संभल में विजयदशमी पर RSS का पथ संचलन निकला:विवादित धार्मिक स्थल के निकट से होकर गुजरा, चार थानों की पुलिस
संभल कल्कि नगरी में विवादित धार्मिक स्थल श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद के निकट से वाली सड़क से होकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का विजय दशमी एवं संघ की स्थापना दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाते हुए पथ संचलन निकाला गया। सुरक्षा को देखते हुए सीओ संभल कुलदीप कुमार चार थानों की पुलिस, PAC-RRF के साथ अलर्ट रहें। मंगलवार की सुबह 10 बजे संभल के जिला मुख्यालय से 25 किलोमीटर दूर संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र में विजयदशमी एवं राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का स्थापना दिवस मनाया गया।स्वंयसेवकों ने शस्त्रों का पूजन किया और पूर्व विभाग कारवाह छत्रपाल के बौद्धिक कार्यक्रम के बाद पूर्ण गणवेशधारी स्वंयसेवक पथ संचलन के लिए निकले, पं. हितेश मिश्रा ने सभी स्वंयसेवकों के चंदन का तिलक किया। शहीद सरदार भगत सिंह पार्क से पथ संचलन शुरु किया गया, उसके आगे सीओ-इंस्पेक्टर-एसओ ने व्यवस्था संभाली, उसके पीछे पैदल हाथों में लाठी लिए स्वयंसेवक कतारबद्ध होकर चले। सरस्वती विद्या मंदिर के छात्रों का बैंड भी शामिल हुआ। जगह-जगह पर स्वंयसेवकों पर पुष्पवर्षा कर भारत माता की जय एवं वंदे मातरम् के जयकारों के साथ स्वागत किया गया। पथ संचलन में बाल स्वयंसेवक आकर्षण का केंद्र रहें। वहीं कार्यक्रम में कमलकौशल वार्ष्णेय, मनोज गुप्ता, अक्षित गर्ग, राजुल गुप्ता, मनीष रस्तोगी, राजेश सिंघल, परीक्षित मोंगिया, हिमांशु शर्मा, धीरेंद्र सिंह, अतुल गुप्ता नरेंद्र रुहेला, अक्षित अग्रवाल, अरविंद प्रजापति आदि मौजूद रहें।
अनुपम सुधांशु ने कहा कि वर्ष 1925 में RSS की स्थापना हुई थी और डॉ. हेडगेवार ने हिंदू को संगठित करने के लिए इसकी स्थापना की थी। पहले हिंदू विभाजित था एकता नहीं थी, पूरे हिंदू समाज को एक सूत्र में बांधने के लिए विजयदशमी के दिन संगठन की स्थापना हुई। संगठन हिंदू समाज और देश को एक करने का महत्वपूर्ण काम करता है। संजय सांख्यधर ने कहा कि आज विजयदशमी के दिन ही संघ की स्थापना हुई थी, संभल शहर में पथ संचलन निकाला गया है। कपिल सिंघल ने कहा कि विजयदशमी का पर्व पर बुराइयों को खत्म करते हुए अच्छाई और सत्य की जीत होती है। वर्ष 1925 को RSS की स्थापना हुई थी, इसी उपलक्ष्य में विजयदशमी पर आज पथ संचलन निकाला है।
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