सीतापुर में मां दुर्गा के स्वरूप में पूजी गईं कन्याएं:दक्षिणा-उपहार देकर नवरात्र व्रत पूरे किए, हजारों की संख्या में पहुंचे श्रद्धालु
सीतापुर की तीर्थ नगरी नैमिषारण्य में सोमवार सुबह शारदीय नवरात्र की महानवमी पर मां ललिता देवी मंदिर में श्रद्धा और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिला। मां भगवती के दर्शन-पूजन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस दौरान कन्या भोज का आयोजन कर भक्तों ने कन्याओं को मां दुर्गा का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया और भोजन कराकर आशीर्वाद प्राप्त किया। मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक आस्था और भक्तिमय माहौल बना रहा। महानवमी के पावन अवसर पर श्रद्धालुओं ने कन्याओं के चरण पूजन कर उन्हें श्रद्धापूर्वक भोजन कराया। इसके बाद कन्याओं को दक्षिणा और उपहार भेंट किए गए। भक्तों ने मां ललिता देवी के दरबार में माथा टेककर परिवार की सुख-समृद्धि, खुशहाली और आरोग्य की कामना की। नवरात्र के अंतिम दिन धार्मिक अनुष्ठान संपन्न मां भगवती के जयकारों के बीच श्रद्धालुओं ने पूरी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की और नवरात्र के अंतिम दिन धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शारदीय नवरात्र की महानवमी पर कन्या पूजन और कन्या भोज का विशेष महत्व है। कन्याओं को मां दुर्गा के नौ स्वरूपों का प्रतीक मानकर उनका पूजन किया जाता है। मान्यता है कि कन्या पूजन से मां भगवती प्रसन्न होती हैं और भक्तों को सुख, शांति एवं समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करती हैं। इसी आस्था के चलते श्रद्धालु नवरात्र के अंतिम दिन कन्या भोज कराकर अपनी पूजा को पूर्णता प्रदान करते हैं। नौ दिनों तक चले नवरात्र अनुष्ठान का समापन मां ललिता देवी मंदिर में आयोजित कन्या भोज के साथ ही श्रद्धालुओं ने नौ दिनों तक चले नवरात्र अनुष्ठान का समापन किया। इस दौरान भक्तों में विशेष उत्साह दिखाई दिया। धार्मिक परंपराओं और आस्था से जुड़े आयोजन ने महानवमी के महत्व को और बढ़ा दिया। पूरे मंदिर परिसर में मां भगवती की आराधना और भक्ति का वातावरण बना रहा।
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