढ़ोतरी के बाद अपनी रेपो आधारित कर्ज दर को 8.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत कर दिया है। नई दर 7 अक्टूबर 2026 से लागू हो गई है। जिन ग्राहकों का कर्ज रेपो दर से जुड़ा हुआ है, उनकी मासिक किस्त बढ़ सकती है या कर्ज चुकाने की अवधि लंबी हो सकती है। बैंक की दर में यह बदलाव रेपो दर में हुई वृद्धि के अनुरूप किया गया है।

पंजाब नेशनल बैंक के ग्राहकों पर भी असर

पंजाब नेशनल बैंक ने भी रेपो दर बढ़ने के बाद अपनी रेपो से जुड़ी कर्ज दर को 8.10 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत कर दिया है। नई दर 8 अक्टूबर से लागू होने की जानकारी दी गई है। हालांकि बैंक ने अपनी सीमांत लागत आधारित कर्ज दर और आधार दर में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है। इसलिए असर मुख्य रूप से उन कर्जदारों पर पड़ेगा जिनके कर्ज की ब्याज दर रेपो से जुड़ी हुई है।

इंडियन बैंक ने भी बढ़ाई दर

इंडियन बैंक ने अपनी रेपो आधारित कर्ज दर को 7.95 प्रतिशत से बढ़ाकर 8.20 प्रतिशत कर दिया है। बैंक की नई दर 8 अक्टूबर से प्रभावी होगी। यह बदलाव भारतीय रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति द्वारा रेपो दर में की गई 25 आधार अंक की वृद्धि के बाद किया गया है। इससे बैंक से रेपो आधारित कर्ज लेने वाले ग्राहकों की मासिक किस्त पर असर पड़ सकता है।

इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी किया बदलाव

इंडियन ओवरसीज बैंक ने भी रेपो दर में बढ़ोतरी के बाद अपनी रेपो आधारित कर्ज दर में बदलाव किया है। बैंक ने अपनी दर बढ़ाकर 8.35 प्रतिशत कर दी है और यह नई दर 8 अक्टूबर से लागू हो गई है। रेपो से जुड़े कर्ज वाले ग्राहकों के लिए इसका असर ब्याज भुगतान में बढ़ोतरी के रूप में सामने आ सकता है। मासिक किस्त और कर्ज की अवधि पर असर ग्राहक के कर्ज समझौते पर निर्भर करेगा।

बैंक ऑफ बड़ौदा ने कर्ज दर 8.15 प्रतिशत की

बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी रेपो आधारित कर्ज दर में 25 आधार अंक की बढ़ोतरी की है। बैंक की यह दर 7.90 प्रतिशत से बढ़कर 8.15 प्रतिशत हो गई है। रेपो दर से जुड़े कर्ज लेने वाले ग्राहकों को अब पहले की तुलना में अधिक ब्याज देना पड़ सकता है। इसका प्रभाव गृह कर्ज, वाहन कर्ज और अन्य संबंधित कर्जों की मासिक किस्त पर पड़ सकता है।

किन ग्राहकों पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

रेपो दर से सीधे जुड़े कर्ज लेने वाले ग्राहकों पर ब्याज दर बढ़ने का असर अपेक्षाकृत जल्दी दिखाई देता है। बैंक जब अपनी रेपो आधारित कर्ज दर बढ़ाते हैं तो कर्जदार की मासिक किस्त बढ़ सकती है या बैंक कर्ज की अवधि बढ़ा सकता है। हालांकि वास्तविक असर कर्ज की राशि, शेष अवधि और ग्राहक की ब्याज व्यवस्था पर निर्भर करेगा। इसलिए कर्जदारों को अपनी नई ब्याज दर और मासिक किस्त की जानकारी बैंक से जांच लेनी चाहिए।

What's Your Reaction?

Like Like 0
Dislike Dislike 0
Love Love 0
Funny Funny 0
Wow Wow 0
Sad Sad 0
Angry Angry 0

Comments (0)

User