सीतापुर में केशव ग्रीन सिटी के बिल्डर पर FIR:पत्नी-पिता समेत 7 नामजद, NH-30 जाम करने के मामले में कार्रवाई
सीतापुर शहर के बाहर स्थित केशव ग्रीन सिटी में बाढ़ का पानी भरने के बाद शुरू हुआ विवाद अब बिल्डर और प्रशासन के बीच कार्रवाई तक पहुंच गया है। जलभराव से परेशान लोगों के प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए नेशनल हाईवे-30 (NH-30) जाम करने के मामले में बिल्डर मुकेश अग्रवाल समेत सात लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। डीएम राजा गणपति के आदेश पर विनियमित क्षेत्र के जेई मार्कण्डेय कुमार मिश्रा की तहरीर पर शनिवार सुबह करीब 11 बजे मुकदमा दर्ज किया गया। मामले में अन्य अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। गोपनीय जांच में लापरवाही सामने आने का दावा प्रशासन की ओर से गठित टीम की गोपनीय जांच रिपोर्ट में बिल्डर की लापरवाही सामने आने के बाद यह कार्रवाई की गई है। हालांकि, जांच रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों और लापरवाही के बिंदुओं को लेकर प्रशासन ने अभी तक विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। अब रिपोर्ट को पुलिस की विवेचना में शामिल कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पत्नी, पिता, भाई और बेटे समेत सात नामजद जेई मार्कण्डेय कुमार मिश्रा की तहरीर के मुताबिक, एफआईआर में मुकेश अग्रवाल, उनकी पत्नी श्वेता अग्रवाल, पिता प्रह्लाद अग्रवाल, भाई विकास अग्रवाल, बेटे राहुल अग्रवाल और रोली श्रीवास्तव समेत सात लोगों को नामजद किया गया है। रोली श्रीवास्तव पूर्व में रजिस्ट्री कार्यालय में तैनात रहे बाबू अतुल श्रीवास्तव की पत्नी हैं। धोखाधड़ी, जालसाजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप तहरीर में आरोप लगाया गया है कि बिल्डर और उनके सहयोगियों ने लोगों के साथ धोखाधड़ी की और षड्यंत्र के तहत जालसाजी की। इसके अलावा सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और लो-लैंड यानी निचली जमीन पर कागजों में हेरफेर कर प्लॉटिंग करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इन्हीं आरोपों के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। आरोपों की पुष्टि जांच और विवेचना के बाद ही हो सकेगी। जलभराव के बाद हाईवे जाम से बढ़ा मामला केशव ग्रीन सिटी में बाढ़ का पानी भरने से परेशान लोगों ने जलभराव और प्रशासनिक व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई थी। इसी दौरान लोगों ने नारेबाजी करते हुए NH-30 जाम कर दिया था। इसके बाद मामला चर्चा में आया और प्रशासन ने जांच कराई। अब बिल्डर के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने से प्रकरण ने नया मोड़ ले लिया है। विवेचना में शामिल होगी जांच रिपोर्ट प्रभारी निरीक्षक पीयूष सिंह ने बताया कि जेई की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज किया गया है। प्रशासन की गोपनीय जांच रिपोर्ट को विवेचना में शामिल किया जाएगा। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)