सामूहिक विवाह में 714 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ:उरई की नवीन गल्ला मंडी में उल्लासपूर्ण माहौल में हुआ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह

Sep 24, 2026 - 18:30
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सामूहिक विवाह में 714 जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ:उरई की नवीन गल्ला मंडी में उल्लासपूर्ण माहौल में हुआ मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह
जालौन के उरई की कालपी रोड़ स्थित नवीन गल्ला मंडी में गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत आयोजित भव्य समारोह में 714 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर वैवाहिक जीवन की शुरुआत की। समारोह की शुरुआत लगभग 1 बजे से शुरू हुई जो शाम लगभग 5 बजे तक हुई। जिसमें विभिन्न धर्मों और समुदायों की परंपराओं के अनुरूप विवाह की रस्में संपन्न हुईं। उल्लासपूर्ण माहौल के बीच जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को आशीर्वाद देते हुए उनके सुखद, समृद्ध और मंगलमय दांपत्य जीवन की कामना की। इस दौरान नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए बड़ी राहत है। सरकार बेटियों के सम्मान, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक विवाह जैसे आयोजन सामाजिक समानता और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं तथा जरूरतमंद परिवारों को सम्मानपूर्वक विवाह संपन्न कराने का अवसर उपलब्ध कराते हैं। माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन ने कहा कि गरीब परिवारों के लिए बेटियों का विवाह कई बार आर्थिक चुनौती बन जाता था, लेकिन मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना ने इस चिंता को काफी हद तक कम किया है। एक ही परिसर में विभिन्न समुदायों के जोड़ों का अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार विवाह संपन्न होना सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल है। कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि यह योजना केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है, बल्कि सामाजिक समरसता को मजबूत करने वाली पहल भी है। इसके माध्यम से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सम्मान के साथ बेटियों का विवाह संपन्न कराने का अवसर मिल रहा है। जिला पंचायत अध्यक्ष प्रशासक डॉ. घनश्याम अनुरागी ने कहा कि योजना शासन की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। सामूहिक विवाह समारोह सामाजिक सद्भाव, समानता और आपसी भाईचारे का संदेश देते हैं। जिलाधिकारी समीर ने बताया कि योजना के तहत पात्र कन्या के खाते में 64 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से भेजे जाते हैं, जबकि 21 हजार रुपये विवाह सामग्री और 15 हजार रुपये आयोजन की व्यवस्थाओं पर व्यय किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बेटियों के विवाह में सहयोग देने के साथ उन्हें सम्मानजनक वैवाहिक जीवन की शुरुआत का अवसर उपलब्ध कराना है। समारोह में जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र प्रदान कर शुभकामनाएं दीं। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी न्यायिक शत्रुहन पाठक, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय श्रीवास्तव सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक और बड़ी संख्या में वर-वधू के परिजन मौजूद रहे।

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