साइबर ठगी होते ही 1930 पर करें शिकायत:राज्यसभा सांसद ने साइबर क्राइम सेल का किया दौरा, क्राइम और बचाव की ली जानकारी
‘मेरा संकल्प अभियान’ के तहत ‘सेवा मेरा योगदान’ कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद लक्ष्मीकांत बाजपेयी ने मंगलवार को कार्यकर्ताओं के साथ मेरठ पुलिस लाइन स्थित साइबर क्राइम सेल का दौरा किया। उन्होंने साइबर क्राइम की कार्यप्रणाली, अपराधियों के नए तरीकों और लोगों को साइबर ठगी से बचाने के उपायों की जानकारी ली। साइबर क्राइम सेल के प्रभारी जगदीश, उप निरीक्षक हर्षवर्धन सिंह भदौरिया और महिला उप निरीक्षक प्रीति शर्मा ने सांसद और कार्यकर्ताओं को साइबर क्राइम से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी। बताया गया कि पहले झारखंड का जामताड़ा साइबर अपराध के लिए चर्चित था, लेकिन अब लखनऊ, कानपुर, राजस्थान समेत देश के कई अन्य क्षेत्रों में भी साइबर क्राइम के नए केंद्र विकसित हो रहे हैं। बाजपेयी ने कहा कि साइबर क्राइम का दायरा लगातार बढ़ रहा है। अपराधी अलग-अलग डिजिटल माध्यमों और ऐप के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। ऐसे में लोगों को डिजिटल लेन-देन करते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध होने के बाद कार्रवाई करने से ज्यादा जरूरी है कि लोग पहले से ही जागरूक रहें। ठगी होने पर कॉल न काटें
साइबर क्राइम सेल ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर वित्तीय अपराध होता है तो उसे तुरंत 1930 पर शिकायत करनी चाहिए। यदि कॉल पर वेटिंग की स्थिति आती है तो फोन काटने के बजाय लाइन पर बने रहना चाहिए और ऑपरेटर द्वारा मांगी गई जानकारी तुरंत देनी चाहिए। इससे धनराशि को रोकने और तत्काल कार्रवाई की संभावना बढ़ती है। संदिग्ध लिंक खोलने से पहले इंटरनेट बंद करें
अनजान नंबर से कॉल, लिंक या संदिग्ध संदेश मिलने पर उसे खोलने से पहले मोबाइल का इंटरनेट डेटा बंद करने की सलाह दी गई। संदिग्ध लिंक खोलने पर व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी साइबर अपराधियों तक पहुंचने का खतरा रहता है। साइबर क्राइम सेल ने यह भी बताया कि अपराधी अब बैंक खातों के साथ आधार नंबर, पैन कार्ड, ई-मेल आईडी, मोबाइल नंबर और वाहन नंबर जैसी निजी जानकारियों का भी दुरुपयोग कर रहे हैं। लोगों को अपनी व्यक्तिगत जानकारी अनावश्यक रूप से किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। FD वाले खाते को रोजमर्रा के लेन-देन से अलग रखने की सलाह
बैंक खातों और एफडी को लेकर भी सावधानी बरतने की जानकारी दी गई। बताया गया कि जिस खाते से एफडी बनाई गई है, उसे रोजमर्रा के लेन-देन के लिए इस्तेमाल करने के बजाय सुरक्षित रखा जा सकता है। जरूरत के लिए अलग बचत खाते का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे एफडी को अनावश्यक जोखिम से बचाने में मदद मिल सकती है। बाजपेयी ने कहा कि साइबर सुरक्षा को लेकर लोगों के बीच लगातार जागरूकता बढ़ाने की जरूरत है। साइबर क्राइम सेल से मिली जानकारी के आधार पर अगले दो-तीन दिनों में मीडिया के माध्यम से साइबर सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण संदेश जनता तक पहुंचाए जाएंगे। इस अवसर पर विष्णु गुप्ता, आकाश धवन, बलराज गुप्ता, नितिन गोस्वामी, विकास मित्तल समेत अन्य कार्यकर्ता और सहयोगी मौजूद रहे।
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