शामली में भाजपा की तीनों सीटों पर टिकट की दौड़:पुराने दिग्गजों के साथ नए चेहरे भी दावेदारी में, संगठन फीडबैक लेने में जुटा
शामली में मिशन-2027 को लेकर जिले की शामली, कैराना और थानाभवन विधानसभा सीटों पर भाजपा में सियासी हलचल तेज हो गई है। तीनों सीटों पर प्रत्याशी चयन को लेकर पार्टी संगठन जमीनी स्थिति का आकलन करने में जुटा है। दावेदारों की जनसक्रियता, कार्यकर्ताओं के बीच पकड़ और जातीय समीकरणों को लेकर फीडबैक जुटाए जाने की चर्चा है। चुनावी दौड़ में पुराने दिग्गजों के साथ नए चेहरे भी अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में तीनों सीटों पर भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। शामली और थानाभवन सीटों पर रालोद, जबकि कैराना में सपा ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में आगामी चुनाव को लेकर भाजपा के सामने तीनों सीटों पर अपनी स्थिति मजबूत करने की चुनौती है। हालांकि, अभी प्रत्याशियों को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। मेरठ-सहारनपुर की बैठकों के बाद बढ़ी हलचल पार्टी की संगठनात्मक बैठकों के बाद जिले में चुनावी तैयारियों को लेकर चर्चाएं तेज हुई हैं। 21 सितंबर को मेरठ में राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी की बैठक के बाद 22 सितंबर को सहारनपुर में भी समीक्षा बैठक हुई। संगठनात्मक गतिविधियों, बूथ समितियों और कार्यकर्ताओं की सक्रियता पर जोर दिए जाने के बाद स्थानीय स्तर पर भी तैयारियां तेज होने की चर्चा है। प्रत्याशी चयन में केवल राजनीतिक रसूख ही नहीं, बल्कि कार्यकर्ताओं के साथ तालमेल, क्षेत्र में सक्रियता और सामाजिक समीकरण भी अहम माने जा रहे हैं। युवाओं और नए चेहरों को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच पुराने दावेदार भी अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। तीनों सीटों पर इन नामों की चर्चा शामली विधानसभा सीट पर पूर्व जिलाध्यक्ष तेजेंद्र निर्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष अरविंद संगल और हरबीर मलिक के नाम चर्चा में हैं। थानाभवन सीट पर पूर्व मंत्री सुरेश राणा और संजय शर्मा की दावेदारी की चर्चा है। वहीं, कैराना विधानसभा सीट पर अनिल चौहान, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मनीष चौहान और मृगांका सिंह के नाम सामने आ रहे हैं। ये नाम फिलहाल संभावित दावेदारों के तौर पर चर्चा में हैं। पार्टी की ओर से किसी भी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है। भाजपा-रालोद गठबंधन भी बदलेगा समीकरण भाजपा और रालोद के बीच गठबंधन तथा सीटों के बंटवारे को लेकर होने वाला फैसला भी जिले की चुनावी रणनीति को प्रभावित कर सकता है। ऐसे में तीनों सीटों पर प्रत्याशी चयन का गणित गठबंधन की स्थिति के अनुसार बदलने की संभावना रहेगी। भाजपा जिलाध्यक्ष रामजीलाल कश्यप के अनुसार, पार्टी एकजुट होकर चुनाव की तैयारियों में जुटी है। 2022 में तीनों सीटों पर ऐसा रहा था मुकाबला शामली: रालोद के प्रसन्न चौधरी को 1,03,070 वोट मिले थे। उन्होंने भाजपा के तेजेंद्र निर्वाल को 7,107 वोटों से हराया था। तेजेंद्र निर्वाल को 95,963 और बसपा के बिजेंद्र को 8,183 वोट मिले थे। थानाभवन: रालोद के अशरफ अली ने 1,03,751 वोट हासिल कर भाजपा के सुरेश राणा को 10,806 वोटों से हराया था। सुरेश राणा को 92,945 और बसपा के जहीर को 11,039 वोट मिले थे। कैराना: सपा के नाहिद हसन ने 1,31,035 वोट हासिल किए थे। उन्होंने भाजपा की मृगांका सिंह को 25,887 वोटों से हराया था। मृगांका सिंह को 1,05,148 और बसपा के राजेंद्र को 2,077 वोट मिले थे। जिले में मतदाताओं की संख्या
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