संभल हिंसाः14 अक्टूबर को अयान हत्याकांड में 351BNS की सुनवाई:अयान हत्याकांड में मुल्ला अफरोज और गुलाम के वकील ने विवेचक से की जिरह
संभल हिंसा में अयान हत्याकांड मामले में आरोपी मुल्ला अफरोज और गुलाम के अधिवक्ता आसिफ अख्तर ने मंगलवार को जिला कोर्ट में विवेचक मेघपाल सिंह से जिरह की। शाम 4 बजे जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि विवेचक से जिरह पूरी हो गई है। अब मामले में धारा 351 BNSS (313 CRPC) के तहत सुनवाई होगी। इसके लिए 14 अक्टूबर की तारीख तय की गई है। इस दौरान दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जाएगा। जिला शासकीय अधिवक्ता राहुल दीक्षित ने बताया कि संभल कोतवाली में दर्ज अपराध संख्या 339/2024 में कामिल वादी है। उसके भाई अयान की मृत्यु हुई थी। इस मामले में विवेचक से जिरह होनी थी, जिसमें मुल्ला अफरोज के अधिवक्ता आसिफ अख्तर की जिरह बाकी थी। मंगलवार को उन्होंने अपनी जिरह पूरी कर ली। जिरह के दौरान मुल्ला अफरोज से जुड़े कई बिंदुओं पर सवाल पूछे गए। अधिवक्ता ने विवेचक से पूछा कि क्या उन्होंने इस बात की तस्दीक की कि मुल्ला अफरोज ने हत्याकांड नहीं कराया। इसके अलावा उसकी आपराधिक हिस्ट्री और गवाह सजन श्रीमाली के संबंध में भी सवाल किए गए। शारिक साठा के नाम पर अभियोजन ने जताई आपत्ति जिरह के दौरान मुल्ला अफरोज के कथित गैंग लीडर शारिक साठा को लेकर भी सवाल पूछे गए। राहुल दीक्षित ने बताया कि शारिक साठा को आरोपी पक्ष की ओर से बॉस कहकर बुलाए जाने से संबंधित सवाल पर अभियोजन ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि शारिक साठा की ओर से कोई वकील नहीं है और न ही उसका वकालतनामा दाखिल है। वह भगोड़ा अपराधी है और उसके खिलाफ लुकआउट सर्कुलर तथा रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका है। अभियोजन की आपत्ति पर कोर्ट ने कहा कि केस से संबंधित दो-चार सवाल पूछे जा सकते हैं, लेकिन शारिक साठा के बारे में अन्य सवाल नहीं किए जा सकते। अब आरोपियों के बयान की होगी कार्रवाई राहुल दीक्षित ने बताया कि दोनों अभियुक्तों के खिलाफ अब धारा 351 BNSS के तहत कार्रवाई होगी। इसके बाद यदि आरोपी सफाई साक्ष्य देना चाहेंगे तो उस स्तर पर साक्ष्य पेश किए जाएंगे। इसके बाद मामला अंतिम बहस के लिए जाएगा। नवंबर 2024 में सर्वे के दौरान हुई थी हिंसा 19 नवंबर 2024 को हिंदू पक्ष की ओर से संभल की शाही जामा मस्जिद को श्रीहरिहर मंदिर होने का दावा सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी में पेश किया गया था। कोर्ट के आदेश पर उसी दिन शाम को पहले चरण का सर्वे हुआ। दूसरे चरण का सर्वे 24 नवंबर को किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए और हिंसा भड़क गई। हिंसा के दौरान पुलिस पर पथराव और फायरिंग की गई थी। इसमें पांच लोगों की मौत हुई थी, जबकि एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई, एएसपी अनुज चौधरी, डिप्टी कलेक्टर समेत 29 पुलिसकर्मी घायल हुए थे। हिंसा के बाद संभल कोतवाली और नखासा थाने में कुल 12 एफआईआर दर्ज की गईं। इनमें सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क और सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल समेत कई लोगों को नामजद किया गया। 2750 से अधिक लोगों पर मुकदमा दर्ज हुआ। हालांकि, चार्जशीट में साक्ष्यों के आधार पर विधायक पुत्र का नाम निकाल दिया गया।
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