संभल हिंसा..अयान हत्याकांड में दोषी ठहराने पर सुनवाई कल:मुल्ला अफरोज-गुलाम आरोपी, अफरोज के गवाहों की सुनवाई 16 अक्टूबर को होगी
संभल में संभल हिंसा से जुड़े अयान हत्याकांड में आरोपी मुल्ला अफरोज और गुलाम की सुनवाई बुधवार को नहीं हुई। अब मामले में 15 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बुधवार शाम 5:30 बजे इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि गुलाम को मुरादाबाद जेल से लाकर अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं, मुल्ला अफरोज सुप्रीम कोर्ट से राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) रद्द होने के बाद बाहर है। गुलाम ने साक्ष्य और गवाह पेश करने से किया इनकार जिला न्यायाधीश डॉ. विदुषी सिंह की अदालत में संभल कोतवाली के अपराध संख्या 339/2024 से जुड़े अयान हत्याकांड की सुनवाई चल रही है। मामले में आरोपियों को अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया था। बुधवार को गुलाम ने अदालत में कोई साक्ष्य या गवाह पेश करने से इनकार कर दिया। बीती 9 अक्टूबर को पेशी के दौरान मुल्ला अफरोज और गुलाम ने एक-दूसरे को पहचानने से इनकार किया था। दोनों ने कहा था कि उन्होंने कोई घटना नहीं की और पुलिस ने उन्हें झूठा फंसाया है। इसके बाद अदालत ने उन्हें अपने बचाव में साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए समय दिया था। गवाहों की सूची के मामले में 16 अक्टूबर को पेशी जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित के मुताबिक, मुल्ला अफरोज की ओर से दी गई गवाहों की सूची से जुड़े मामले में 16 अक्टूबर को पेशी होगी। अयान हत्याकांड में दोनों आरोपियों की सुनवाई के लिए 15 अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई है। सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज पर लगा NSA रद्द किया बीती 29 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने मुल्ला अफरोज पर लगाए गए राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) को रद्द कर दिया था। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार पर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया था। अदालत ने आदेश दिया था कि एक महीने के भीतर याचिकाकर्ता को मुआवजे की रकम दी जाए। शाही जामा मस्जिद के सर्वे के दौरान भड़की थी हिंसा 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष ने चंदौसी की सिविल सीनियर डिवीजन अदालत में संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा करते हुए याचिका दाखिल की थी। अदालत के आदेश पर उसी दिन सर्वे का पहला चरण पूरा हुआ। दूसरा चरण 24 नवंबर 2024 को हुआ। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हुए। सर्वे के दौरान हिंसा भड़क गई। पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई। इसमें पांच लोगों की मौत हुई थी। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी और डिप्टी कलेक्टर समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हिंसा के मामले में 12 एफआईआर दर्ज संभल कोतवाली और नखासा थाने में हिंसा के संबंध में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गई थीं। इनमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत कई लोगों को नामजद किया गया था। पुलिस ने 2,750 से अधिक लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए थे। हालांकि, चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर विधायक के बेटे का नाम हटा दिया गया था।
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