शिक्षक MLC के लिए मैदान में होंगे 16 दावेदार:एकमात्र महिला प्रत्याशी ने नाम वापस लिया; 23 को होगा मतदान
गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव मैदान में डटे वैध प्रत्याशियों की सूची जारी हो गई है। कुल 16 दावेदार मैदान में हैं। एक दंपति ने भी पर्चा भरा था लेकिन उसमें से पत्नी ने अपना नाम गुरुवार को वापस ले लिया। सभी प्रत्याशी अब अपने चुनाव प्रचार में जुट गए हैं। उनके पास प्रचार के लिए 14 दिन का समय बचा है। शिक्षक MLC के लिए 19 प्रत्याशियों ने 38 सेट में पर्चा दाखिल किया था। बुधवार को जांच के दौरान इनमें से दो प्रतयाशियों के पर्चे खारिज कर दिए गए थे। मनोज कुमार और चंद्रशेखर के पर्चे खारिज हुए थे। रिटर्निंग आफिसर एवं कमिश्नर इन्द्र विक्रम सिंह ने बताया कि दोनों प्रत्याशियों ने मतदाता सूची का प्रमाणित प्रपत्र जमा नहीं किया था। नामांकन के दिन ही उन्हें नोटिस देकर बुधवार सुबह 11 बजे पर्चों की जांच शुरू होने से पहले प्रपत्र उपलब्ध कराने का अवसर दिया गया था, लेकिन तय समय तक दोनों संबंधित प्रपत्र नहीं दे सके। इसके चलते उनके नामांकन निरस्त कर दिए गए। नामांकन पत्रों की जांच के दौरान प्रेक्षक अभय भी मौजूद थे। अब जानिए किस दंपति ने किया था नामांकन मऊ के रहने वाले अजीत कुमार सिंह एवं उनकी पत्नी संगीता सिंह ने एक ही दिन अपना नामांकन किया था। दोनों के पर्चे भी वैध भी पाए गए थे। संगीता सिंह ने गुरुवार को अपना नाम वापस ले लिया है। पति-पत्नी, दोनों का नामांकन चर्चा में था। बताया जा रहा है कि एहतियात के तौर पर दोनों ने पर्चा भरा था। यदि किसी एक का पर्चा खारित होता तो दूसरा चुनाव लड़ता। लेकिन दोनों के ही पर्चे वैध पाए गए, जिसके बाद पत्नी ने अपना नाम वापस ले लिया। जानिए किन 16 प्रत्याशियों के बीच होगा मुकाबला अब 16 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। उनके बीच मुकाबला होगा। इनमें भाजपा के ध्रुव त्रिपाठी, सपा के डा. संजयन त्रिपाठी, पिछले चुनाव में दूसरा स्थान पाने वाले उत्तर प्रदेश माध्यमिक वित्तविहीन शिक्षक महासभा के अजय सिंह, उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (चेतनारायण गुट) के डा. राकेश सिंह, पिछले चुनाव में तीरा स्थान पाने वाले उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ (एकजुट) के राजीव यादव, सत्यपाल सिंह, डा. शरदेंदु कुमार त्रिपाठी, निरंकार राम त्रिपाठी, अजीत कुमार सिंह, देव भास्कर तिवारी, राजेश पांडेय, शिव श्याम यादव, दिनेश कुमार मिश्र, पंकज कुमार, राकेश कुमार तिवारी और राम प्रताप राम मैदान में हैं। 17 जिलों में 200 बूथ बनाए गए हैं चुनाव के लिए गोरखपुर, बस्ती, देवीपाटन, अयोध्या व आजमगढ़ मंडलों के 17 जिलों में 200 बूथ बनाए गए हैं। यहां लगभग 54 हजार शिक्षक मतदाता अपना वोट देंगे। यह वोट वरीयता के आधार पर होगा। प्रथम वरीयता के मतों का सर्वाधिक महत्व होता है। प्रथम वरीयता के मतों से जीत-हार का फैसला न होने पर द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती होती है। आमतौर पर द्वितीय वरीयता में ही परिणाम आ जाता है। राजनीतिक दलों ने प्रत्याशी भले दिए लेकिन नहीं मिलेगा सिंबल इस चुनाव के लिए राजनीतिक दलों ने अपने प्रत्याशी भले दिए हों लेकिन किसी को पार्टियों का सिंबल नहीं दिया जाएगा। भाजपा व सपा यहां अपने प्रत्याशी लड़ा रही हैं लेकिन उनके नाम के सामने न तो कमल होगा और न ही साइकिल। प्रत्याशियों के नाम लिखे होंगे और उनके नाम के नीचे उनके दल का नाम होगा। ध्रुव त्रिपाठी के नाम के नीचे भाजपा तो डा. संजयन त्रिपाठी के नाम के नीचे सपा लिखा होगा। अन्य प्रत्याशियों के नाम के नीचे निर्दल लिखा होगा। शिक्षक अपने पसंदीदा प्रत्याशी के सामने बने वरीयता के कॉलम में 1, 2 या 3 लिखेगा। जानिए कैसे घोषित होता है परिणाम शिक्षक एमएलसी का चुनाव बैलेट पेपर के माध्यम से होता है। 23 अक्टूबर को मतदान होगा और 27 अक्टूबर को गोरखपुर विश्वविद्यालय में मतगणना कराई जाएगी। मतगणना के दौरान सबसे पहले प्रथम वरीयता के मतों की गिनती होगी। यदि कोई प्रत्याशी कुल पड़े वैध मतों के 50 प्रतिशत से एक वोट अधिक पाता है तो उसे विजयी घोषित कर दिया जाएगा। यदि प्रथम वरीयता में कोई भी प्रत्याशी 50 प्रतिशत मतों का आंकड़ा पार नहीं कर पाता है तो द्वितीय वरीयता के मतों की गिनती होगी। इस दौरान भी यदि प्रथम व द्वितीय वरीयता के मतों को मिलाकर जैसे ही कोई प्रत्याशी 50 प्रतिशत से अधिक मतों का आंकड़ा छूता है तो उसे विजयी घोषित कर दिया जाएगा। द्वितीय वरीयता में भी फैसला नहीं हुआ तो तृतीय वरीयता के मतों की गिनती होगी।
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