स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोलीं—शहंशाह बनने चले!
भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने अमेठी में राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकता, वह शहंशाह बनने चला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उनके बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अमेठी और राहुल गांधी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
राइजिंग न्यूज़ | अमेठी, उत्तर प्रदेश | 14 अक्टूबर 2026
शीर्षक
अमेठी में स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोलीं—जो अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकता, वह शहंशाह बनने चला
समाचार लेख
अमेठी में भारतीय जनता पार्टी की नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक क्षमता और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए। स्मृति ईरानी ने अपने बयान में तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति अमेठी में अपने दम पर चुनाव तक नहीं लड़ सकता, वह शहंशाह बनने चला है। उनके इस बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अमेठी और गांधी परिवार को लेकर सियासी चर्चा तेज होने की संभावना है।
राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का तीखा बयान
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके नेतृत्व और राजनीतिक दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अमेठी में अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ पाने वाला व्यक्ति शहंशाह बनने का सपना देख रहा है। इस बयान के जरिए उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर कटाक्ष किया। उनका यह हमला ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं।
अमेठी की राजनीति फिर चर्चा में
अमेठी उत्तर प्रदेश की उन महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों में शामिल है, जिसका गांधी परिवार से लंबे समय तक राजनीतिक संबंध रहा है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को अमेठी सीट पर हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की थी। हालांकि, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने रायबरेली से जीत हासिल की, जबकि अमेठी सीट पर कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने स्मृति ईरानी को पराजित किया। यही वजह है कि अमेठी से जुड़े राजनीतिक बयान आज भी राष्ट्रीय राजनीति में विशेष महत्व रखते हैं।
समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना
समाचार के उपलब्ध विवरण के अनुसार, स्मृति ईरानी ने अमेठी में समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उनके बयान को उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के खिलाफ भाजपा की राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में देखा जा सकता है। हालांकि, समाजवादी पार्टी को लेकर उनके बयान की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनके आरोपों और टिप्पणियों के अन्य विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उन्हें तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक तकरार
स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर यह हमला ऐसे समय में सामने आया है, जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विपक्षी दलों और भाजपा के बीच चुनावी प्रक्रिया, विरोध प्रदर्शन तथा राजनीतिक नेतृत्व को लेकर आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, अमेठी में दिए गए स्मृति ईरानी के बयान और दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती। इस पूरे घटनाक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के बयान आने से सियासी माहौल गर्म बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज
स्मृति ईरानी के इस बयान ने राहुल गांधी और अमेठी की राजनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के दौरान नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर निशाना साधना आम बात है। ऐसे बयानों का असर समर्थकों के बीच राजनीतिक बहस पर भी पड़ता है। अब इस बयान पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।
समाचार की अन्य जानकारी
संक्षिप्त सार: भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने अमेठी में राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकता, वह शहंशाह बनने चला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उनके बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अमेठी और राहुल गांधी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मुख्य शब्द: स्मृति ईरानी, राहुल गांधी, अमेठी समाचार, भाजपा कांग्रेस विवाद, उत्तर प्रदेश राजनीति, समाजवादी पार्टी, अमेठी लोकसभा सीट, स्मृति ईरानी बयान, राहुल गांधी पर हमला, राजनीतिक समाचार, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस समाचार
अंग्रेज़ी में वेब पते का शब्दांकन: smriti-irani-attack-rahul-gandhi-amethi-political-statement
वेबसाइट का पता: https://therisingnews.co.in/smriti-irani-attack-rahul-gandhi-amethi-political-statement/
विषय श्रेणी: उत्तर प्रदेश
स्थान: अमेठी, उत्तर प्रदेश
प्रमुख चिह्न: #स्मृतिईरानी #राहुलगांधी #अमेठी #उत्तरप्रदेश #भाजपा #कांग्रेस #समाजवादीपार्टी #राजनीतिसमाचार #अमेठीलोकसभा #दिराइजिंगन्यूज
लघु दृश्य शीर्षक: स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोलीं—शहंशाह बनने चले!
प्रकाशन संबंधी सुझाव: समाचार का शीर्षक और मुख्य विवरण प्रकाशित करने से पहले मूल समाचार में दिए गए स्मृति ईरानी के बयान तथा समाजवादी पार्टी पर उनकी टिप्पणी का पूरा संदर्भ अवश्य जाँच लें।
कैटेगरी: उत्तर प्रदेश
द राइजिंग न्यूज़ | मेरठ, उत्तर प्रदेश | 14 अक्टूबर 2026
शीर्षक
नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, फैसला सुनते ही रो पड़े दोनों; जानिए हत्या से सजा तक की पूरी समयरेखा
समाचार लेख
उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। मर्चेंट नेवी में कार्यरत रहे सौरभ राजपूत की हत्या के इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ की हत्या करने के बाद उनके शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में छिपा दिया गया था। समाचार में दी गई जानकारी के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 को सजा का ऐलान होते ही दोनों दोषी भावुक होकर रो पड़े, जबकि सौरभ के परिजनों ने अदालत के फैसले पर संतोष जताया।
अदालत ने सुनाई मृत्युदंड की सजा
मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराने के बाद मृत्युदंड की सजा सुनाई। इससे पहले 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोनों को हत्या, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े आरोपों में दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया। इस फैसले के साथ ही मामले की लंबी सुनवाई का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ, हालांकि आगे की न्यायिक प्रक्रिया का अधिकार बना रहता है।
वर्ष 2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की शादी
सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी की वर्ष 2016 में प्रेम विवाह हुआ था। दोनों की एक बेटी भी थी और सौरभ समुद्री जहाजों से जुड़े क्षेत्र में काम करते थे। समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार, सौरभ विदेश में काम करने के बाद फरवरी 2025 में मेरठ स्थित अपने घर लौटे थे। परिवार में पत्नी और बेटी के जन्मदिन मनाए जाने के कुछ ही दिनों बाद ऐसी घटना हुई, जिसने इस परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी।
3 मार्च 2025: हत्या की वारदात
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की दवा मिलाई थी। सौरभ के बेहोश होने के बाद साहिल को घर बुलाया गया और दोनों ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक, वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। पुलिस ने बाद में जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा।
4 मार्च 2025: नीले ड्रम में छिपाया गया शव
समाचार में दिए गए घटनाक्रम के अनुसार, हत्या के अगले दिन शव के कई टुकड़े किए गए और उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखा गया। शव को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट और रेत का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई। इस तरीके के कारण यह मामला अत्यंत गंभीर और भयावह अपराध के रूप में चर्चा में आया। बाद में घर से दुर्गंध आने और पुलिस की जांच के दौरान ड्रम से शव के अवशेष बरामद किए गए।
5 मार्च 2025: हिमाचल प्रदेश घूमने गए आरोपी
अभियोजन के अनुसार, वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। समाचार में बताया गया कि दोनों ने इस दौरान सामाजिक माध्यमों पर तस्वीरें और चलचित्र भी साझा किए। जांच के दौरान यह घटनाक्रम मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बना। पुलिस ने दोनों की गतिविधियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करके हत्या के बाद की घटनाओं को समझने का प्रयास किया।
17 और 18 मार्च 2025: मामले का खुलासा
समाचार में दी गई समयरेखा के अनुसार, मुस्कान और साहिल 17 मार्च 2025 को हिमाचल प्रदेश से लौटे थे। इसके बाद 18 मार्च को सौरभ के भाई राहुल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। घर से दुर्गंध आने के बाद पुलिस ने जांच की और नीले ड्रम से सौरभ के शव के अवशेष बरामद किए। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और घटनाक्रम की परतें खुलने लगीं।
19 मार्च 2025: मुस्कान और साहिल गिरफ्तार
पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। इस मामले ने उस समय व्यापक जनचर्चा पैदा की, क्योंकि हत्या के बाद शव को छिपाने के तरीके ने लोगों को स्तब्ध कर दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला मजबूत करने का प्रयास किया।
12 मई 2025: पुलिस ने दाखिल की आरोपपत्र
पुलिस ने 12 मई 2025 को मामले में विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया। समाचार में इसके लगभग एक हजार पृष्ठों का होने की जानकारी दी गई है। इसमें हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोप शामिल किए गए थे। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद अदालत में मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ी और अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किए।
जुलाई 2025 से शुरू हुई मुकदमे की सुनवाई
जुलाई 2025 में मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। समाचार के अनुसार, मुकदमे के दौरान अनेक पेशियां हुईं और दो दर्जन से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर आरोप साबित करने की कोशिश की। दूसरी ओर, आरोपियों को अपना पक्ष रखने और आरोपों का जवाब देने का अवसर मिला।
नवंबर 2025: जेल में मुस्कान ने दिया दूसरी बेटी को जन्म
समाचार में बताया गया है कि नवंबर 2025 में मुस्कान ने जेल में दूसरी बेटी को जन्म दिया था। इस घटनाक्रम के कारण मामला एक बार फिर चर्चा में आया। हालांकि, बच्चे के जन्म का हत्या के आरोपों और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों से अलग कानूनी महत्व है। अदालत ने मामले का निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानून के आधार पर किया।
21 अप्रैल 2026: आरोपियों से हुई पूछताछ
मुकदमे की सुनवाई के दौरान 21 अप्रैल 2026 को दंड प्रक्रिया से संबंधित प्रावधानों के तहत आरोपियों से सवाल-जवाब किए गए। समाचार के मुताबिक, दोनों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया था। इस चरण में आरोपियों को अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के संबंध में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ी और अंतिम बहस की दिशा में कार्यवाही जारी रही।
17 सितंबर 2026: अंतिम बहस पूरी
17 सितंबर 2026 को मामले में अंतिम बहस पूरी होने की जानकारी दी गई है। अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए दोनों दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों, गवाहियों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार किया। इसके बाद 30 सितंबर को दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया गया और सजा पर फैसला बाद के लिए सुरक्षित रखा गया।
30 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026: दोषसिद्धि से सजा तक
30 सितंबर 2026 को अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या, साक्ष्य छिपाने तथा आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया। इसके बाद अदालत ने सजा के प्रश्न पर विचार किया। 14 अक्टूबर 2026 को दोनों को मृत्युदंड सुनाए जाने की खबर सामने आई। समाचार के अनुसार, फैसला सुनते ही दोनों भावुक होकर रो पड़े और अदालत में मौजूद सौरभ के परिजनों ने निर्णय पर संतोष जताया।
नीला ड्रम हत्याकांड क्यों बना देशभर में चर्चा का विषय?
इस मामले में हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर ड्रम में छिपाने के आरोपों ने लोगों को झकझोर दिया था। वारदात के बाद आरोपियों के घूमने जाने की खबरों ने भी मामले को व्यापक चर्चा में ला दिया। पुलिस की जांच में जुटाए गए भौतिक साक्ष्य, गवाहियों और अन्य जानकारियों को अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने रखा। अदालत के मृत्युदंड संबंधी फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, हालांकि फैसले के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी उपायों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया का महत्व बना रहेगा।
राइजिंग न्यूज़ | अमेठी, उत्तर प्रदेश | 14 अक्टूबर 2026
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अमेठी में स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोलीं—जो अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकता, वह शहंशाह बनने चला
समाचार लेख
अमेठी में भारतीय जनता पार्टी की नेता स्मृति ईरानी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए तीखा राजनीतिक हमला बोला है। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक क्षमता और नेतृत्व को लेकर सवाल उठाए। स्मृति ईरानी ने अपने बयान में तंज कसते हुए कहा कि जो व्यक्ति अमेठी में अपने दम पर चुनाव तक नहीं लड़ सकता, वह शहंशाह बनने चला है। उनके इस बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अमेठी और गांधी परिवार को लेकर सियासी चर्चा तेज होने की संभावना है।
राहुल गांधी पर स्मृति ईरानी का तीखा बयान
स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उनके नेतृत्व और राजनीतिक दावों पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि अमेठी में अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ पाने वाला व्यक्ति शहंशाह बनने का सपना देख रहा है। इस बयान के जरिए उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक भूमिका पर कटाक्ष किया। उनका यह हमला ऐसे समय में सामने आया है, जब कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप लगातार जारी हैं।
अमेठी की राजनीति फिर चर्चा में
अमेठी उत्तर प्रदेश की उन महत्वपूर्ण लोकसभा सीटों में शामिल है, जिसका गांधी परिवार से लंबे समय तक राजनीतिक संबंध रहा है। वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी ने राहुल गांधी को अमेठी सीट पर हराकर बड़ी राजनीतिक जीत दर्ज की थी। हालांकि, वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी ने रायबरेली से जीत हासिल की, जबकि अमेठी सीट पर कांग्रेस के किशोरी लाल शर्मा ने स्मृति ईरानी को पराजित किया। यही वजह है कि अमेठी से जुड़े राजनीतिक बयान आज भी राष्ट्रीय राजनीति में विशेष महत्व रखते हैं।
समाजवादी पार्टी पर भी साधा निशाना
समाचार के उपलब्ध विवरण के अनुसार, स्मृति ईरानी ने अमेठी में समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उनके बयान को उत्तर प्रदेश में विपक्षी दलों के खिलाफ भाजपा की राजनीतिक रणनीति के संदर्भ में देखा जा सकता है। हालांकि, समाजवादी पार्टी को लेकर उनके बयान की पूरी जानकारी उपलब्ध नहीं है। इसलिए उनके आरोपों और टिप्पणियों के अन्य विवरणों की स्वतंत्र पुष्टि के बिना उन्हें तथ्य के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं होगा।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन को लेकर भी राजनीतिक तकरार
स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर यह हमला ऐसे समय में सामने आया है, जब दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर राजनीतिक बयानबाजी जारी है। विपक्षी दलों और भाजपा के बीच चुनावी प्रक्रिया, विरोध प्रदर्शन तथा राजनीतिक नेतृत्व को लेकर आरोप-प्रत्यारोप देखने को मिल रहे हैं। हालांकि, अमेठी में दिए गए स्मृति ईरानी के बयान और दिल्ली में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच किसी सीधे संबंध की पुष्टि उपलब्ध विवरण से नहीं होती। इस पूरे घटनाक्रम में विभिन्न राजनीतिक दलों के बयान आने से सियासी माहौल गर्म बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज
स्मृति ईरानी के इस बयान ने राहुल गांधी और अमेठी की राजनीति को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा के दौरान नेताओं की ओर से एक-दूसरे पर निशाना साधना आम बात है। ऐसे बयानों का असर समर्थकों के बीच राजनीतिक बहस पर भी पड़ता है। अब इस बयान पर कांग्रेस की ओर से कोई प्रतिक्रिया आती है या नहीं, इस पर राजनीतिक नजरें बनी रहेंगी।
समाचार की अन्य जानकारी
संक्षिप्त सार: भाजपा नेता स्मृति ईरानी ने अमेठी में राहुल गांधी पर तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि जो अपने दम पर चुनाव नहीं लड़ सकता, वह शहंशाह बनने चला है। उन्होंने समाजवादी पार्टी को भी निशाने पर लिया। उनके बयान से उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर अमेठी और राहुल गांधी को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
मुख्य शब्द: स्मृति ईरानी, राहुल गांधी, अमेठी समाचार, भाजपा कांग्रेस विवाद, उत्तर प्रदेश राजनीति, समाजवादी पार्टी, अमेठी लोकसभा सीट, स्मृति ईरानी बयान, राहुल गांधी पर हमला, राजनीतिक समाचार, भारतीय जनता पार्टी, कांग्रेस समाचार
अंग्रेज़ी में वेब पते का शब्दांकन: smriti-irani-attack-rahul-gandhi-amethi-political-statement
वेबसाइट का पता: https://therisingnews.co.in/smriti-irani-attack-rahul-gandhi-amethi-political-statement/
विषय श्रेणी: उत्तर प्रदेश
स्थान: अमेठी, उत्तर प्रदेश
प्रमुख चिह्न: #स्मृतिईरानी #राहुलगांधी #अमेठी #उत्तरप्रदेश #भाजपा #कांग्रेस #समाजवादीपार्टी #राजनीतिसमाचार #अमेठीलोकसभा #दिराइजिंगन्यूज
लघु दृश्य शीर्षक: स्मृति ईरानी का राहुल गांधी पर तीखा हमला, बोलीं—शहंशाह बनने चले!
प्रकाशन संबंधी सुझाव: समाचार का शीर्षक और मुख्य विवरण प्रकाशित करने से पहले मूल समाचार में दिए गए स्मृति ईरानी के बयान तथा समाजवादी पार्टी पर उनकी टिप्पणी का पूरा संदर्भ अवश्य जाँच लें।
कैटेगरी: उत्तर प्रदेश
द राइजिंग न्यूज़ | मेरठ, उत्तर प्रदेश | 14 अक्टूबर 2026
शीर्षक
नीला ड्रम हत्याकांड: मुस्कान और साहिल को फांसी की सजा, फैसला सुनते ही रो पड़े दोनों; जानिए हत्या से सजा तक की पूरी समयरेखा
समाचार लेख
उत्तर प्रदेश के मेरठ में चर्चित नीला ड्रम हत्याकांड में अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को मृत्युदंड की सजा सुनाई है। मर्चेंट नेवी में कार्यरत रहे सौरभ राजपूत की हत्या के इस मामले ने पूरे देश को झकझोर दिया था। अभियोजन पक्ष के अनुसार, सौरभ की हत्या करने के बाद उनके शव के टुकड़े करके नीले ड्रम में छिपा दिया गया था। समाचार में दी गई जानकारी के मुताबिक, 14 अक्टूबर 2026 को सजा का ऐलान होते ही दोनों दोषी भावुक होकर रो पड़े, जबकि सौरभ के परिजनों ने अदालत के फैसले पर संतोष जताया।
अदालत ने सुनाई मृत्युदंड की सजा
मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत ने मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को सौरभ राजपूत की हत्या से जुड़े मामले में दोषी ठहराने के बाद मृत्युदंड की सजा सुनाई। इससे पहले 30 सितंबर 2026 को अदालत ने दोनों को हत्या, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े आरोपों में दोषी करार दिया था। इसके बाद अदालत ने सजा के प्रश्न पर सुनवाई करते हुए अपना फैसला सुनाया। इस फैसले के साथ ही मामले की लंबी सुनवाई का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ, हालांकि आगे की न्यायिक प्रक्रिया का अधिकार बना रहता है।
वर्ष 2016 में हुई थी सौरभ और मुस्कान की शादी
सौरभ राजपूत और मुस्कान रस्तोगी की वर्ष 2016 में प्रेम विवाह हुआ था। दोनों की एक बेटी भी थी और सौरभ समुद्री जहाजों से जुड़े क्षेत्र में काम करते थे। समाचार में दी गई जानकारी के अनुसार, सौरभ विदेश में काम करने के बाद फरवरी 2025 में मेरठ स्थित अपने घर लौटे थे। परिवार में पत्नी और बेटी के जन्मदिन मनाए जाने के कुछ ही दिनों बाद ऐसी घटना हुई, जिसने इस परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी।
3 मार्च 2025: हत्या की वारदात
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 3 मार्च 2025 को मुस्कान ने सौरभ के खाने में नींद की दवा मिलाई थी। सौरभ के बेहोश होने के बाद साहिल को घर बुलाया गया और दोनों ने कथित तौर पर चाकू से हमला कर उनकी हत्या कर दी। जांच में सामने आए विवरण के मुताबिक, वारदात के बाद शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाई गई। पुलिस ने बाद में जुटाए गए साक्ष्यों और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा।
4 मार्च 2025: नीले ड्रम में छिपाया गया शव
समाचार में दिए गए घटनाक्रम के अनुसार, हत्या के अगले दिन शव के कई टुकड़े किए गए और उन्हें नीले प्लास्टिक के ड्रम में रखा गया। शव को छिपाने के लिए ड्रम में सीमेंट और रेत का इस्तेमाल किए जाने की बात जांच में सामने आई। इस तरीके के कारण यह मामला अत्यंत गंभीर और भयावह अपराध के रूप में चर्चा में आया। बाद में घर से दुर्गंध आने और पुलिस की जांच के दौरान ड्रम से शव के अवशेष बरामद किए गए।
5 मार्च 2025: हिमाचल प्रदेश घूमने गए आरोपी
अभियोजन के अनुसार, वारदात के बाद मुस्कान और साहिल हिमाचल प्रदेश घूमने चले गए थे। समाचार में बताया गया कि दोनों ने इस दौरान सामाजिक माध्यमों पर तस्वीरें और चलचित्र भी साझा किए। जांच के दौरान यह घटनाक्रम मामले का महत्वपूर्ण हिस्सा बना। पुलिस ने दोनों की गतिविधियों और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की पड़ताल करके हत्या के बाद की घटनाओं को समझने का प्रयास किया।
17 और 18 मार्च 2025: मामले का खुलासा
समाचार में दी गई समयरेखा के अनुसार, मुस्कान और साहिल 17 मार्च 2025 को हिमाचल प्रदेश से लौटे थे। इसके बाद 18 मार्च को सौरभ के भाई राहुल ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। घर से दुर्गंध आने के बाद पुलिस ने जांच की और नीले ड्रम से सौरभ के शव के अवशेष बरामद किए। इसके बाद हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई और घटनाक्रम की परतें खुलने लगीं।
19 मार्च 2025: मुस्कान और साहिल गिरफ्तार
पुलिस ने 19 मार्च 2025 को मुस्कान रस्तोगी और साहिल शुक्ला को गिरफ्तार कर लिया। दोनों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया था। इस मामले ने उस समय व्यापक जनचर्चा पैदा की, क्योंकि हत्या के बाद शव को छिपाने के तरीके ने लोगों को स्तब्ध कर दिया था। पुलिस ने जांच के दौरान घटनास्थल से मिले साक्ष्यों और अन्य जानकारियों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला मजबूत करने का प्रयास किया।
12 मई 2025: पुलिस ने दाखिल की आरोपपत्र
पुलिस ने 12 मई 2025 को मामले में विस्तृत आरोपपत्र दाखिल किया। समाचार में इसके लगभग एक हजार पृष्ठों का होने की जानकारी दी गई है। इसमें हत्या, साक्ष्य नष्ट करने और आपराधिक षड्यंत्र जैसे आरोप शामिल किए गए थे। आरोपपत्र दाखिल होने के बाद अदालत में मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ी और अभियोजन पक्ष ने आरोपों के समर्थन में साक्ष्य प्रस्तुत किए।
जुलाई 2025 से शुरू हुई मुकदमे की सुनवाई
जुलाई 2025 में मेरठ की जिला एवं सत्र अदालत में मामले की सुनवाई शुरू हुई। समाचार के अनुसार, मुकदमे के दौरान अनेक पेशियां हुईं और दो दर्जन से अधिक गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अभियोजन पक्ष ने घटनाक्रम से जुड़े साक्ष्यों और गवाहियों के आधार पर आरोप साबित करने की कोशिश की। दूसरी ओर, आरोपियों को अपना पक्ष रखने और आरोपों का जवाब देने का अवसर मिला।
नवंबर 2025: जेल में मुस्कान ने दिया दूसरी बेटी को जन्म
समाचार में बताया गया है कि नवंबर 2025 में मुस्कान ने जेल में दूसरी बेटी को जन्म दिया था। इस घटनाक्रम के कारण मामला एक बार फिर चर्चा में आया। हालांकि, बच्चे के जन्म का हत्या के आरोपों और अदालत में प्रस्तुत साक्ष्यों से अलग कानूनी महत्व है। अदालत ने मामले का निर्णय उपलब्ध साक्ष्यों और लागू कानून के आधार पर किया।
21 अप्रैल 2026: आरोपियों से हुई पूछताछ
मुकदमे की सुनवाई के दौरान 21 अप्रैल 2026 को दंड प्रक्रिया से संबंधित प्रावधानों के तहत आरोपियों से सवाल-जवाब किए गए। समाचार के मुताबिक, दोनों ने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों से इनकार किया था। इस चरण में आरोपियों को अभियोजन पक्ष के साक्ष्यों के संबंध में अपना पक्ष रखने का अवसर दिया गया। इसके बाद मामले की सुनवाई आगे बढ़ी और अंतिम बहस की दिशा में कार्यवाही जारी रही।
17 सितंबर 2026: अंतिम बहस पूरी
17 सितंबर 2026 को मामले में अंतिम बहस पूरी होने की जानकारी दी गई है। अभियोजन पक्ष ने अपराध की गंभीरता का हवाला देते हुए दोनों दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी। अदालत ने मामले से जुड़े तथ्यों, गवाहियों और प्रस्तुत साक्ष्यों पर विचार किया। इसके बाद 30 सितंबर को दोषसिद्धि का निर्णय सुनाया गया और सजा पर फैसला बाद के लिए सुरक्षित रखा गया।
30 सितंबर से 14 अक्टूबर 2026: दोषसिद्धि से सजा तक
30 सितंबर 2026 को अदालत ने मुस्कान और साहिल को हत्या, साक्ष्य छिपाने तथा आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े आरोपों में दोषी ठहराया। इसके बाद अदालत ने सजा के प्रश्न पर विचार किया। 14 अक्टूबर 2026 को दोनों को मृत्युदंड सुनाए जाने की खबर सामने आई। समाचार के अनुसार, फैसला सुनते ही दोनों भावुक होकर रो पड़े और अदालत में मौजूद सौरभ के परिजनों ने निर्णय पर संतोष जताया।
नीला ड्रम हत्याकांड क्यों बना देशभर में चर्चा का विषय
इस मामले में हत्या के बाद शव को टुकड़ों में काटकर ड्रम में छिपाने के आरोपों ने लोगों को झकझोर दिया था। वारदात के बाद आरोपियों के घूमने जाने की खबरों ने भी मामले को व्यापक चर्चा में ला दिया। पुलिस की जांच में जुटाए गए भौतिक साक्ष्य, गवाहियों और अन्य जानकारियों को अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने रखा। अदालत के मृत्युदंड संबंधी फैसले के बाद यह मामला एक बार फिर सुर्खियों में है, हालांकि फैसले के विरुद्ध उपलब्ध कानूनी उपायों और आगे की न्यायिक प्रक्रिया का महत्व बना रहेगा।
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