श्रावस्ती में पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना:कई जगह हटी माता के आंखों से पट्टी, देवी जागरण से भक्तिमय रहा माहौल, उमड़ा आस्था का सैलाब

Oct 16, 2026 - 08:12
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श्रावस्ती में पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना:कई जगह हटी माता के आंखों से पट्टी, देवी जागरण से भक्तिमय रहा माहौल, उमड़ा आस्था का सैलाब
श्रावस्ती में शारदीय नवरात्रि के पांचवें दिन शुक्रवार को जिलेभर के दुर्गा पूजा पंडालों में मां स्कंदमाता की पूजा-अर्चना के साथ भक्ति और आस्था का माहौल देखने को मिला। शाम होते ही पंडालों में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी। कई पूजा पंडालों में माता की आंखों से पट्टी हटाई गई, जिसके बाद भक्तों ने माता के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार के कल्याण की कामना की। आरती, भजन-कीर्तन, देवी जागरण और धार्मिक झांकियां आकर्षण का केंद्र बनी रहीं। जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थापित दुर्गा पूजा पंडालों में रात करीब नौ बजे आरती और पूजन के बाद धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम शुरू हुए। कहीं बाल कलाकारों ने धार्मिक प्रसंगों का मंचन किया तो कहीं आकर्षक झांकियों के माध्यम से देवी महिमा का गुणगान किया गया। कई स्थानों पर देवी जागरण में श्रद्धालु देर रात करीब 12:00 बजे तक भक्ति गीतों में लीन रहे। पंडालों की आकर्षक सजावट और देवी-देवताओं के मनमोहक स्वरूप श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं। नवरात्रि के पहले दिन मां शैलपुत्री, दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी, तीसरे दिन मां चंद्रघंटा और चौथे दिन मां कूष्मांडा की पूजा की गई। पांचवें दिन मां स्कंदमाता की आराधना हुई। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां स्कंदमाता भगवान कार्तिकेय की माता हैं और उन्हें कमल के आसन पर विराजमान होने के कारण पद्मासना देवी भी कहा जाता है। भक्त मां की पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना करते हैं। आयोजकों के अनुसार, नवरात्रि के आगामी दिनों में भी दुर्गा पूजा पंडालों में धार्मिक झांकियों, भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। श्रद्धालुओं की बढ़ती भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने पंडालों और प्रमुख स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था की है। रात में भी पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई है, ताकि भक्त शांतिपूर्ण माहौल में दर्शन-पूजन कर सकें। जिलेभर में नवरात्रि को लेकर उत्साह और भक्तिमय वातावरण बना हुआ है।

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