सहारनपुर की फर्म ने 76 लाख की धोखाधड़ी की:कारोबारी बोला–शराब-बीयर सप्लाई कराई, 76 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया, जांच की मांग
सहारनपुर में शराब और बीयर की सप्लाई लेकर 76 लाख रुपए का भुगतान नहीं करने के आरोप में एक कारोबारी ने फर्म के संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि करीब चार साल से उसके साथ शराब और बीयर की खरीद-बिक्री का लेनदेन चल रहा था। इसी दौरान आरोपियों ने अलग-अलग मौकों पर उससे माल मंगवाया। भुगतान के लिए करीब एक करोड़ रुपये के चेक भी दिए, लेकिन जब बकाया रकम 76 लाख रुपये तक पहुंच गई तो भुगतान करने में टालमटोल शुरू कर दी। शिकायतकर्ता ने बैंक खाते और दस्तावेज कूटरचित होने की आशंका जताते हुए जांच की मांग की है। साथ ही एक फर्म के नाम पर तीन दुकानें संचालित करने और उनके लाइसेंस व आबकारी रिकॉर्ड की जांच कराने की मांग भी की है। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता राजीव मित्तल सहारनपुर शराब और बीयर की सप्लाई का कारोबार करते हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि चकरोता रोड स्थित नवाबगंज की फर्म मैसर्स शिवा इंटरप्राइजेज के साथ पिछले करीब चार साल से व्यापारिक लेनदेन चल रहा था। शिकायत में फर्म की पार्टनर सोनिया गौड़, सिकंदरवीर सिंह और सुशांत जायसवाल के नाम शामिल हैं। आरोप है कि ये लोग खुद को अंग्रेजी शराब और बीयर का वैध कारोबार करने वाला बताते थे। उन्होंने तीन दुकानों का लाइसेंसधारी होने की बात कहकर तीनों दुकानों के लिए माल मंगवाया। लंबे समय से कारोबार चलने के कारण शिकायतकर्ता को उन पर भरोसा हो गया था। एक करोड़ रुपए के चेक दिए राजीव मित्तल के मुताबिक, आरोपियों ने भुगतान के लिए करीब एक करोड़ रुपए के चेक दिए थे। उनसे कहा गया था कि जब तक एक करोड़ रुपए का माल नहीं आ जाएगा, तब तक भुगतान नहीं किया जाएगा। माल की आपूर्ति पूरी होने पर वह चेक बैंक खाते में लगाकर अपनी रकम प्राप्त कर सकते हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसी भरोसे पर वह लगातार शराब और बीयर की सप्लाई करते रहे। धीरे-धीरे आरोपियों की ओर से लिए गए माल की कीमत करीब 76 लाख रुपए हो गई। रकम मांगने पर टालमटोल करने का आरोप शिकायत में कहा गया है कि जब बकाया रकम 76 लाख रुपए तक पहुंच गई तो सुशांत जायसवाल का व्यवहार बदलने लगा। आरोप है कि वह बाद में फरार हो गया। इसके बाद राजीव मित्तल ने अन्य लोगों से अपनी रकम मांगी तो वे भी टालमटोल करने लगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि बार-बार पैसे मांगने पर आरोपियों ने भुगतान करने का भरोसा दिया और बैंक खातों के लेनदेन से जुड़े कुछ प्रमाण दिखाए। इन दस्तावेजों के आधार पर उन्हें लगा कि उनका पैसा जल्द मिल जाएगा। हालांकि, आरोप है कि बाद में आरोपियों ने रकम देने से साफ इन्कार कर दिया। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आपस में साजिश करके उनसे करीब 76 लाख रुपए का शराब और बीयर का माल ले लिया गया और भुगतान नहीं किया गया। उन्होंने यह भी आशंका जताई कि आरोपियों ने धोखाधड़ी के लिए कूटरचित एक्सिस बैंक खाता और अन्य दस्तावेज तैयार किए थे। शिकायत में दूसरे लोगों के साथ भी इसी तरह की धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया गया है। बैंक खातों और शराब की दुकानों के लाइसेंस की जांच की मांग राजीव मित्तल ने पुलिस को बताया कि उनके पास माल की सप्लाई से संबंधित बिल, इनवॉइस, बैंक लेनदेन का विवरण और बातचीत से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध हैं। उन्होंने इन दस्तावेजों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है। साथ ही आरोपियों के बैंक खातों और बैंक संबंधी दस्तावेजों की जांच कराने को कहा है। शिकायतकर्ता ने आबकारी विभाग के रिकॉर्ड की जांच कराने की भी मांग की है। उनका आरोप है कि एक ही फर्म के नाम पर तीन दुकानें संचालित की जा रही थीं। उन्होंने संबंधित दुकानों के लाइसेंस, परमिट और आबकारी अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है, ताकि यह पता चल सके कि दुकानों का संचालन नियमानुसार हो रहा था या नहीं। राजीव मित्तल ने 16 सितंबर 2026 को पुलिस अधीक्षक को प्रार्थनापत्र देकर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और अपनी बकाया रकम वापस दिलाने की मांग की थी। मामले में मुकदमा दर्ज हो गया है।
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