सीईसी के आवास पर प्रदर्शन मामले में कांग्रेसियों को राहत:CJM कोर्ट ने धारा 307 हटाने का आदेश दिया, मंजूर की जमानत
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के आगरा स्थित पैतृक आवास पर हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के मामले में अदालत से आरोपियों को राहत मिली है। CJM अदालत ने सुनवाई के दौरान धारा 307 के आरोप को निराधार मानते हुए उसे हटाने का आदेश दिया और सभी अभियुक्तों की जमानत मंजूर कर ली। प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारियां की थीं। बचाव पक्ष ने रखे तथ्य और साक्ष्य सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को अदालत के सामने रखा गया। इसके बाद अदालत ने धारा 307 को हटाने का आदेश दिया और सभी अभियुक्तों को जमानत दे दी। अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता सुब्रत मेहरा, रूपेश भदौरिया, संतोष दीक्षित, पंडित अपूर्व शर्मा और सुमित रावत ने पैरवी की। अधिवक्ता पंडित अपूर्व शर्मा के अनुसार, बचाव पक्ष ने मामले के तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष रखा था। अदालत के आदेश के बाद अभियुक्तों को कानूनी राहत मिली है। 28 सितंबर को हुआ था प्रदर्शन यह मामला 28 सितंबर को विजय नगर स्थित ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर हुए कांग्रेस प्रदर्शन से जुड़ा है। रिपोर्टों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और आवास के गेट व दीवार पर स्प्रे पेंट से नारे लिखे थे। इसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की थी। पुलिस की ओर से दर्ज मुकदमे में दंगा, रास्ता रोकने, गृह अतिचार और अन्य धाराओं के साथ धारा 307 भी लगाई गई थी। हिन्दुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, मामले में आठ नामजद और 20 अज्ञात लोगों का उल्लेख किया गया था। आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी अदालत द्वारा धारा 307 हटाए जाने और जमानत मंजूर किए जाने के बाद गिरफ्तार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को राहत मिली है। मामले में अन्य धाराओं और आगे की कानूनी प्रक्रिया अदालत के स्तर पर जारी रहेगी।
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