शारदीय नवरात्र प्रारंभ, संभल के चामुंडा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना:पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा, मां ज्वाला देवी की दिव्य ज्योत के दर्शन

Oct 11, 2026 - 09:07
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शारदीय नवरात्र प्रारंभ, संभल के चामुंडा देवी मंदिर में पूजा-अर्चना:पहले दिन मां शैलपुत्री की हुई पूजा, मां ज्वाला देवी की दिव्य ज्योत के दर्शन
संभल में शारदीय नवरात्र आज से प्रारंभ हो गए हैं, मां दुर्गा की पूजा-अर्चना करने के लिए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे है। रविवार की भोर 04:30 बजे मंगला आरती के बाद श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मां दुर्गा के भवन के कपाट खोल दिए गए। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान पूर्वक पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की। सुबह 08 बजे 5000 से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। संभल के जिला मुख्यालय बहजोई से 17 किलोमीटर दूर संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मौहल्ला हल्लू सराय में सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी मां चामुंडा देवी के सिद्धपीठ मंदिर में आज रविवार से शारदीय नवरात्र का मेला शुरू हो गया है। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर माँ दुर्गा के प्रथम रूप माँ शैलपुत्री की पूजा-अर्चना कर अपनी मनोकामना पूर्ण होने की प्रार्थना की और माँ ज्वाला देवी ज्योत के दर्शन किए, साथ ही श्रद्धालु अखंड ज्योत लेकर घर ले गए। नवरात्र प्रारंभ होने से एक दिन पहले हिमाचल प्रदेश से मां ज्वाला देवी की दिव्य ज्योत श्रद्धालु लेकर आए। माँ दुर्गा को श्रृंगार का सामान महिला श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाया गया। सिद्धपीठ श्रीचामुंडा देवी मंदिर में प्रथम नवरात्र पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली, माता के भवन को फूलों के बंगले से सजाया गया तो वहीं पूरा मंदिर परिसर लाइटों की रोशनी से जगमगा उठा है। मंदिर परिसर में 50 से अधिक दुकानें लगाई गई हैं, वहीं सीसीटीवी कैमरा से निगरानी की जा रही है और सुरक्षा को लेकर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट है। दुकानदार दिनेश कुमार ने बताया कि 35 वर्षों से मैं मंदिर के सामने प्रसाद की दुकान लगा रहा हूं इससे पहले मेरे बुजुर्ग लगाते थे। उन्होंने कहा कि मेरी हर मुराद यहां से पूरी होती है और जो भी श्रद्धालु सच्चे मन से यहां दर्शन करता है उसकी मुराद मां पूरी करते हैं। सम्राट पृथ्वीराज चौहान के समय का यह मंदिर है इसे 800 साल से भी ज्यादा पुराना बताया जाता है और सम्राट पृथ्वीराज चौहान की पूजा करने आते थे। मंदिर महंत मुरली सिंह ने बताया कि जब से संभल शहर बसा है तभी से यहां मां का स्थान है और आज प्रथम दिन माँ दुर्गा के स्वरूप माँ शैलपुत्री की श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की है। हर नवरात्रों में मां ज्वाला देवी ज्योत आती है और श्रद्धालु दर्शन करते हैं। उन्होंने बताया कि यह मंदिर सम्राट पृथ्वीराज चौहान की कुलदेवी मां चामुंडा देवी का मंदिर है और 800 साल से भी ज्यादा पुराना है।

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