स्कूबा डाइवर टीम की मांग पर ग्रामीणों ने लगाया जाम:लखनऊ में भैंस बचाने उतरा युवक बेहता नाले में डूबा, युवक की तलाश जारी
लखनऊ के रहीमाबाद में बेहता नाले में डूबे 18 वर्षीय सूरज का शुक्रवार को भी पता नहीं चला। इससे नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने लखनऊ-हरदोई मार्ग पर जाम लगा दिया। लोग सड़क पर लाठी-डंडे डालकर लेट गए। उनकी मांग थी कि युवक की तलाश के लिए स्कूबा डाइवर टीम बुलाई जाए। करीब आधे घंटे तक हंगामा और पुलिस से नोकझोंक होती रही। पुलिस के समझाने पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया। सूरज गुरुवार शाम करीब 5 बजे दोस्त के बुलाने पर नाले में फंसी भैंस को बचाने पहुंचा था। वह जूट की रस्सी लेकर पानी में उतरा, लेकिन अचानक उसके हाथ से रस्सी छूट गई। वह करीब 30 फीट गहरे पानी में चला गया। दोस्तों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तेज बहाव और अंधेरा होने के कारण सफलता नहीं मिली। पुलिस को सूचना मिलने के बाद सात गोताखोरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर करीब दो घंटे तक तलाश की, लेकिन सूरज का पता नहीं चला। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े सात बजे एसडीआरएफ ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। इस दौरान भैंस का शव बरामद हो गया, लेकिन सूरज की तलाश जारी रही। घटना के बाद से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। 3 तस्वीरें देखिए… जलकुंभी हटाकर तलाश, भैंस का शव मिला विष्णु मौर्य की भैंस बेहता नाले में फंस गई थी। उसे निकालने के लिए रोहित ने अपने दोस्तों सूरज, नीरज, पिंटू और दिल्कू को बुलाया। सभी युवक बिजली के खंभे से रस्सा बांधकर भैंस को बचाने के लिए नाले में उतरे। सूरज रस्सा पकड़कर गहराई में गया, तभी उसके हाथ से रस्सा छूट गया और वह तेज बहाव में बह गया। सूरज को तैरना नहीं आता था। शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ ने करीब एक किलोमीटर के दायरे में सर्च अभियान चलाया। ग्रामीण गोताखोर भी छोटी नावों के साथ मौके पर पहुंचे। रोहित के बताए स्थान के आसपास करीब 100 मीटर के दायरे में जलकुंभी फैली हुई थी। एसडीआरएफ और ग्रामीणों की करीब 25 लोगों की टीम ने बांस, बल्ली, हंसिया और बांके की मदद से जलकुंभी हटाई। तलाश के दौरान भैंस का शव तेज धारा में बहकर घटनास्थल से करीब 300 मीटर दूर उन्नाव के औरास थाना क्षेत्र के गोझिहार गांव के पास पहुंच गया। शुक्रवार सुबह करीब साढ़े 10 बजे भैंस का शव बेहता नाले के किनारे फंसा मिला। हालांकि, सूरज का कोई सुराग नहीं मिल सका। स्कूबा डाइवर टीम बुलाने की मांग पर जाम सूरज की तलाश के लिए स्कूबा डाइवर टीम बुलाने की मांग को लेकर परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने लखनऊ-हरदोई मार्ग पर लाठी-डंडे डालकर और सड़क पर लेटकर जाम लगा दिया। मौके पर बड़ी संख्या में महिलाएं भी जुट गईं। ग्रामीण स्कूबा डाइवर टीम बुलाने की मांग पर अड़े रहे। इस दौरान पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। पुलिस ने लोगों को समझाकर शांत कराया। करीब आधे घंटे तक जाम लगा रहा। इस दौरान सड़क के दोनों ओर करीब एक-एक किलोमीटर तक वाहनों की कतारें लग गईं। 11 दिन में तीसरी घटना, दो लोगों की पहले हो चुकी मौत बेहता नाले में पिछले 11 दिनों में डूबने की यह तीसरी घटना है। इससे पहले 27 सितंबर को 35 वर्षीय युवक और 29 सितंबर को 60 वर्षीय किसान की नाले में डूबने से मौत हो गई थी। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके के लोगों में चिंता है। …………… इससे संबंधित ये खबर भी पढ़ें… पुणे से कमाकर लौटा युवक नाले में डूबा:बेहता नाले में भैंस को बचाने उतरा था, रस्सी छूटने पर 30 फीट गहरे पानी में गया पुणे से कमाकर लखनऊ लौटा युवक नाले में डूब गया। वह गुरुवार शाम 5 बजे दोस्त के बुलाने पर भैंस को बचाने के लिए पहुंचा था। जूट की रस्सी लेकर पानी में उतरा था। इसी दौरान हाथ से रस्सी छूट गई और वह 30 फीट गहरे पानी में चला गया। दोस्तों ने बचाने की कोशिश की, लेकिन अंधेरा होने के कारण कुछ पता नहीं चला। पुलिस को सूचना देने के बाद 7 गोताखोरों की टीम ने मौके पर पहुंचकर दो घंटे तक तलाश की, लेकिन युवक का कुछ पता नहीं चल सका। घटना से परिजनों में चीख-पुकार मची है। घटना रहीमाबाद थाना क्षेत्र की है। पिछले 11 दिन में इसी नाले में डूबने की यह तीसरी घटना है। 27 सितंबर को 35 साल के युवक, 29 सितंबर को 60 साल के किसान की मौत हो गई थी। पढ़िए पूरी खबर…
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